Manipal Health Share Price: मणिपाल हेल्थ के शेयरों में लिस्टिंग के बाद से शानदार तेजी देखने को मिली है। करीब तीन हफ्ते पहले शेयर बाजार में एंट्री करने वाली कंपनी का मार्केट कैप अब ₹1 लाख करोड़ के पार निकल गया है। इस मुकाम के साथ मणिपाल हेल्थ मार्केट कैप के लिहाज से देश की दूसरी सबसे बड़ी हॉस्पिटल कंपनी बन गई है। हालांकि, रिकॉर्ड हाई बनाने के बाद शुक्रवार को शेयरों में तेज मुनाफावसूली देखने को मिली।
मणिपाल हेल्थ का ₹9,275 करोड़ का आईपीओ निवेशकों के बीच काफी चर्चा में रहा था। आईपीओ में शेयरों का इश्यू प्राइस ₹590 तय किया गया था। कंपनी के शेयरों ने 5 अगस्त को करीब 11 फीसदी प्रीमियम के साथ बाजार में एंट्री की थी। इसके बाद से शेयरों में लगातार तेजी का रुझान देखने को मिला।
रिकॉर्ड हाई बनाने के बाद शेयर में गिरावट
शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में मणिपाल हेल्थ के शेयरों में जोरदार खरीदारी हुई। बीएसई पर शेयर करीब 2 फीसदी की तेजी के साथ ₹813.70 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। इस स्तर पर कंपनी का मार्केट कैप ₹1 लाख करोड़ के पार निकल गया।
हालांकि, ऊपरी स्तर पर निवेशकों की बिकवाली के बाद शेयर की तेजी टिक नहीं पाई। कारोबार के दौरान शेयर करीब 3.32 फीसदी तक फिसलकर ₹771 के स्तर पर आ गया। फिलहाल बीएसई पर शेयर करीब 2.88 फीसदी की गिरावट के साथ ₹774.55 के आसपास कारोबार कर रहा था।
यानी रिकॉर्ड हाई से देखें तो शेयर ने इंट्रा-डे में करीब ₹43 की गिरावट भी दर्ज की। यह तेजी के बाद शेयर में मुनाफावसूली का संकेत माना जा सकता है।
आईपीओ प्राइस से करीब 31% ऊपर शेयर
मणिपाल हेल्थ के आईपीओ में निवेशकों को शेयर ₹590 के भाव पर मिले थे। 5 अगस्त को कंपनी की शेयर बाजार में लिस्टिंग हुई और स्टॉक करीब 11 फीसदी प्रीमियम के साथ बाजार में दाखिल हुआ।
इसके बाद शेयर में तेजी का सिलसिला बना रहा। ₹590 के इश्यू प्राइस की तुलना में ₹813.70 का रिकॉर्ड हाई देखें तो शेयर करीब 38 फीसदी ऊपर जा चुका है। हालांकि, रिकॉर्ड स्तर से फिसलने के बाद मौजूदा भाव में यह बढ़त कुछ कम हो गई है।
इतने कम समय में शेयर की इस तेजी ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या मौजूदा स्तरों से भी शेयर में तेजी जारी रह सकती है?
जून तिमाही में कैसी रही कंपनी की वित्तीय सेहत?
मणिपाल हेल्थ ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून 2026 के नतीजों में रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रदर्शन के स्तर पर अच्छी ग्रोथ दिखाई है। हालांकि, मुनाफे में सालाना आधार पर मामूली गिरावट दर्ज हुई।
जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 38.1 फीसदी बढ़कर ₹3,090.63 करोड़ हो गया। तिमाही आधार पर भी इसमें करीब 7 फीसदी की वृद्धि हुई।
दूसरी तरफ, कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 4.2 फीसदी घटकर ₹243.43 करोड़ रह गया। तिमाही आधार पर मुनाफे में करीब 31 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
इससे संकेत मिलता है कि कंपनी के कारोबार में विस्तार और रेवेन्यू ग्रोथ मजबूत बनी हुई है, लेकिन मुनाफे के स्तर पर लागत और अन्य कारकों का असर दिखाई दे रहा है।
EBITDA में 25% से ज्यादा की बढ़ोतरी
ऑपरेटिंग प्रदर्शन की बात करें तो जून तिमाही में मणिपाल हेल्थ का EBITDA सालाना आधार पर 25.6 फीसदी बढ़कर ₹736.61 करोड़ हो गया। तिमाही आधार पर EBITDA में करीब 7 फीसदी की वृद्धि हुई।
हालांकि, EBITDA मार्जिन में मामूली दबाव देखने को मिला। यह सालाना आधार पर 26.2 फीसदी से घटकर 23.8 फीसदी रह गया।
अगर सह्याद्रि हॉस्पिटल्स को अलग रखा जाए तो कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन जून तिमाही में करीब 25 फीसदी रहा। इसलिए आने वाली तिमाहियों में सह्याद्रि हॉस्पिटल्स के प्रदर्शन में सुधार कंपनी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मरीजों की संख्या में भी मजबूत बढ़ोतरी
