IPO Investment Strategy: आईपीओ में निवेश करने वाले कई निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि शेयर की शानदार लिस्टिंग के बाद तुरंत मुनाफा बुक कर लेना चाहिए या लंबी अवधि के लिए शेयर को होल्ड करना बेहतर है। पिछले कुछ वर्षों में कई आईपीओ ने लिस्टिंग के दिन ही निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया, लेकिन कुछ ऐसे भी रहे जिनके शेयर शुरुआती तेजी के बाद काफी नीचे आ गए। ऐसे में सिर्फ लिस्टिंग गेन देखकर शेयर को होल्ड करने का फैसला हमेशा सही नहीं माना जा सकता।
भारतीय आईपीओ बाजार में इस समय भी काफी हलचल देखने को मिल रही है। आने वाले समय में Jio Platforms और NSE जैसे बड़े नामों के आईपीओ बाजार में दस्तक देने की उम्मीद है। इन इश्यू को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी पहले से ही काफी ज्यादा है। हालांकि, किसी भी आईपीओ में निवेश से पहले सिर्फ कंपनी के बड़े नाम या संभावित लिस्टिंग गेन पर ध्यान देने के बजाय वैल्यूएशन, बिजनेस की स्थिति और भविष्य की संभावनाओं को समझना जरूरी है।
लिस्टिंग के दिन पैसा दोगुना होना जरूरी नहीं कि आगे भी रिटर्न मिलेगा
आईपीओ में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए लिस्टिंग गेन आकर्षक जरूर होता है। अगर किसी शेयर की इश्यू प्राइस से काफी ज्यादा कीमत पर लिस्टिंग होती है, तो निवेशक को पहले ही दिन अच्छा मुनाफा मिल सकता है।
लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। लिस्टिंग प्राइस किसी शेयर की भविष्य की कीमत की गारंटी नहीं होती। बाजार में लिस्ट होने के बाद शेयर की कीमत कंपनी के प्रदर्शन, तिमाही नतीजों, वैल्यूएशन, सेक्टर की स्थिति और बाजार के माहौल के आधार पर बदलती रहती है।
यही वजह है कि कुछ आईपीओ में लिस्टिंग के दिन बड़ा मुनाफा कमाने वाले निवेशक बाद में नुकसान में चले गए, जबकि कुछ मामलों में शुरुआती मुनाफा बुक करना ज्यादा फायदेमंद साबित हुआ।
Sigachi Industries: 253% प्रीमियम की लिस्टिंग, लेकिन बाद में बड़ी गिरावट
Sigachi Industries का आईपीओ 2021 में आया था। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 253 फीसदी प्रीमियम पर हुई थी। कंपनी ने शेयर 163 रुपये के भाव पर जारी किए थे, जबकि शेयर करीब 570 रुपये पर लिस्ट हुआ।
इस तरह लिस्टिंग के दिन ही निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न मिला। लेकिन बाद में शेयर में काफी गिरावट देखने को मिली। 28 अगस्त को शेयर 1.91 फीसदी की गिरावट के साथ 33.13 रुपये पर बंद हुआ था।
यानी लिस्टिंग के समय मुनाफा बुक करने वाले निवेशकों और शेयर को लंबे समय तक होल्ड करने वाले निवेशकों का अनुभव बिल्कुल अलग रहा।
Vibhor Steel Tubes: 181% प्रीमियम के बाद इश्यू प्राइस से नीचे पहुंचा शेयर
Vibhor Steel Tubes का आईपीओ फरवरी 2024 में आया था। कंपनी ने शेयर 151 रुपये के भाव पर जारी किए थे। इसकी लिस्टिंग करीब 181.5 फीसदी प्रीमियम के साथ 442 रुपये पर हुई।
शुरुआत में यह निवेशकों के लिए शानदार लिस्टिंग साबित हुई। हालांकि, इसके बाद शेयर में लगातार दबाव देखने को मिला। 28 अगस्त को शेयर 1.30 फीसदी की गिरावट के साथ 111.17 रुपये पर बंद हुआ।
यानी शेयर की मौजूदा कीमत इश्यू प्राइस से भी नीचे चली गई। ऐसे में जिन निवेशकों ने लिस्टिंग के समय मुनाफा बुक कर लिया था, उनके लिए यह सौदा काफी बेहतर रहा, जबकि लंबे समय तक शेयर होल्ड करने वाले निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा।
Tata Technologies: शानदार लिस्टिंग के बावजूद शेयर में आई गिरावट
Tata Technologies का आईपीओ 2023 में आया था और इसे निवेशकों की तरफ से काफी मजबूत प्रतिक्रिया मिली थी। कंपनी ने शेयर 500 रुपये के इश्यू प्राइस पर जारी किए थे।
शेयर करीब 140 फीसदी प्रीमियम के साथ 1,200 रुपये पर लिस्ट हुआ। यानी लिस्टिंग के समय ही निवेशकों का पैसा दोगुने से ज्यादा हो गया था।
हालांकि, लिस्टिंग के बाद शेयर अपने उच्च स्तरों से नीचे आया। 28 अगस्त को यह 4.35 फीसदी की तेजी के साथ 834.10 रुपये पर बंद हुआ था। हालांकि शेयर अभी भी अपने इश्यू प्राइस से ऊपर है, लेकिन लिस्टिंग के तुरंत बाद मुनाफा बुक नहीं करने वाले निवेशकों को उस समय मिले बड़े गेन का फायदा नहीं मिल पाया।
Bajaj Housing Finance: 150 रुपये पर लिस्टिंग, फिर 85 रुपये के आसपास
Bajaj Housing Finance का आईपीओ 2024 में आया था। कंपनी ने शेयर 70 रुपये के इश्यू प्राइस पर जारी किए थे। इसकी लिस्टिंग करीब 114 फीसदी प्रीमियम के साथ 150 रुपये पर हुई थी।
लिस्टिंग के समय निवेशकों को शानदार रिटर्न मिला, लेकिन बाद में शेयर की कीमत में काफी गिरावट आई। 28 अगस्त को शेयर 0.28 फीसदी की गिरावट के साथ 85.05 रुपये पर बंद हुआ था।
हालांकि शेयर अभी भी अपने इश्यू प्राइस से ऊपर है, लेकिन लिस्टिंग प्राइस की तुलना में इसमें बड़ी गिरावट आ चुकी है।
तो क्या IPO शेयर लिस्ट होते ही बेच देना चाहिए?
