boAt Financial Results: कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड boAt के लिए वित्त वर्ष 2025-26 बेहतर वित्तीय प्रदर्शन वाला साल रहा। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 38% बढ़कर ₹84.5 करोड़ पहुंच गया। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी ने ₹61.1 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया था। वहीं, वित्त वर्ष 2026 में ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू ₹2,931 करोड़ रहा।
boAt का मालिकाना हक Imagine Marketing Limited के पास है। कंपनी ईयरफोन, हेडफोन, स्पीकर, साउंडबार, स्मार्टवॉच, ट्रिमर, प्रोजेक्टर और पावरबैंक जैसे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स बेचती है।
वियरेबल बिजनेस घाटे से निकलकर मुनाफे में आया
boAt के वित्तीय प्रदर्शन में सबसे अहम बदलाव उसके वियरेबल कारोबार में देखने को मिला। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का वियरेबल सेगमेंट घाटे से निकलकर मुनाफे में आ गया।
इस सेगमेंट ने करीब ₹7 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया। इसके मुकाबले वित्त वर्ष 2025 में वियरेबल बिजनेस को करीब ₹54 करोड़ का घाटा हुआ था। यानी कंपनी ने इस कारोबार में लागत और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बेहतर करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है।
इसके अलावा चार्जिंग सॉल्यूशंस, केबल और गेमिंग समेत अन्य कैटेगरी का मुनाफा भी बढ़ा है। इन कैटेगरी का मुनाफा वित्त वर्ष 2025 के ₹14 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में ₹46 करोड़ हो गया।
इंटरनेशनल बिजनेस से रेवेन्यू में भी बढ़ोतरी
boAt घरेलू बाजार के साथ-साथ अब इंटरनेशनल मार्केट में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाने पर जोर दे रही है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का अंतरराष्ट्रीय कारोबार से रेवेन्यू ₹45 करोड़ रहा।
वित्त वर्ष 2025 में यह आंकड़ा करीब ₹20 करोड़ था। इस तरह एक साल में इंटरनेशनल रेवेन्यू में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। कंपनी अब विदेशी बाजारों को भी भविष्य के ग्रोथ इंजन के तौर पर देख रही है।
करीब ₹397 करोड़ का कैश रिजर्व, बैंक लोन शून्य
boAt के लिए FY26 सिर्फ मुनाफे में बढ़ोतरी का साल नहीं रहा, बल्कि कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट को भी मजबूत किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष का अंत करीब ₹397 करोड़ के कैश रिजर्व के साथ किया। खास बात यह है कि कंपनी पर कोई बैंक कर्ज नहीं था।
boAt के CEO गौरव नायर ने FY26 को कंपनी की नींव मजबूत करने और बाहरी चुनौतियों से निपटने का साल बताया। उनके मुताबिक अब कंपनी सुधार के दौर से आगे बढ़कर ग्रोथ पर ध्यान देने की तैयारी कर रही है।
कंपनी का फोकस अपने मुख्य ऑडियो कारोबार को मजबूत करने के साथ-साथ इंटरनेशनल मार्केट और प्रोजेक्टर, ग्रूमिंग तथा चार्जिंग सॉल्यूशंस जैसी नई कंज्यूमर-टेक कैटेगरी में विस्तार करने पर है।
boAt 2.0 पर कंपनी का फोकस
कंपनी के मैनेजमेंट के मुताबिक मजबूत वित्तीय स्थिति और बेहतर ऑपरेशनल प्रदर्शन के बाद अब boAt अगली ग्रोथ फेज में प्रवेश करने की तैयारी कर रही है। कंपनी इसे ‘boAt 2.0’ के तौर पर देख रही है।
ऑडियो सेगमेंट में अपनी पकड़ बनाए रखने के अलावा कंपनी नए प्रोडक्ट सेगमेंट और विदेशी बाजारों में विस्तार करके कारोबार के लिए नए ग्रोथ इंजन तैयार करना चाहती है।
IPO लाने की तैयारी में boAt
बेहतर वित्तीय प्रदर्शन के बीच boAt की पैरेंट कंपनी Imagine Marketing Limited शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी भी कर रही है।
सितंबर 2025 में कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI ने कंपनी को IPO लाने की मंजूरी दी थी। इससे पहले Imagine Marketing ने अप्रैल 2025 में SEBI के पास गोपनीय तरीके से IPO का ड्राफ्ट दाखिल किया था।
कंपनी की शुरुआत साल 2013 में अमन गुप्ता और समीर मेहता ने मिलकर की थी। पिछले कुछ वर्षों में boAt भारतीय कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट में एक प्रमुख ब्रांड के रूप में उभरा है।
निवेशकों के लिए क्यों अहम है FY26 का प्रदर्शन?
IPO की तैयारी कर रही कंपनी के लिए मुनाफे में 38% की बढ़ोतरी, वियरेबल कारोबार का घाटे से मुनाफे में आना और कैश रिजर्व का मजबूत होना सकारात्मक संकेत हैं। हालांकि IPO में निवेश का फैसला केवल मुनाफे और रेवेन्यू के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। कंपनी की वैल्यूएशन, IPO का प्राइस बैंड, नए शेयरों और ऑफर फॉर सेल का अनुपात तथा भविष्य की ग्रोथ संभावनाएं भी महत्वपूर्ण होंगी।
कुल मिलाकर, FY26 में boAt ने मुनाफे में सुधार के साथ अपने कारोबार को ज्यादा संतुलित बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी IPO के जरिए कितनी वैल्यूएशन हासिल करती है और लिस्टिंग के बाद अपनी ग्रोथ को किस तरह आगे बढ़ाती है।