मणिपाल हेल्थ के ऑपरेशनल आंकड़ों पर नजर डालें तो जून तिमाही में कंपनी के कारोबार में मरीजों की संख्या के स्तर पर भी अच्छी ग्रोथ रही।
कंपनी का इनपेशेंट वॉल्यूम 39 फीसदी बढ़ा, जबकि आउटपेशेंट वॉल्यूम में 26 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। इस दौरान हॉस्पिटल ऑक्यूपेंसी करीब 65 फीसदी रही।
सह्याद्रि हॉस्पिटल्स को छोड़कर कंपनी के प्रत्येक ऑक्यूपाइड बेड से औसत रेवेन्यू सालाना आधार पर 9 फीसदी बढ़कर करीब ₹77,200 हो गया।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि कंपनी की बेड कैपेसिटी के साथ-साथ मरीजों की संख्या और प्रति बेड कमाई में भी सुधार हुआ है।
HSBC ने शुरू किया कवरेज, ₹1000 का टारगेट
मणिपाल हेल्थ के शेयरों में आगे की संभावनाओं को लेकर ब्रोकरेज फर्म HSBC का रुख भी सकारात्मक है। HSBC ने कंपनी पर Buy रेटिंग के साथ कवरेज शुरू किया है और ₹1,000 का टारगेट प्राइस दिया है।
अगर ₹774.55 के आसपास के मौजूदा भाव से तुलना करें तो ₹1,000 का टारगेट करीब 29 फीसदी की संभावित तेजी का संकेत देता है। हालांकि, यह ब्रोकरेज का अनुमान है और शेयर बाजार में वास्तविक प्रदर्शन इससे अलग हो सकता है।
क्यों सकारात्मक है HSBC का नजरिया?
HSBC के मुताबिक मणिपाल हेल्थ देश की दूसरी सबसे बड़ी प्राइवेट हॉस्पिटल ऑपरेटर कंपनियों में शामिल है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2023 के बाद अपनी बेड कैपेसिटी को लगभग दोगुना किया है।
अब कंपनी का फोकस केवल विस्तार पर नहीं, बल्कि इस बढ़ी हुई क्षमता से मुनाफा बढ़ाने पर भी है। यही कारण है कि आने वाले वर्षों में कंपनी की प्रॉफिट ग्रोथ पर बाजार की नजर रहेगी।
ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2029 के बीच मणिपाल हेल्थ का शुद्ध मुनाफा करीब तीन गुना हो सकता है।
इसके अलावा कंपनी के कर्ज को लेकर भी HSBC का अनुमान सकारात्मक है। ब्रोकरेज के मुताबिक EBITDA के मुकाबले नेट डेट का अनुपात वित्त वर्ष 2026 में 3.7 गुना से घटकर वित्त वर्ष 2027 में करीब 0.7 गुना हो सकता है।
सह्याद्रि हॉस्पिटल्स बन सकता है बड़ा कैटेलिस्ट
मणिपाल हेल्थ के लिए सह्याद्रि हॉस्पिटल्स का प्रदर्शन आने वाले समय में अहम साबित हो सकता है। कंपनी ने सह्याद्रि हॉस्पिटल्स का अधिग्रहण किया है और अब इसके ऑपरेशनल प्रदर्शन में सुधार पर ध्यान दिया जा रहा है।
HSBC के अनुसार सह्याद्रि हॉस्पिटल्स के EBITDA मार्जिन में सुधार कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण कैटेलिस्ट बन सकता है। अगर अधिग्रहण की गई संपत्तियों से बेहतर रिटर्न मिलने लगता है तो इससे कंपनी की कुल लाभप्रदता को भी फायदा हो सकता है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
मणिपाल हेल्थ के शेयरों ने लिस्टिंग के महज कुछ हफ्तों में जिस तरह की तेजी दिखाई है, उससे निवेशकों का उत्साह बढ़ना स्वाभाविक है। लेकिन रिकॉर्ड हाई के आसपास पहुंचने के बाद शेयर में तेज उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल रहा है।
HSBC का ₹1,000 का टारगेट मौजूदा भाव से अच्छी संभावित तेजी दिखाता है, लेकिन निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि शेयर की लिस्टिंग को अभी बहुत कम समय हुआ है। ऐसे में आने वाली तिमाहियों के नतीजे, मार्जिन, ऑक्यूपेंसी, कर्ज और सह्याद्रि हॉस्पिटल्स के प्रदर्शन पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
कुल मिलाकर, कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ, बढ़ती मरीज संख्या, मजबूत EBITDA और भविष्य में कर्ज घटने की संभावना सकारात्मक संकेत हैं। वहीं, मौजूदा वैल्यूएशन और शेयर में हालिया तेज उछाल के कारण उतार-चढ़ाव का जोखिम भी बना हुआ है। इसलिए केवल ब्रोकरेज के टारगेट के आधार पर निवेश का फैसला करने के बजाय कंपनी के फंडामेंटल और अपनी जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना बेहतर होगा।
डिस्क्लेमर
यह लेख उपलब्ध बाजार और ब्रोकरेज रिपोर्ट से मिली जानकारी पर आधारित है। इसमें दी गई किसी भी जानकारी को निवेश की सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।


