बेटी के भविष्य के लिए छोटी रकम से बचत शुरू करना चाहते हैं तो PPF और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) दोनों पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, दोनों योजनाओं का मकसद, ब्याज दर, निवेश की अवधि और पैसे निकालने के नियम अलग-अलग हैं। इसलिए सिर्फ ब्याज दर देखकर किसी एक स्कीम को चुनना सही नहीं होगा।
फिलहाल सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2% और PPF पर 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है। सुकन्या समृद्धि में ब्याज ज्यादा है, लेकिन यह योजना खासतौर पर बेटियों के लिए है और इसमें पैसे की निकासी पर कई शर्तें लागू होती हैं। दूसरी तरफ PPF में निवेश का इस्तेमाल व्यापक लॉन्ग टर्म फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए किया जा सकता है।
एक जरूरी बात यह है कि सिर्फ ₹50 से इन दोनों योजनाओं में सीधे निवेश शुरू नहीं किया जा सकता, क्योंकि दोनों में न्यूनतम सालाना जमा की अलग-अलग शर्तें हैं। इसलिए छोटी रकम से बचत की आदत शुरू करना अलग बात है, जबकि इन योजनाओं में निवेश के लिए निर्धारित न्यूनतम राशि का पालन करना जरूरी है।
सुकन्या समृद्धि योजना में मिल रहा 8.2% ब्याज
सुकन्या समृद्धि योजना को खास तौर पर बेटी के भविष्य के लिए बनाया गया है। इसमें 10 साल से कम उम्र की लड़की के नाम पर अकाउंट खोला जा सकता है। अभिभावक या कानूनी संरक्षक अकाउंट को संचालित कर सकता है।
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी ब्याज दर है। मौजूदा दर के हिसाब से SSY पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। सरकार समय-समय पर छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करती है, इसलिए भविष्य की दर अलग हो सकती है।
SSY में अकाउंट खुलने के बाद कुल अवधि 21 साल होती है। हालांकि निवेशक को पूरी 21 साल की अवधि तक पैसा जमा नहीं करना पड़ता। इसमें 15 साल तक योगदान किया जा सकता है, जबकि अकाउंट निर्धारित नियमों के तहत 21 साल में मैच्योर होता है।
बेटी के लिए अलग फंड बनाना हो तो SSY क्यों बेहतर?
अगर आपका मुख्य लक्ष्य बेटी की उच्च शिक्षा, भविष्य की जरूरतों या शादी के लिए एक अलग फंड तैयार करना है, तो सुकन्या समृद्धि उपयोगी विकल्प हो सकती है।
इसका एक बड़ा फायदा यह है कि अकाउंट बेटी के नाम पर होता है और पैसे को लंबे समय तक बचाकर रखने की संरचना तैयार होती है। ज्यादा ब्याज दर लंबे समय में कंपाउंडिंग के जरिए कॉर्पस को बढ़ाने में मदद कर सकती है।
लेकिन इसका दूसरा पहलू भी समझना जरूरी है। यह सामान्य सेविंग अकाउंट की तरह नहीं है, जहां जरूरत पड़ते ही पूरा पैसा निकाल लिया जाए।
18 साल की उम्र के बाद पढ़ाई के लिए निकासी की सुविधा
सुकन्या समृद्धि योजना में बेटी के 18 साल की उम्र पूरी करने या 10वीं कक्षा पास करने के बाद, नियमों के तहत उच्च शिक्षा के लिए आंशिक निकासी की सुविधा मिल सकती है।
आम तौर पर पिछले वित्त वर्ष के अंत में उपलब्ध राशि के आधार पर 50% तक निकासी की अनुमति होती है। निकासी एक साथ या नियमों के अनुसार किस्तों में की जा सकती है।
यानी अगर बेटी की पढ़ाई के लिए बड़ी रकम की जरूरत है तो SSY का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन सामान्य पारिवारिक खर्च के लिए इसे आसानी से निकालने का विकल्प नहीं है।
क्या सुकन्या अकाउंट समय से पहले बंद हो सकता है?
SSY का सामान्य मैच्योरिटी पीरियड 21 साल है, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में अकाउंट को समय से पहले बंद करने की अनुमति मिल सकती है।
उदाहरण के लिए, बेटी की 18 साल की उम्र के बाद शादी होने की स्थिति में लागू नियमों के तहत अकाउंट बंद किया जा सकता है। इसके अलावा खाताधारक की मृत्यु या कुछ निर्धारित गंभीर परिस्थितियों में भी प्रीमैच्योर क्लोजर के प्रावधान मौजूद हैं।
इसलिए SSY को ऐसी बचत के रूप में देखना बेहतर है जिसमें लंबे समय तक पैसे को बनाए रखने की क्षमता हो।
PPF में ब्याज 7.1%, लेकिन ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी
Public Provident Fund यानी PPF भी सरकार समर्थित लॉन्ग टर्म सेविंग स्कीम है। फिलहाल इस पर 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है।
PPF की शुरुआती अवधि 15 साल होती है। इसके बाद निवेशक इसे 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ा सकता है। यही वजह है कि PPF को लंबे समय के वित्तीय लक्ष्यों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
PPF सिर्फ बेटी के लिए ही नहीं है। कोई व्यक्ति अपने नाम पर भी PPF अकाउंट खोल सकता है और बच्चे के भविष्य के लिए भी इसका इस्तेमाल कर सकता है।
PPF में आंशिक निकासी का विकल्प
PPF की एक खासियत यह है कि इसमें निर्धारित शर्तों के तहत आंशिक निकासी की सुविधा मिलती है। इसके अलावा कुछ परिस्थितियों में लोन की सुविधा भी उपलब्ध होती है।
इसका मतलब है कि अगर भविष्य में अचानक बड़ी वित्तीय जरूरत सामने आती है, तो PPF में SSY की तुलना में कुछ ज्यादा विकल्प मिल सकते हैं।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि PPF से कभी भी अपनी पूरी रकम निकाल सकते हैं। निकासी और लोन दोनों के लिए निर्धारित नियम और समय-सीमा लागू होती है।
5 साल के बाद प्रीमैच्योर क्लोजर का विकल्प
PPF को सामान्य तौर पर 15 साल से पहले मैच्योर नहीं किया जा सकता। हालांकि 5 साल पूरे होने के बाद कुछ निर्धारित परिस्थितियों में प्रीमैच्योर क्लोजर की अनुमति मिल सकती है।
इनमें खाताधारक या परिवार के कुछ सदस्यों की गंभीर बीमारी का इलाज, खाताधारक या बच्चों की उच्च शिक्षा और कुछ अन्य निर्धारित परिस्थितियां शामिल हो सकती हैं। ऐसे मामलों में संबंधित दस्तावेज और प्रमाण की जरूरत पड़ सकती है।
PPF और SSY में सबसे बड़ा अंतर क्या है?
