NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    new-zealand-honeymoon-13-days-rs-5-93-lakh-budget-trip
    सिर्फ ₹5.93 लाख में 13 दिन का न्यूजीलैंड हनीमून, कपल ने बताया कैसे बचाया लाखों रुपये
    29 अगस्त 2026
    nepal-flood-gandak-river-3-dead-bodies-kushinagar-india
    Nepal Flood: नेपाल की बाढ़ का भारत में दिखा खौफनाक असर, गंडक नदी में मिले 3 शव; बहकर आया घरों का सामान
    29 अगस्त 2026
    bseb-dummy-registration-card-2027-correction-last-date-16-september
    Bihar Board 2027: डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड में गलती है तो 16 सितंबर तक करा लें सुधार, BSEB ने बढ़ाई तारीख
    29 अगस्त 2026
    8th-pay-commission-annual-increment-3-percent-to-6-percent-salary-hike
    8th Pay Commission: सालाना इंक्रीमेंट डबल हुआ तो कितनी बढ़ेगी सैलरी? 3% और 6% का पूरा गणित समझें
    29 अगस्त 2026
    openai-spacex-cursor-ai-services-contract-termination-elon-musk-sam-altman
    OpenAI vs SpaceX: क्यों टूटने जा रहा AI सर्विसेज का कॉन्ट्रैक्ट? एलन मस्क और सैम ऑल्टमैन की बढ़ी तकरार
    29 अगस्त 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    gold-price-today-29-august-2026-delhi-patna-24-22-18-carat-gold-rate
    Gold Price Today: रक्षाबंधन के बाद सोने में फिर आया उछाल, दिल्ली से पटना तक 24, 22 और 18 कैरट का ताजा भाव
    29 अगस्त 2026
    gold-price-today-raksha-bandhan-gold-silver-rate-28-august-2026
    Gold Price Today: रक्षाबंधन पर सस्ता हुआ सोना, लगातार दूसरे दिन चमक फीकी; 6 दिन बाद चांदी भी फिसली
    28 अगस्त 2026
    gold-price-today-27-august-2026-raksha-bandhan-gold-rate
    Gold Price Today: रक्षाबंधन से पहले सोने की चमक पड़ी फीकी, दिल्ली में 22 कैरेट ₹1,50,240
    27 अगस्त 2026
    crude-oil-price-brent-crude-falls-6-percent-in-two-days-reason
    Crude Oil Price: ब्रेंट क्रूड दो दिन में 6% फिसला, 87 डॉलर के नीचे आया भाव; जानें अचानक बड़ी गिरावट की वजह
    26 अगस्त 2026
    gold-price-outlook-2026-gold-price-target-experts
    Gold Price Outlook: सोने में तेजी की 5 बड़ी वजहें, 2026 में कहां तक पहुंच सकता है भाव
    25 अगस्त 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    sensex-nifty-third-week-fall-market-outlook
    लगातार तीसरे हफ्ते फिसला शेयर बाजार, Sensex-Nifty में गिरावट से बढ़ी चिंता; क्या अच्छे दिन अभी दूर हैं?
    29 अगस्त 2026
    market-this-week-sensex-nifty-fii-dii-rupee-update
    Market This Week: सेंसेक्स-निफ्टी लगातार तीसरे हफ्ते गिरे, रुपया हुआ मजबूत
    29 अगस्त 2026
    esds-software-solutions-ipo-gmp-83-percent-listing-gain-subscription
    ESDS Software Solutions IPO GMP: 83% लिस्टिंग गेन के संकेत, पहले दिन 2.21 गुना सब्सक्राइब हुआ इश्यू
    29 अगस्त 2026
    ipo-listing-gain-ke-baad-share-bechna-chahiye-ya-hold
    IPO Listing Gain के बाद शेयर बेचना चाहिए या होल्ड करना? जानिए कब मुनाफा बुक करना हो सकता है सही फैसला
    29 अगस्त 2026
    ola-electric-pli-incentive-95-crore-share-price-news
    Ola Electric को लगातार तीसरे साल PLI का तोहफा, ₹95.81 करोड़ का इंसेंटिव मंजूर; शेयर में आएगी तेजी?
    29 अगस्त 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: विदेशी फंड में लगाए ₹3 करोड़, इनकम टैक्स विभाग ने बताया ‘ब्लैक मनी’; लगाया ₹1.84 करोड़ जुर्माना, ITAT ने पलटा फैसला
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

