Car Leather Seats: कार खरीदते समय लोग अक्सर इंजन, माइलेज, कीमत और फीचर्स पर ध्यान देते हैं। लेकिन कार का इंटीरियर भी उसके प्रीमियम अनुभव में बड़ी भूमिका निभाता है। खासतौर पर लेदर सीट, स्टीयरिंग, डैशबोर्ड और गियर एरिया कार को लग्जरी लुक देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इन जगहों पर इस्तेमाल होने वाला लेदर आखिर किस चीज से बनता है?
दरअसल, हर कार में इस्तेमाल होने वाला लेदर एक जैसा नहीं होता। कुछ वाहनों में प्राकृतिक चमड़े का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि कई आधुनिक कारों में सिंथेटिक या आर्टिफिशियल लेदर का विकल्प दिया जाता है। प्राकृतिक लेदर भी अलग-अलग जानवरों की खाल से तैयार किया जा सकता है।
गाय-बैल की खाल से बनता है कारों में इस्तेमाल होने वाला लेदर
ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में प्राकृतिक लेदर के लिए कैटल हाइड यानी गाय-बैल की खाल का इस्तेमाल काफी आम है। यह खाल कई बार मीट इंडस्ट्री से मिलने वाला बाय-प्रोडक्ट होती है। मांस को अलग करने के बाद खाल को टैनिंग और दूसरी प्रोसेसिंग प्रक्रियाओं से गुजारा जाता है।
इसके बाद इसे आवश्यक मोटाई, बनावट और फिनिश के अनुसार तैयार किया जाता है। सीटों के अलावा इसका इस्तेमाल स्टीयरिंग व्हील, गियर नॉब, डोर पैनल और डैशबोर्ड के कुछ हिस्सों में भी किया जा सकता है।
कार के लेदर को खास तरीके से क्यों तैयार किया जाता है?
कार की सीट का लेदर सामान्य चमड़े की तुलना में अलग तरह की परिस्थितियों का सामना करता है। इसे रोजाना इस्तेमाल, बार-बार घर्षण, पसीने, धूल, सफाई और तापमान में बदलाव को सहना पड़ता है।
इसके अलावा कार का इंटीरियर लंबे समय तक सूरज की रोशनी और अल्ट्रावायलेट किरणों के संपर्क में भी रहता है। इसलिए ऑटोमोबाइल लेदर को ऐसी फिनिश और ट्रीटमेंट दी जाती है, जिससे उसकी टिकाऊपन और उपस्थिति लंबे समय तक बनी रहे।
गाय-बैल की खाल को क्यों किया जाता है पसंद?
कैटल हाइड को ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में पसंद किए जाने की एक बड़ी वजह इसकी मजबूती और टिकाऊपन है। इसकी संरचना इसे सीटों जैसे लगातार इस्तेमाल होने वाले हिस्सों के लिए उपयोगी बनाती है।
हालांकि खाल की गुणवत्ता हर जगह एक जैसी नहीं होती। जानवर की उम्र, पालन-पोषण, मौसम और खाल पर मौजूद निशानों जैसी चीजें उसकी गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती हैं। प्रोसेसिंग के दौरान खाल के अलग-अलग हिस्सों को उनकी गुणवत्ता और उपयोग के हिसाब से चुना जाता है।
सिर्फ गाय-बैल ही नहीं, दूसरे जानवरों की खाल भी हो सकती है इस्तेमाल
ऑटोमोबाइल में प्राकृतिक लेदर के लिए सिर्फ कैटल हाइड ही एकमात्र विकल्प नहीं है। कुछ मामलों में भेड़ और बकरी की खाल से तैयार चमड़े का भी इस्तेमाल किया जाता है।
भेड़ की खाल से बना लेदर आमतौर पर अपनी नरमी और लचीलेपन के लिए जाना जाता है। दूसरी ओर, बकरी की खाल से तैयार चमड़ा भी कुछ विशेष इंटीरियर एप्लिकेशन में इस्तेमाल किया जा सकता है।
कुछ बाजारों और उत्पादों में भैंस की खाल से तैयार लेदर भी देखने को मिलता है। इसकी विशेषताएं और कीमत इस्तेमाल किए गए प्रोसेस और गुणवत्ता पर निर्भर करती हैं।