दोनों योजनाओं को आसान तरीके से समझें तो अंतर कुछ इस तरह है:
| फीचर | सुकन्या समृद्धि योजना | PPF |
|---|---|---|
| किसके लिए | बेटी के भविष्य के लिए | लॉन्ग टर्म सेविंग |
| मौजूदा ब्याज दर | 8.2% | 7.1% |
| अकाउंट की अवधि | 21 साल | 15 साल |
| योगदान की अवधि | 15 साल | पूरी अवधि में योगदान |
| बेटी के नाम पर | हां | सीधे बेटी/अभिभावक के नाम पर नियमों के अनुसार |
| आंशिक निकासी | निर्धारित शर्तों पर | निर्धारित शर्तों पर |
| मुख्य फायदा | बेटी के लिए डेडिकेटेड फंड | ज्यादा फ्लेक्सिबल लॉन्ग टर्म सेविंग |
अगर लक्ष्य सिर्फ बेटी का भविष्य है तो SSY पर विचार करें
अगर आप चाहते हैं कि बेटी के नाम पर एक अलग और लंबी अवधि का फंड तैयार हो, तो सुकन्या समृद्धि योजना ज्यादा उपयुक्त हो सकती है। इसकी मौजूदा 8.2% ब्याज दर PPF के 7.1% से अधिक है।
लेकिन सिर्फ ब्याज दर ही फैसला करने का आधार नहीं होना चाहिए। आपको यह भी देखना होगा कि इस पैसे की जरूरत कब पड़ेगी और क्या आप इसे लंबे समय तक लॉक-इन जैसी स्थिति में रख सकते हैं।
अगर फ्लेक्सिबिलिटी चाहिए तो PPF बेहतर विकल्प हो सकता है
अगर आपकी प्राथमिकता सिर्फ बेटी के लिए बचत नहीं, बल्कि परिवार के भविष्य के लिए एक लंबी अवधि का फंड तैयार करना है, तो PPF ज्यादा उपयोगी हो सकता है।
PPF में लंबी अवधि तक निवेश जारी रखने, मैच्योरिटी के बाद 5 साल के ब्लॉक में विस्तार करने और नियमों के तहत लोन व आंशिक निकासी जैसी सुविधाएं इसे अपेक्षाकृत ज्यादा फ्लेक्सिबल बनाती हैं।
क्या दोनों योजनाओं में निवेश किया जा सकता है?
हां, जरूरी नहीं कि आपको PPF और SSY में से केवल एक ही विकल्प चुनना पड़े। अगर आपकी आर्थिक क्षमता अनुमति देती है तो दोनों का अलग-अलग उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
उदाहरण के लिए, SSY को बेटी के भविष्य के लिए डेडिकेटेड फंड के तौर पर रखा जा सकता है, जबकि PPF को परिवार की दूसरी लॉन्ग टर्म जरूरतों और वित्तीय लक्ष्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
इस तरह दोनों योजनाओं की अलग-अलग खूबियों का फायदा उठाया जा सकता है।
निष्कर्ष
अगर सवाल यह है कि बेटी के भविष्य के लिए PPF और सुकन्या समृद्धि में से कौन बेहतर है, तो इसका जवाब आपकी जरूरत पर निर्भर करता है।
बेटी के नाम पर लंबे समय के लिए विशेष फंड और ज्यादा मौजूदा ब्याज दर चाहते हैं तो SSY आकर्षक विकल्प है। वहीं लंबी अवधि की सामान्य बचत और अपेक्षाकृत ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी चाहते हैं तो PPF पर विचार किया जा सकता है।
और अगर बजट पर्याप्त है, तो दोनों योजनाओं को अलग-अलग वित्तीय लक्ष्यों के लिए इस्तेमाल करना भी एक व्यावहारिक रणनीति हो सकती है। निवेश शुरू करने से पहले मौजूदा ब्याज दर, न्यूनतम जमा और निकासी के ताजा नियम जरूर जांच लें, क्योंकि छोटी बचत योजनाओं की शर्तें समय-समय पर बदल सकती हैं।