विदेशी फंड में लगाए ₹3 करोड़, इनकम टैक्स विभाग ने बताया ‘ब्लैक मनी’; लगाया ₹1.84 करोड़ जुर्माना, ITAT ने पलटा फैसला

Namam Sharma
Last updated: 2026/08/29 at 1:29 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
7 Min Read
black-money-it-department-1-84-crore-penalty-itat-relief-foreign-fund-investment
SHARE

Black Money and ITAT: गुरुग्राम के एक टैक्सपेयर को सिंगापुर में नौकरी के दौरान कमाई गई रकम को विदेशी फंड में निवेश करना भारी पड़ गया। भारत लौटने के बाद आयकर विभाग ने इस निवेश को अघोषित विदेशी संपत्ति मानते हुए ब्लैक मनी एक्ट के तहत कार्रवाई की और करीब ₹1.84 करोड़ का जुर्माना लगा दिया। हालांकि, मामला ITAT पहुंचने पर टैक्सपेयर को बड़ी राहत मिली और ट्रिब्यूनल ने विभाग की पूरी कार्रवाई रद्द कर दी।

Contents
सिंगापुर में नौकरी के दौरान किया था निवेशभारत लौटने के बाद आयकर विभाग ने शुरू की जांच₹1.84 करोड़ का जुर्माना कैसे लगा?ITAT में टैक्सपेयर ने क्या दलील दी?ITAT ने क्यों रद्द किया आयकर विभाग का आदेश?इस मामले से क्या समझ आता है?निष्कर्ष

नई दिल्ली: विदेश में नौकरी के दौरान कमाई गई रकम को विदेशी निवेश फंड में लगाना एक गुरुग्राम निवासी के लिए परेशानी का कारण बन गया। भारत लौटने के बाद आयकर विभाग ने उसके विदेशी निवेश को अघोषित संपत्ति मानते हुए ब्लैक मनी एक्ट के तहत कार्रवाई की। विभाग ने निवेश पर टैक्स लगाने के साथ करीब ₹1.84 करोड़ का जुर्माना भी लगा दिया।

मामला जब आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT), दिल्ली पहुंचा तो तस्वीर पूरी तरह बदल गई। ITAT ने माना कि संबंधित आकलन वर्ष के लिए विभाग की ओर से वैध नोटिस जारी नहीं किया गया था। इसी आधार पर ट्रिब्यूनल ने कार्रवाई, असेसमेंट ऑर्डर और जुर्माने के आदेश को रद्द कर दिया।

सिंगापुर में नौकरी के दौरान किया था निवेश

गुरुग्राम के टैक्सपेयर अमित वर्मा (बदला हुआ नाम) ने सिंगापुर में नौकरी के दौरान 19 मई 2015 को बरमूडा स्थित एक ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फंड में करीब 3 लाख अमेरिकी डॉलर का निवेश किया था।

करीब 10 महीने बाद, 16 मार्च 2016 को उन्होंने अपना निवेश भुना लिया। इससे उन्हें लगभग 3.14 लाख अमेरिकी डॉलर प्राप्त हुए। भारतीय मुद्रा में उस समय इसकी वैल्यू करीब ₹3 करोड़ के आसपास थी।

टैक्सपेयर का कहना था कि निवेश के लिए इस्तेमाल की गई पूरी रकम उनकी सिंगापुर में नौकरी से हुई कमाई थी। इसमें भारत से भेजी गई किसी रकम का इस्तेमाल नहीं किया गया था।

