IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों के मौसम को लेकर ताजा अपडेट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र विकसित होने की संभावना है। इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।
बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया लो-प्रेशर सिस्टम
मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बना कम दबाव का क्षेत्र पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बारिश को सक्रिय बनाए हुए है। इसके चलते दोनों राज्यों के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बनी हुई है।
इसी बीच उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल तथा उत्तर ओडिशा के तटीय इलाकों के पास 29 अगस्त के आसपास एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इस मौसमी सिस्टम के कारण ओडिशा में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। राज्य के कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश का खतरा भी जताया गया है।
यूपी और उत्तराखंड में भारी बारिश से बढ़ी परेशानी
बीते 24 घंटों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, यहां कुछ स्थानों पर 21 सेंटीमीटर या उससे अधिक बारिश हुई।
उत्तराखंड, मेघालय, मिजोरम और पूर्वी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भी 12 से 20 सेंटीमीटर तक भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, बिहार, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश हुई है।
उत्तर-पश्चिम भारत में कैसा रहेगा मौसम?
उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसून की सक्रियता बनी रहने की संभावना है।
उत्तराखंड: 28 अगस्त से 3 सितंबर तक कई इलाकों में अच्छी बारिश हो सकती है। 31 अगस्त और 1 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश: 30 अगस्त से 3 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। 31 अगस्त से 3 सितंबर के बीच भारी बारिश का अलर्ट है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश: 28 अगस्त और 2-3 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश: 31 अगस्त से 3 सितंबर तक भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का जोर
मध्य भारत में भी मानसून सक्रिय रहने वाला है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 से 30 अगस्त और फिर 2 से 3 सितंबर के दौरान बारिश होने की संभावना है। 28 अगस्त और 3 सितंबर को कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश हो सकती है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में 28 अगस्त तथा 2-3 सितंबर को भारी बारिश का अनुमान है।
वहीं छत्तीसगढ़ में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक कई स्थानों पर व्यापक बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। विदर्भ में भी 28 अगस्त और 2-3 सितंबर के दौरान अच्छी बारिश के आसार हैं।
ओडिशा में भारी बारिश के साथ तेज हवाओं का खतरा
बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए सिस्टम का सबसे ज्यादा असर पूर्वी भारत में देखने को मिल सकता है। ओडिशा में 28 से 31 अगस्त तक कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।
30 अगस्त को राज्य के कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा बढ़ सकता है।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 28 और 29 अगस्त को 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इनकी रफ्तार कुछ स्थानों पर 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
बंगाल, बिहार और झारखंड में भी अलर्ट
गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 28 अगस्त से 1 सितंबर के बीच बारिश का दौर बना रह सकता है।
इन इलाकों में बारिश के साथ 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।
बिहार में 28 अगस्त को गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी जताया गया है। ऐसे में खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी जारी रहेगा बारिश का दौर
पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रहने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 28 अगस्त से 3 सितंबर के दौरान भारी बारिश के साथ गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
कुछ इलाकों में तेज बारिश के कारण सड़क यातायात और स्थानीय जनजीवन प्रभावित होने की आशंका भी बनी रह सकती है।
कोंकण-गोवा में बारिश, दक्षिण भारत में मानसून कमजोर
पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा के तटीय क्षेत्रों में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक बारिश जारी रहने का अनुमान है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा तथा सौराष्ट्र-कच्छ में भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान मानसून अपेक्षाकृत कमजोर रहने की संभावना है। हालांकि, तटीय कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप में 28-29 अगस्त और 2-3 सितंबर को अच्छी बारिश हो सकती है।
तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में कुछ इलाकों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने के साथ छिटपुट बारिश होने का अनुमान है।
किन राज्यों में सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत?
मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में ओडिशा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश की गतिविधियां ज्यादा प्रभावी रह सकती हैं।
खासकर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी वाले क्षेत्रों में लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की एडवाइजरी पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए।


