NPS Equity: रिटायरमेंट के लिए लंबे समय तक निवेश करने वालों के बीच नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) एक प्रमुख विकल्प है। NPS में निवेशक अलग-अलग एसेट क्लास में पैसा लगा सकते हैं, जिनमें इक्विटी यानी Scheme E भी शामिल है। इक्विटी में निवेश का बड़ा हिस्सा शेयर बाजार से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में लगाया जाता है। यही वजह है कि लंबी अवधि में इसमें डेट या सरकारी सिक्योरिटीज की तुलना में ज्यादा रिटर्न की संभावना रहती है, हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण जोखिम भी अधिक होता है।
NPS Scheme E के 10 साल के प्रदर्शन को देखें तो HDFC Pension ने सरकारी और नॉन-गवर्नमेंट, दोनों ही सेक्टर में मजबूत प्रदर्शन किया है। सरकारी सेक्टर के आंकड़ों में HDFC Pension 13.01% के सालाना रिटर्न के साथ सबसे ऊपर रहा।
NPS Scheme E में HDFC Pension का दबदबा
25 अगस्त 2026 तक उपलब्ध NPS Trust के आंकड़ों के मुताबिक, सरकारी सेक्टर में Scheme E के 10 साल के प्रदर्शन में HDFC Pension सबसे आगे रहा। इसने इस अवधि में 13.01% का सालाना रिटर्न दिया। इसी अवधि में बेंचमार्क का रिटर्न 13.12% रहा।
HDFC Pension के बाद ICICI Prudential Pension Fund 12.90% रिटर्न के साथ दूसरे स्थान पर रहा। वहीं Kotak Mahindra Pension Fund ने 12.75% और UTI Pension Fund ने 12.54% का सालाना रिटर्न दिया।
| पेंशन फंड | 10 साल का रिटर्न | शुरुआत से रिटर्न |
|---|---|---|
| HDFC Pension | 13.01% | 13.93% |
| ICICI Prudential | 12.90% | 12.44% |
| Kotak | 12.75% | 11.82% |
| UTI | 12.54% | 12.19% |
| LIC | 11.69% | 12.24% |
| SBI | 11.64% | 10.66% |
नोट: ये आंकड़े NPS Trust के उपलब्ध डेटा पर आधारित हैं और 25 अगस्त 2026 तक के प्रदर्शन को दर्शाते हैं। पिछले प्रदर्शन से भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं होती।
प्राइवेट सेक्टर में भी HDFC Pension सबसे आगे
नॉन-गवर्नमेंट सेक्टर के आंकड़ों में भी HDFC Pension ने बाकी प्रमुख पेंशन फंड्स को पीछे छोड़ा है। 10 साल की अवधि में इसका सालाना रिटर्न 12.99% रहा।
इसके बाद ICICI Prudential Pension Fund का प्रदर्शन रहा, जिसने 12.88% का सालाना रिटर्न दिया। वहीं Kotak Pension Fund ने इस अवधि में 12.74% का रिटर्न दिया।
इससे साफ है कि लंबे समय के इक्विटी प्रदर्शन में HDFC Pension का ट्रैक रिकॉर्ड दोनों प्रमुख सेक्टरों में मजबूत रहा है।
NPS Scheme E में क्यों अहम है इक्विटी?