भारत लौटने के बाद आयकर विभाग ने शुरू की जांच

भारत लौटने के बाद यह विदेशी निवेश आयकर विभाग के संज्ञान में आया। विभाग ने इसे अघोषित विदेशी संपत्ति मानते हुए ब्लैक मनी एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की।

टैक्सपेयर ने विभाग के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि पैसा सिंगापुर में नौकरी के दौरान अर्जित किया गया था। उन्होंने भारत-सिंगापुर संशोधित दोहरा कराधान बचाव समझौते (DTAA) का भी हवाला दिया।

लेकिन आयकर अधिकारी (AO) इन दलीलों से सहमत नहीं हुए।

अधिकारी के अनुसार संबंधित फंड कंपनी भारत में पब्लिक लिमिटेड कंपनी के तौर पर पंजीकृत थी और वित्त वर्ष 2015-16 के लिए टैक्सपेयर को सिंगापुर का निवासी नहीं माना जा सकता था।

₹1.84 करोड़ का जुर्माना कैसे लगा?

आयकर विभाग ने निवेश की फेयर मार्केट वैल्यू को आधार बनाकर ब्लैक मनी एक्ट की धारा 3(1) के तहत 30 फीसदी की दर से टैक्स लगाया।

इसके साथ ही टैक्सपेयर पर करीब ₹1.84 करोड़ का जुर्माना भी लगाया गया।

टैक्सपेयर ने इस आदेश को चुनौती देते हुए कमिश्नर (अपील) के सामने अपील दाखिल की, लेकिन वहां भी उसे राहत नहीं मिली। इसके बाद उसने ITAT दिल्ली का दरवाजा खटखटाया।

ITAT में टैक्सपेयर ने क्या दलील दी?

ITAT के सामने टैक्सपेयर की ओर से मुख्य रूप से नोटिस की वैधता का मुद्दा उठाया गया।

वकीलों ने दलील दी कि आयकर विभाग ने 1 नवंबर 2018 को ब्लैक मनी एक्ट की धारा 10(1) के तहत जो नोटिस जारी किया था, उसमें केवल आकलन वर्ष (AY) 2016-17 और AY 2017-18 का उल्लेख था।

इस नोटिस में AY 2019-20 का कोई उल्लेख नहीं किया गया था।

टैक्सपेयर की ओर से कहा गया कि जब संबंधित आकलन वर्ष के लिए धारा 10(1) के तहत वैध नोटिस ही जारी नहीं किया गया, तो आयकर अधिकारी के पास उस वर्ष का आकलन करने का कानूनी अधिकार नहीं था।

ITAT ने क्यों रद्द किया आयकर विभाग का आदेश?

ITAT ने टैक्सपेयर की इस दलील को स्वीकार किया। ट्रिब्यूनल ने माना कि जिस आकलन वर्ष के लिए कार्रवाई की गई, उसके लिए जरूरी वैधानिक नोटिस जारी नहीं किया गया था।

इस आधार पर ITAT ने धारा 10 के तहत शुरू की गई कार्रवाई, संबंधित असेसमेंट ऑर्डर और करीब ₹1.84 करोड़ के जुर्माने के आदेश को रद्द कर दिया।

इस फैसले के बाद टैक्सपेयर को बड़ी राहत मिली और आयकर विभाग की कार्रवाई को उस आकलन वर्ष के संबंध में कानूनी आधार के अभाव में टिकाऊ नहीं माना गया।

इस मामले से क्या समझ आता है?