इसका कोई एक तय जवाब नहीं है। लिस्टिंग के दिन शेयर बेचना या होल्ड करना निवेशक की रणनीति पर निर्भर करता है।
अगर आपका उद्देश्य सिर्फ आईपीओ से लिस्टिंग गेन कमाना था और शेयर उम्मीद से काफी ज्यादा प्रीमियम पर लिस्ट हो गया है, तो मुनाफे का कुछ हिस्सा बुक करना एक विकल्प हो सकता है।
दूसरी तरफ, अगर आपने कंपनी के बिजनेस मॉडल, वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की संभावनाओं को देखकर लंबी अवधि के निवेश के लिए शेयर खरीदा है, तो सिर्फ लिस्टिंग के दिन की तेजी के आधार पर बेचने की जरूरत नहीं होती।
इन 4 बातों पर जरूर करें गौर
1. कंपनी का वैल्यूएशन देखें
लिस्टिंग के बाद शेयर कितने महंगे वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है, यह महत्वपूर्ण है। अगर कीमत कंपनी की कमाई और भविष्य की संभावनाओं के मुकाबले बहुत ज्यादा हो गई है, तो मुनाफा बुक करने पर विचार किया जा सकता है।
2. बिजनेस की क्वालिटी समझें
कंपनी की बिक्री, मुनाफा, कर्ज और कैश फ्लो जैसे आंकड़ों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मजबूत बिजनेस लंबे समय में शेयर की कीमत को सपोर्ट कर सकता है।
3. लिस्टिंग गेन और लॉन्ग टर्म निवेश को अलग रखें
लिस्टिंग गेन के लिए खरीदा गया आईपीओ और लंबी अवधि के निवेश के लिए खरीदा गया आईपीओ दो अलग रणनीतियां हैं। निवेशक को पहले ही तय करना चाहिए कि उसका उद्देश्य क्या है।
4. पूरा पैसा एक साथ निकालना जरूरी नहीं
अगर शेयर में बड़ा लिस्टिंग गेन मिला है लेकिन कंपनी की भविष्य की संभावनाएं भी अच्छी दिख रही हैं, तो निवेशक आंशिक मुनाफा बुक करने और बाकी शेयर होल्ड करने जैसी रणनीति पर विचार कर सकता है।
IPO में निवेश का मतलब फटाफट कमाई की गारंटी नहीं
आईपीओ बाजार में किसी कंपनी की मजबूत लिस्टिंग निवेशकों को आकर्षित जरूर करती है, लेकिन इसे निश्चित मुनाफे का फॉर्मूला नहीं माना जा सकता। कुछ शेयर लिस्टिंग के बाद लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं, जबकि कुछ शुरुआती तेजी के बाद बड़ी गिरावट का सामना करते हैं।
इसलिए सिर्फ यह देखकर निवेश का फैसला करना कि कोई शेयर इश्यू प्राइस से कितने फीसदी ऊपर लिस्ट हो सकता है, पर्याप्त नहीं है। कंपनी की वैल्यूएशन, वित्तीय स्थिति, सेक्टर की संभावनाएं और बाजार का माहौल भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष: अगर आईपीओ में आपको उम्मीद से काफी ज्यादा लिस्टिंग गेन मिला है, तो मुनाफा बुक करना एक विकल्प हो सकता है। लेकिन मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनी में लंबी अवधि के निवेशक के लिए सिर्फ लिस्टिंग के दिन की तेजी ही बेचने का कारण नहीं होनी चाहिए। निवेश का फैसला हमेशा अपने जोखिम और वित्तीय लक्ष्य के हिसाब से करना बेहतर है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी को निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम क्षमता और प्रमाणित वित्तीय सलाहकार की राय को ध्यान में रखें।