अब बढ़ रहा है सिंथेटिक लेदर का इस्तेमाल
आज की कारों में प्राकृतिक चमड़े के साथ-साथ सिंथेटिक लेदर का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ा है। इसे आमतौर पर PU यानी पॉलीयूरेथेन या PVC जैसे मटेरियल से तैयार किया जा सकता है।
सिंथेटिक लेदर को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वह देखने और छूने में प्राकृतिक चमड़े जैसा अनुभव दे। इसका एक फायदा यह है कि निर्माता इसके रंग, टेक्सचर और फिनिश में काफी विकल्प दे सकते हैं।
कई कारों में सीटों पर इस्तेमाल होने वाला मटेरियल पूरी तरह प्राकृतिक लेदर नहीं होता। इसलिए केवल सीट देखकर यह तय करना मुश्किल हो सकता है कि वह असली पशु-चमड़े से बनी है या सिंथेटिक मटेरियल से।
लग्जरी कारों में इस्तेमाल होता है प्रीमियम लेदर
महंगी कारों में इंटीरियर की फिनिश और मटेरियल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाता है। कुछ प्रीमियम वाहनों में Full-Grain, Nappa और Nubuck जैसे लेदर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
इन मटेरियल की बनावट, नरमी और फिनिश सामान्य ऑटोमोटिव लेदर से अलग हो सकती है। हालांकि किसी खास कार में कौन-सा लेदर इस्तेमाल हुआ है, यह उसके मॉडल और निर्माता की स्पेसिफिकेशन पर निर्भर करता है।
Bovine Nappa Leather क्या होता है?
Bovine Nappa कैटल हाइड से तैयार किया जाने वाला एक प्रीमियम प्रकार का लेदर है। इसे इसकी नरम सतह और प्रीमियम फील के लिए जाना जाता है।
लग्जरी कारों के इंटीरियर में इस तरह के लेदर का इस्तेमाल सीटों, स्टीयरिंग और दूसरे टच-पॉइंट्स पर किया जा सकता है। इसकी गुणवत्ता और फिनिश के कारण यह सामान्य ऑटोमोटिव लेदर की तुलना में ज्यादा महंगा हो सकता है।
क्या हर कार की लेदर सीट असली चमड़े की होती है?
नहीं। यही इस पूरी कहानी की सबसे अहम बात है। कार में लेदर जैसा दिखाई देने वाला मटेरियल जरूरी नहीं कि प्राकृतिक पशु-चमड़ा ही हो।
कई कार निर्माता अपने मॉडल में सिंथेटिक लेदर, PU लेदर या दूसरे कृत्रिम मटेरियल का इस्तेमाल करते हैं। कुछ वाहनों में अलग-अलग हिस्सों पर अलग प्रकार के मटेरियल भी लगाए जा सकते हैं।
इसलिए कार खरीदते समय अगर आपके लिए यह जानना जरूरी है कि सीट या इंटीरियर में असली लेदर इस्तेमाल हुआ है या नहीं, तो कंपनी की आधिकारिक स्पेसिफिकेशन और वाहन के ब्रोशर में दी गई जानकारी देखना बेहतर होता है।
अगली बार कार की लेदर सीट देखकर रखें ये बात याद
कार का प्रीमियम इंटीरियर सिर्फ दिखने में ही खास नहीं होता, बल्कि उसके पीछे मटेरियल की पूरी इंजीनियरिंग और प्रोसेसिंग होती है। प्राकृतिक ऑटोमोटिव लेदर में कैटल हाइड का इस्तेमाल आम है, जबकि कुछ मामलों में भेड़, बकरी या भैंस की खाल से तैयार चमड़ा भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
वहीं, बदलती तकनीक और उपभोक्ताओं की जरूरतों के साथ सिंथेटिक लेदर भी कारों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसलिए किसी कार की सीट को देखकर सिर्फ उसके लुक के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं है कि उसमें किस तरह का लेदर इस्तेमाल हुआ है।