यह मामला केवल विदेशी निवेश या ब्लैक मनी से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह भी दिखाता है कि टैक्स मामलों में सही कानूनी प्रक्रिया का पालन करना कितना जरूरी है।

किसी विदेशी संपत्ति या निवेश पर टैक्स विभाग की जांच होने की स्थिति में सिर्फ निवेश का विदेशी होना ही पर्याप्त नहीं है। विभाग को संबंधित कानून के तहत जरूरी प्रक्रिया और वैधानिक नोटिस का पालन भी करना होता है।

वहीं, विदेश में नौकरी करने वाले भारतीयों के लिए यह मामला एक अहम संकेत है कि विदेश में कमाई गई रकम से किए गए निवेश के बैंकिंग रिकॉर्ड, आय का स्रोत, निवेश दस्तावेज और टैक्स से जुड़े कागजात संभालकर रखना बेहद जरूरी है। ऐसे दस्तावेज भविष्य में निवेश के स्रोत को साबित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

निष्कर्ष

गुरुग्राम के इस टैक्सपेयर के मामले में आयकर विभाग ने विदेशी फंड में किए गए निवेश को ब्लैक मनी एक्ट के तहत कार्रवाई का आधार बनाया और ₹1.84 करोड़ का जुर्माना लगाया था। लेकिन ITAT ने संबंधित आकलन वर्ष के लिए वैध नोटिस नहीं होने की दलील को स्वीकार करते हुए विभाग की कार्रवाई और जुर्माने के आदेश को रद्द कर दिया।

यह फैसला बताता है कि टैक्स विभाग की कार्रवाई में कानूनी प्रक्रिया और सही नोटिस का पालन उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना टैक्स देनदारी का निर्धारण।

You Might Also Like

सिर्फ ₹5.93 लाख में 13 दिन का न्यूजीलैंड हनीमून, कपल ने बताया कैसे बचाया लाखों रुपये

Nepal Flood: नेपाल की बाढ़ का भारत में दिखा खौफनाक असर, गंडक नदी में मिले 3 शव; बहकर आया घरों का सामान

Bihar Board 2027: डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड में गलती है तो 16 सितंबर तक करा लें सुधार, BSEB ने बढ़ाई तारीख

8th Pay Commission: सालाना इंक्रीमेंट डबल हुआ तो कितनी बढ़ेगी सैलरी? 3% और 6% का पूरा गणित समझें

OpenAI vs SpaceX: क्यों टूटने जा रहा AI सर्विसेज का कॉन्ट्रैक्ट? एलन मस्क और सैम ऑल्टमैन की बढ़ी तकरार

TAGGED: Black Money Act, Black Money and ITAT, Income Tax Department, ITAT Delhi, अघोषित विदेशी संपत्ति, आयकर जुर्माना, ब्लैक मनी एक्ट, विदेशी निवेश, विदेशी फंड
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article sensex-nifty-third-week-fall-market-outlook लगातार तीसरे हफ्ते फिसला शेयर बाजार, Sensex-Nifty में गिरावट से बढ़ी चिंता; क्या अच्छे दिन अभी दूर हैं?
Next Article 8th-pay-commission-annual-increment-3-percent-to-6-percent-salary-hike 8th Pay Commission: सालाना इंक्रीमेंट डबल हुआ तो कितनी बढ़ेगी सैलरी? 3% और 6% का पूरा गणित समझें

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

cng-price-today
CNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
live-petrol-diesel-price
Petrol Diesel Price Today: आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
gold-price-today
Gold Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
lpg-price-today
LPG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
crude-oil-price-today
Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
कमोडिटी फाइनेंस
silver-price-today
Silver Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
png-price-today
PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
ipo-gmp-today-mainboard-sme
IPO GMP Today: ESDS Software Solution का GMP ₹360, इन IPOs में भी दिख रही जबरदस्त तेजी; देखें पूरी लिस्ट
शेयर बाज़ार फाइनेंस
government-spending-as-percent-of-gdp-kiribati-marshall-islands-ukraine
USD/INR Live Chart: डॉलर बनाम रुपया, आज का एक्सचेंज रेट, लाइव चार्ट और पूरा विश्लेषण
फाइनेंस
bitcoin-price-today-live-chart-hindi
Bitcoin Price Today: लाइव बिटकॉइन प्राइस, चार्ट, मार्केट कैप और निवेश से पहले जानें जरूरी बातें
फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?