नेपाल में 26 अगस्त की विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन से हालात अभी सामान्य भी नहीं हुए हैं कि एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों के लिए नया अलर्ट जारी किया है। रविवार सुबह कई लोगों के मोबाइल फोन पर चेतावनी संदेश भेजकर सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया।
Nepal Flash Flood: नेपाल में कुछ दिन पहले आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी। बाढ़ और भूस्खलन से सैकड़ों लोगों की मौत हुई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव अभियान के बीच अब भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर चिंता बढ़ गई है।
अधिकारियों ने रविवार को नदी के आसपास और पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से कहा गया है कि वे किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहें और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने में देरी न करें।
लोगों के मोबाइल पर भेजे गए चेतावनी संदेश
रविवार सुबह प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के मोबाइल फोन पर बाढ़ को लेकर चेतावनी संदेश भेजे गए। अचानक जारी हुए इस अलर्ट के बाद पहले से बाढ़ की मार झेल रहे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
लगातार मिल रही चेतावनियों के कारण कई प्रभावित गांवों में डर और असमंजस का माहौल बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं, राहत और बचाव दल भी बाढ़ से प्रभावित इलाकों में लगातार काम कर रहे हैं।
काठमांडू को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से जोड़ने वाले प्रमुख हाईवे को फिर से खोलने की कोशिशें भी जारी हैं। इस रास्ते के दोबारा चालू होने से राहत सामग्री और बचाव दलों की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है।
चीन से मिली जानकारी के बाद जारी हुआ अलर्ट
नेपाल में नया बाढ़ अलर्ट चीन से मिली ताजा जानकारी के बाद जारी किया गया है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रमुख धर्म राज उप्रेती के अनुसार, ऊपरी इलाकों में पानी के बहाव में बढ़ोतरी की सूचना मिली है।
इस जानकारी के बाद भोटेकोशी नदी के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। अधिकारियों ने लोगों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने की सलाह दी है।
न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, करीब 5.6 किलोमीटर दूर स्थित एक बड़े गड्ढे में अब भी काफी मात्रा में पानी जमा है। इसकी स्थिति को लेकर भी अधिकारियों की चिंता बनी हुई है। प्रशासन लगातार इस क्षेत्र की निगरानी कर रहा है ताकि पानी का बहाव बढ़ने पर समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें।
788 लोगों की मौत, 2,502 अब भी लापता
26 अगस्त को आई बाढ़ और भूस्खलन ने नेपाल के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई। आपदा प्रबंधन एजेंसी के मुताबिक, बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 788 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,502 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
चीन की सीमा से लगे प्रभावित इलाकों में भी स्थिति गंभीर है। अधिकारियों के अनुसार, इन क्षेत्रों में 16 लोगों की मौत हुई है और 546 लोग लापता हैं। राहत एवं बचाव अभियान के साथ-साथ लापता लोगों की तलाश भी लगातार जारी है।
कई प्रभावित इलाकों में सड़कें, पुल और दूसरे बुनियादी ढांचे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। ऐसे में राहत सामग्री पहुंचाना और प्रभावित लोगों तक बचाव दलों को पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है।
ग्लेशियर का हिस्सा टूटने से अचानक बढ़ा पानी
नेपाल और तिब्बत के हिमालयी इलाकों में आई बाढ़ के पीछे ग्लेशियर से जुड़ी घटना को भी प्रमुख कारणों में बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटने के बाद बड़ी मात्रा में पानी और मलबा नीचे की ओर आया, जिससे नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया।
तेज बहाव और मलबे की चपेट में आने से कई घर, पुल और अन्य ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए। हिमालयी क्षेत्र में इस घटना का असर नेपाल और तिब्बत के कई इलाकों में देखने को मिला।
इस आपदा के बाद कई विदेशी नागरिकों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें ऐसे लोग शामिल हैं जो नौकरी, पर्वतीय यात्रा या धार्मिक यात्रा के लिए हिमालयी क्षेत्रों में पहुंचे थे।
राहत कार्य के बीच फिर बढ़ी चिंता
नेपाल में राहत और बचाव अभियान अभी जारी है, लेकिन भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। पहले से प्रभावित क्षेत्रों में दोबारा बाढ़ आने की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन लोगों को सतर्क रहने की लगातार सलाह दे रहा है।
फिलहाल अधिकारियों की नजर नदी के जलस्तर, ऊपरी इलाकों से आने वाले पानी और पानी जमा होने वाले संवेदनशील क्षेत्रों पर बनी हुई है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए कदम उठाए जाएंगे।