NPS में Scheme E इक्विटी एक्सपोजर वाला विकल्प है। इक्विटी में निवेश होने के कारण इसका प्रदर्शन शेयर बाजार की चाल से प्रभावित होता है। बाजार में तेजी आने पर इसमें रिटर्न बढ़ सकता है, जबकि गिरावट के दौरान निवेश के मूल्य में कमी भी आ सकती है।
रिटायरमेंट जैसे लंबे लक्ष्य के लिए इक्विटी का इस्तेमाल इसलिए किया जाता है क्योंकि निवेशक को लंबी अवधि में बाजार के उतार-चढ़ाव से उबरने का समय मिल सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर निवेशक के लिए अधिकतम इक्विटी ही सबसे बेहतर विकल्प होगा।
NPS में 100% तक इक्विटी का विकल्प
NPS में निवेशकों को अपनी जोखिम क्षमता और लक्ष्य के हिसाब से एसेट अलोकेशन चुनने की सुविधा मिलती है। Active Choice में निवेशक अपनी पसंद के अनुसार अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश का अनुपात तय कर सकता है।
दूसरी ओर Auto Choice में निवेशक की उम्र के आधार पर एसेट अलोकेशन अपने आप बदलता रहता है। आम तौर पर उम्र बढ़ने के साथ इक्विटी का हिस्सा कम और अपेक्षाकृत कम जोखिम वाली एसेट क्लास का हिस्सा बढ़ाया जाता है।
इसके अलावा Multiple Scheme Framework के तहत नॉन-गवर्नमेंट सब्सक्राइबर्स के लिए इक्विटी में 100% तक निवेश का विकल्प भी उपलब्ध है। हालांकि, ज्यादा इक्विटी का मतलब बाजार जोखिम भी ज्यादा होना है।
सिर्फ ज्यादा रिटर्न देखकर NPS फंड न चुनें
किसी पेंशन फंड का चुनाव करते समय केवल यह देखना पर्याप्त नहीं है कि पिछले 10 साल में किसने सबसे ज्यादा रिटर्न दिया। रिटायरमेंट निवेश का लक्ष्य कई दशकों तक चल सकता है, इसलिए कई दूसरे पहलुओं पर भी ध्यान देना जरूरी है।
सबसे पहले अलग-अलग समयावधियों का प्रदर्शन देखें। इसके बाद यह समझना भी जरूरी है कि बाजार में बड़ी गिरावट के दौरान फंड ने कैसा प्रदर्शन किया। फंड के रिटर्न की उसके संबंधित बेंचमार्क से तुलना करना भी उपयोगी हो सकता है।
इसके साथ ही निवेशक को अपनी उम्र, रिटायरमेंट की अवधि, जोखिम लेने की क्षमता और मौजूदा निवेश को ध्यान में रखना चाहिए। केवल पिछले एक साल या किसी एक अवधि के शानदार प्रदर्शन के आधार पर फैसला लेना उचित नहीं है।
NPS Equity में निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
- 10 साल का रिटर्न लंबी अवधि की तस्वीर समझने में मदद करता है, लेकिन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं देता।
- इक्विटी आधारित Scheme E में बाजार का जोखिम रहता है।
- बेंचमार्क के मुकाबले फंड का प्रदर्शन जरूर देखें।
- केवल एक साल के रिटर्न के आधार पर पेंशन फंड का चुनाव न करें।
- अपनी उम्र और रिटायरमेंट की समयसीमा के अनुसार इक्विटी एक्सपोजर तय करें।
- Active Choice और Auto Choice के अंतर को समझकर विकल्प चुनें।
- NPS का उद्देश्य लंबी अवधि में रिटायरमेंट कॉर्पस तैयार करना है, इसलिए छोटी अवधि के उतार-चढ़ाव से घबराकर निर्णय लेने से बचें।
निष्कर्ष
25 अगस्त 2026 तक के उपलब्ध 10 साल के आंकड़ों के अनुसार NPS Scheme E में HDFC Pension ने सरकारी सेक्टर में 13.01% और नॉन-गवर्नमेंट सेक्टर में 12.99% सालाना रिटर्न के साथ मजबूत प्रदर्शन किया है। ICICI Prudential और Kotak भी इस अवधि में बेहतर प्रदर्शन करने वाले फंड्स में शामिल रहे।
हालांकि, NPS में निवेश का फैसला केवल रिटर्न की रैंकिंग देखकर नहीं करना चाहिए। रिटायरमेंट के लक्ष्य, जोखिम क्षमता, निवेश अवधि और एसेट अलोकेशन को ध्यान में रखकर ही फैसला लेना बेहतर है।
Disclaimer: यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। यहां दिए गए रिटर्न पिछले प्रदर्शन पर आधारित हैं और भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं देते। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या अन्य वित्तीय निर्णय से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran किसी भी वित्तीय उत्पाद या सेवा की सिफारिश नहीं करता।


