Apple CEO Retire: Apple के CEO टिम कुक का करीब 15 साल लंबा कार्यकाल 31 अगस्त को खत्म हो रहा है। उनकी जगह कंपनी की कमान जॉन टर्नस संभालेंगे। हालांकि, टिम कुक पूरी तरह Apple से अलग नहीं होंगे और बोर्ड के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के तौर पर कंपनी से जुड़े रहेंगे।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: टेक्नोलॉजी की दुनिया की दिग्गज कंपनी Apple के लिए 31 अगस्त 2026 एक बड़े बदलाव का दिन है। कंपनी के मौजूदा CEO टिम कुक (Tim Cook) का मुख्य कार्यकारी अधिकारी के तौर पर कार्यकाल आज समाप्त हो रहा है। उनके बाद जॉन टर्नस (John Ternus) Apple के नए CEO के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे।
टिम कुक ने अगस्त 2011 में Apple की कमान संभाली थी। उस समय कंपनी के सह-संस्थापक और तत्कालीन CEO स्टीव जॉब्स की खराब सेहत के कारण नेतृत्व में बदलाव हुआ था। इसके बाद कुक ने लगभग डेढ़ दशक तक Apple का नेतृत्व किया और कंपनी को सिर्फ iPhone और Mac बनाने वाली हार्डवेयर कंपनी से आगे बढ़ाकर एक विशाल टेक और सर्विसेज इकोसिस्टम में बदलने में अहम भूमिका निभाई।
टिम कुक के कार्यकाल में Apple की तस्वीर बदली
टिम कुक के नेतृत्व में Apple ने कारोबार और बाजार मूल्य के लिहाज से जबरदस्त विस्तार किया। उनके कार्यकाल की शुरुआत में कंपनी का मार्केट कैप करीब 350 अरब डॉलर था, जो बढ़कर 4 ट्रिलियन डॉलर से अधिक के स्तर तक पहुंच गया।
Apple के शेयर में भी इस दौरान बड़ा उछाल देखने को मिला। कंपनी के शेयर की कीमत करीब 13 डॉलर के स्तर से बढ़कर 320 डॉलर के आसपास पहुंची। यानी निवेशकों के लिए भी कुक का दौर काफी शानदार रहा।
लेकिन कुक की सबसे बड़ी उपलब्धि केवल Apple का मार्केट कैप बढ़ाना नहीं थी। उन्होंने कंपनी के बिजनेस मॉडल में भी बड़ा बदलाव किया।
हार्डवेयर से आगे बढ़ा Apple का कारोबार
स्टीव जॉब्स के दौर में Apple की पहचान मुख्य रूप से iPhone, Mac और दूसरे हार्डवेयर प्रोडक्ट्स के लिए थी। टिम कुक ने इस मॉडल में सर्विसेज को एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनाया।
App Store, Apple Music, Apple Pay और दूसरी सेवाओं ने कंपनी के लिए लगातार और अपेक्षाकृत ज्यादा मार्जिन वाला रेवेन्यू तैयार किया। आज Apple का Services कारोबार कंपनी की कमाई का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है और इसकी सालाना आय 100 अरब डॉलर से ज्यादा के स्तर पर पहुंच चुकी है।
इस रणनीति ने Apple को सिर्फ नए डिवाइस बेचने पर निर्भर रहने के बजाय मौजूदा ग्राहकों से लगातार कमाई करने का मौका दिया।
Intel से दूरी, Apple Silicon पर दांव
टिम कुक के कार्यकाल में Apple ने अपनी चिप रणनीति में भी ऐतिहासिक बदलाव किया।
कंपनी ने Mac कंप्यूटरों के लिए Intel प्रोसेसर पर निर्भरता कम करते हुए अपने Apple Silicon चिप्स विकसित करना शुरू किया। इससे Apple को हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के बीच ज्यादा बेहतर तालमेल बनाने का मौका मिला।
अपने प्रोसेसर डिजाइन करने से कंपनी को परफॉर्मेंस, पावर एफिशिएंसी और प्रोडक्ट डेवलपमेंट पर ज्यादा नियंत्रण हासिल हुआ। यह बदलाव Apple के मौजूदा Mac लाइनअप की रणनीति का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया।
