IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 अगस्त से 3 सितंबर तक कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश का भी खतरा जताया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में एक नए कम दबाव वाले क्षेत्र के बनने की संभावना और मौजूदा मौसमी सिस्टम के प्रभाव से पूर्वी भारत, मध्य भारत और हिमालयी राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इस दौरान कई जगहों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल सकता है।
पिछले 24 घंटे के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर 21 सेंटीमीटर या उससे अधिक बारिश दर्ज की गई। वहीं उत्तराखंड, मेघालय, मिजोरम और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी कई जगह 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड हुई है।
यूपी और मध्य प्रदेश में फिर तेज होगी बारिश
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिन मौसम खराब रह सकता है। पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश और आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण 28 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
उत्तर प्रदेश में भी 28 अगस्त को कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। हालांकि मौसम विभाग के मुताबिक मौजूदा कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटे में धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकता है।
मध्य प्रदेश में 3 सितंबर तक बारिश का दौर
पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 से 30 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होने की संभावना है। इसके बाद सितंबर की शुरुआत में भी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
- पूर्वी मध्य प्रदेश में 29 अगस्त से 2 सितंबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
- 28 अगस्त और 3 सितंबर को कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश का खतरा है।
- पश्चिमी मध्य प्रदेश में 28 अगस्त तथा 2-3 सितंबर को भारी बारिश संभव है।
- छत्तीसगढ़ में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
- मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक तथा बिजली गिरने को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है।
ओडिशा में 30 अगस्त को सबसे ज्यादा खतरा
बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और उससे लगे पश्चिम बंगाल तथा उत्तर ओडिशा के तट के पास 29 अगस्त के आसपास एक नया कम दबाव का क्षेत्र विकसित होने की संभावना है।
इस मौसमी सिस्टम के प्रभाव से ओडिशा में 28 से 31 अगस्त के बीच भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 30 अगस्त को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है।
28-29 अगस्त और 31 अगस्त को भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। बारिश के साथ तेज हवाएं, गरज और बिजली गिरने की घटनाएं भी परेशानी बढ़ा सकती हैं।
उत्तराखंड में भारी बारिश के साथ बढ़ा भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड में 28 अगस्त से 3 सितंबर के बीच व्यापक बारिश का अनुमान है। 28 से 30 अगस्त और फिर 2-3 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
वहीं 31 अगस्त और 1 सितंबर के आसपास बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक बाढ़ और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने जैसी स्थिति बन सकती है। सड़क और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होने की आशंका है।
बिहार और झारखंड में भी बारिश-बिजली का अलर्ट
बिहार में 28 अगस्त को कुछ इलाकों में तेज गरज-चमक और बिजली गतिविधि देखने को मिल सकती है। राज्य में 28 अगस्त से 1 सितंबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।
इसके अलावा 28 अगस्त से 3 सितंबर तक गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। झारखंड में भी 28 से 31 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में भी मानसून सक्रिय
पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी 28 अगस्त से 3 सितंबर तक बारिश हो सकती है।
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। पहाड़ी और निचले इलाकों में लगातार बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव और भूस्खलन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
राजस्थान से महाराष्ट्र तक बारिश का असर
पिछले 24 घंटे में पूर्वी राजस्थान में भी कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी अच्छी बारिश हुई।
पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक व्यापक बारिश का अनुमान है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
दक्षिण भारत में बारिश कम, लेकिन तेज हवाओं से सावधान
प्रायद्वीपीय भारत में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां देश के अन्य हिस्सों की तुलना में अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं। हालांकि तटीय कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है।
उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में 28-29 अगस्त को तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान जैसी स्थिति बन सकती है। कुछ इलाकों में हवा के झोंकों की रफ्तार 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
समुद्र में जाने वाले मछुआरों के लिए भी चेतावनी
IMD ने समुद्री इलाकों में भी खराब मौसम को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बांग्लादेश के तटों के आसपास 29 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान समुद्र की स्थिति खराब रह सकती है।
अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में भी तेज हवाओं और थंडरस्क्वॉल की संभावना जताई गई है। ऐसे मौसम में मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने और स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।
3 सितंबर तक सक्रिय रहेगा मानसून, इन राज्यों पर खास नजर
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 अगस्त से 3 सितंबर तक देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रह सकता है। ओडिशा में 30 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी सबसे महत्वपूर्ण अलर्ट में से एक है।
वहीं उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर राज्यों में अलग-अलग दिनों में भारी बारिश हो सकती है।
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को निचले इलाकों से सावधान रहने, जलभराव वाली सड़कों पर अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन व IMD की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।


