Vaibhav Sooryavanshi: दलीप ट्रॉफी 2026 के सेमीफाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी से तहलका मचा दिया। 15 साल की उम्र में उन्होंने महज 42 गेंदों पर अर्धशतक जड़कर दलीप ट्रॉफी के इतिहास में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। दलीप ट्रॉफी 2026 के सेमीफाइनल में ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए इस युवा बल्लेबाज ने ऐसा रिकॉर्ड बना दिया, जो करीब छह दशक से कायम था। वैभव ने सिर्फ 42 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने वाले बल्लेबाज बन गए।
बेंगलुरु में ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच खेले जा रहे सेमीफाइनल मुकाबले में वैभव ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने अपनी पारी में 81 गेंदों पर 92 रन बनाए। हालांकि वह शतक से चूक गए, लेकिन उनकी इस पारी ने रिकॉर्ड बुक में उनका नाम जरूर दर्ज करा दिया।
42 गेंदों में फिफ्टी, 57 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
वैभव सूर्यवंशी ने 15 साल और 175 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाने का कारनामा किया। उन्होंने 42 गेंदों में छक्का लगाकर अपनी फिफ्टी पूरी की।
इस उपलब्धि के साथ वैभव ने लक्ष्मण सिंह का 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। लक्ष्मण सिंह ने 1969 में 16 साल और 23 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाया था। अब यह रिकॉर्ड वैभव सूर्यवंशी के नाम हो गया है।
दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने वाले बल्लेबाज
| खिलाड़ी | उम्र |
|---|---|
| वैभव सूर्यवंशी | 15 साल 175 दिन |
| लक्ष्मण सिंह (1969) | 16 साल 23 दिन |
| पीयूष चावला (2025) | 16 साल 307 दिन |
इस आंकड़े से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वैभव ने कितनी कम उम्र में घरेलू क्रिकेट के एक बड़े टूर्नामेंट में इतिहास रच दिया है।
बल्ले के साथ गेंद से भी दिखाया दम
वैभव सूर्यवंशी की खासियत सिर्फ उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी नहीं है। वह जरूरत पड़ने पर गेंदबाजी में भी योगदान दे सकते हैं। दलीप ट्रॉफी 2026 के क्वार्टर फाइनल में भले ही वह बल्ले से जल्दी आउट हो गए थे, लेकिन गेंदबाजी करते हुए उन्होंने उपयोगी प्रदर्शन किया।
उन्होंने क्वार्टर फाइनल में 3 ओवर में 11 रन देकर 1 विकेट हासिल किया था। इससे ईस्ट जोन को विपक्षी टीम पर दबाव बनाने में मदद मिली।
ईशान किशन के बाहर जाने पर वैभव ने संभाली कप्तानी
सेमीफाइनल के पहले दिन वैभव सूर्यवंशी को एक और खास जिम्मेदारी निभाने का मौका मिला। ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन की कलाई पर गेंद लगने के बाद उन्हें कुछ समय के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा।
ऐसे में वैभव ने करीब एक घंटे तक टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली। इतनी कम उम्र में मैदान पर नेतृत्व करना उनके लिए निश्चित रूप से एक अलग अनुभव रहा।
इस दौरान वैभव ने DRS का भी इस्तेमाल किया और उनका लिया गया रिव्यू सफल रहा। सोशल मीडिया पर भी उनके इस फैसले और मैदान पर आत्मविश्वास की चर्चा देखने को मिली।
‘मैं विकेट लेने वाला गेंदबाज हूं…’, वैभव ने सुनाया मजेदार किस्सा
मैच के दौरान गेंदबाजी करने के अनुभव को लेकर वैभव सूर्यवंशी ने BCCI की ओर से शेयर किए गए वीडियो में अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि जब विकेट नहीं गिर रहे थे, तब उन्हें कुछ ओवर गेंदबाजी करने के लिए कहा गया।
वैभव ने मजाकिया अंदाज में कहा कि ईशान किशन को लगा था कि उनसे गेंदबाजी करवाना थोड़ा जोखिम भरा फैसला हो सकता है, लेकिन उन्हें यह पता नहीं था कि वह विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं।
उन्होंने बताया कि उनका ध्यान सिर्फ अपनी गेंदबाजी पर था और वह एक ही जगह पर गेंद डालकर अपना स्पेल अच्छे तरीके से पूरा करना चाहते थे।
छोटी उम्र में लगातार बड़े रिकॉर्ड
वैभव सूर्यवंशी पिछले कुछ समय से अपनी उम्र से कहीं अधिक परिपक्व क्रिकेट खेलने के कारण सुर्खियों में रहे हैं। कम उम्र में बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने की उनकी क्षमता ने क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान खींचा है।
दलीप ट्रॉफी में 57 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ना उनकी प्रतिभा का एक और उदाहरण है। खास बात यह है कि उन्होंने यह उपलब्धि सिर्फ रिकॉर्ड बनाने के लिए नहीं, बल्कि एक प्रभावशाली 92 रन की पारी के दौरान हासिल की।
अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस बात पर रहेगी कि वैभव सूर्यवंशी आने वाले मुकाबलों में अपने प्रदर्शन को किस स्तर तक ले जाते हैं। इतनी कम उम्र में लगातार बड़े मंच पर मौके मिलना उनके क्रिकेट करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।