Apple Watch और AirPods ने बनाई नई पहचान
कुक के नेतृत्व में Apple ने कई नए प्रोडक्ट कैटेगरी में भी कदम रखा।
Apple Watch को 2015 में लॉन्च किया गया। कंपनी ने इसे सिर्फ स्मार्टवॉच के रूप में नहीं, बल्कि हेल्थ, फिटनेस और रोजमर्रा की कनेक्टिविटी से जोड़कर पेश किया।
इसके अगले साल AirPods बाजार में आए। वायरलेस ईयरबड्स की कैटेगरी को लोकप्रिय बनाने में AirPods की बड़ी भूमिका रही और यह Apple के लिए एक महत्वपूर्ण प्रोडक्ट लाइन बन गई।
इन दोनों प्रोडक्ट्स ने यह दिखाया कि Apple की ग्रोथ केवल iPhone पर निर्भर नहीं है।
हर फैसला नहीं रहा कामयाब
हालांकि, टिम कुक के कार्यकाल को पूरी तरह बेदाग नहीं कहा जा सकता। Apple को कुछ बड़े प्रोजेक्ट्स में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली।
2012 में लॉन्च हुए Apple Maps को शुरुआत में गलत और अधूरी जानकारी के कारण काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। कंपनी को बाद में इसे बेहतर बनाने के लिए लगातार काम करना पड़ा।
इसी तरह 2023 में पेश किया गया Apple Vision Pro भी बड़े पैमाने पर ग्राहकों को आकर्षित करने में संघर्ष करता रहा। इसकी ऊंची कीमत और सीमित उपभोक्ता बाजार इसके सामने बड़ी चुनौतियां बनीं।
Apple ने अपने महत्वाकांक्षी इलेक्ट्रिक और ऑटोनॉमस कार प्रोजेक्ट Project Titan को भी बंद कर दिया। कई वर्षों तक विकास पर काम करने के बाद कंपनी ने लागत, तकनीकी चुनौतियों और व्यावसायिक सफलता को लेकर अनिश्चितता के बीच इस परियोजना को रोकने का फैसला किया।
अब जॉन टर्नस के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या होगी?
टिम कुक के बाद Apple की कमान जॉन टर्नस के हाथों में होगी। टर्नस लंबे समय से Apple के हार्डवेयर संगठन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं और कंपनी के प्रोडक्ट डेवलपमेंट से गहराई से जुड़े रहे हैं।
उनके सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक Artificial Intelligence यानी AI की रेस हो सकती है।
Google, Microsoft और OpenAI जैसी कंपनियों ने AI को अपने प्रोडक्ट्स और सेवाओं में तेजी से शामिल किया है। Apple ने भी AI को लेकर कदम उठाए हैं, लेकिन कंपनी की रणनीति अपेक्षाकृत ज्यादा नियंत्रित रही है। Apple की ओर से प्राइवेसी, ऑन-डिवाइस कंप्यूटिंग और अपने इकोसिस्टम में AI के इंटीग्रेशन पर खास जोर दिया गया है।
अब टर्नस के सामने सवाल होगा कि Apple AI की दुनिया में अपनी पकड़ कैसे मजबूत करता है और Google तथा Microsoft जैसे प्रतिद्वंद्वियों की तेजी का मुकाबला कैसे करता है।
टिम कुक पूरी तरह Apple से नहीं होंगे अलग
CEO पद छोड़ने के बाद टिम कुक का Apple से रिश्ता खत्म नहीं होगा। वह कंपनी के Board Executive Chairman के रूप में अपनी भूमिका जारी रखेंगे।
इसका मतलब है कि Apple के नेतृत्व में बदलाव जरूर होगा, लेकिन कुक का अनुभव और रणनीतिक मार्गदर्शन कंपनी के साथ बना रहेगा।
टिम कुक के लिए यह एक ऐसे दौर का अंत है जिसमें Apple ने मार्केट वैल्यू, सर्विसेज, चिप टेक्नोलॉजी और नए प्रोडक्ट कैटेगरी के मामले में जबरदस्त विस्तार किया। अब देखना होगा कि जॉन टर्नस इस विरासत को आगे बढ़ाते हैं या Apple के लिए AI और अगली पीढ़ी की टेक्नोलॉजी पर एक नई रणनीति तैयार करते हैं।


