Data Center Stock: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर इंडस्ट्री के तेजी से विस्तार के बीच ऑप्टिकल फाइबर और डिजिटल कनेक्टिविटी कंपनियों के लिए अवसर बढ़ रहे हैं। इसी सेक्टर की कंपनी Sterlite Technologies (STL) पर ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म CLSA का भरोसा बना हुआ है। ब्रोकरेज ने कंपनी के शेयर पर Outperform रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹950 का टारगेट प्राइस दिया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 46% तेजी की संभावित गुंजाइश दर्शाता है।
शेयर में पहले ही शानदार तेजी देखने को मिल चुकी है। पिछले 6 महीनों में STL का शेयर करीब 337.15% चढ़ चुका है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि क्या कंपनी के मजबूत ऑर्डर बुक, AI डेटा सेंटर और अमेरिकी बाजार से मिलने वाले अवसर आगे भी शेयर की रफ्तार बनाए रख सकते हैं।
ऑर्डर बुक में जबरदस्त बढ़ोतरी
CLSA के मुताबिक, Sterlite Technologies की ऑर्डर बुक में मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली है। Q1 FY27 में कंपनी की ऑर्डर बुक 155% बढ़कर ₹18,600 करोड़ पहुंच गई। इसमें एक बड़े अमेरिकी हाइपरस्केलर से मिला ऑर्डर भी शामिल है।
मजबूत ऑर्डर बुक कंपनी के लिए भविष्य के रेवेन्यू विजिबिलिटी को बेहतर करती है। खासतौर पर डेटा सेंटर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ने से ऑप्टिकल फाइबर और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी की जरूरत बढ़ने की उम्मीद है।
डेटा सेंटर कारोबार बना बड़ा ग्रोथ ड्राइवर
Sterlite Technologies के लिए डेटा सेंटर से जुड़ा कारोबार तेजी से महत्वपूर्ण होता जा रहा है। Q1 FY27 में कंपनी के रेवेन्यू में डेटा सेंटर सेगमेंट की हिस्सेदारी 21% रही, जबकि FY26 में यह सिर्फ 1% थी।
यह बदलाव दिखाता है कि कंपनी का कारोबार पारंपरिक टेलीकॉम डिमांड से आगे बढ़कर AI और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर तेजी से बढ़ रहा है। CLSA का मानना है कि AI डेटा सेंटर के विस्तार के साथ ऑप्टिकल फाइबर की मांग आने वाले वर्षों में मजबूत बनी रह सकती है।
अमेरिका और भारत से मिल सकते हैं बड़े अवसर
CLSA के अनुसार, डेटा सेंटर क्षमता में अमेरिका और भारत दोनों ही बाजारों में तेज विस्तार की संभावना है।
अमेरिका में डेटा सेंटर क्षमता 2030 तक 63 GW से बढ़कर 126 GW तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं भारत में यह क्षमता 1.6 GW से बढ़कर करीब 10 GW तक पहुंच सकती है।
डेटा सेंटर क्षमता में इस तरह की वृद्धि के साथ हाई-स्पीड नेटवर्क और ऑप्टिकल कनेक्टिविटी की मांग भी बढ़ सकती है। Sterlite Technologies इस ट्रेंड का फायदा उठाने की स्थिति में दिखाई देती है।
AI डेटा सेंटर के लिए मिला बड़ा ऑर्डर
कंपनी के AI डेटा सेंटर पोर्टफोलियो Neuralis ने भी नए कारोबारी अवसरों को बढ़ाया है। CLSA के मुताबिक, कंपनी को एक अमेरिकी हाइपरस्केलर के AI डेटा सेंटर के लिए करीब 1.1 अरब डॉलर का बड़ा ऑर्डर मिला है।
इसके अलावा कंपनी को करीब 210 मिलियन डॉलर का इंटरनेशनल टेलीकॉम ऑर्डर और ₹960 करोड़ का घरेलू ऑर्डर भी मिला है। इन ऑर्डर्स से कंपनी के भविष्य के कारोबार और रेवेन्यू में मजबूती आने की उम्मीद है।
कमाई में भी तेज ग्रोथ का अनुमान
CLSA ने Sterlite Technologies की वित्तीय स्थिति को लेकर भी सकारात्मक अनुमान दिया है। ब्रोकरेज के अनुमान के मुताबिक, FY27 में कंपनी का:
- रेवेन्यू: ₹7,996.8 करोड़
- EBITDA: ₹1,644.5 करोड़
- नेट प्रॉफिट: ₹788.8 करोड़
रह सकता है।
वहीं FY29 तक कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर ₹10,367.2 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹1,207.8 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। अगर कंपनी ऑर्डर बुक को समय पर रेवेन्यू में बदलने में सफल रहती है, तो कमाई में यह ग्रोथ शेयर के लिए सकारात्मक संकेत हो सकती है।
CLSA ने दिया ₹950 का टारगेट
मजबूत ऑर्डर बुक, AI डेटा सेंटर कारोबार में बढ़ती हिस्सेदारी और अमेरिका व भारत में डेटा सेंटर क्षमता के विस्तार को देखते हुए CLSA ने Sterlite Technologies पर Outperform रेटिंग बरकरार रखी है।
ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ₹950 का टारगेट प्राइस दिया है, जो मौजूदा स्तर से करीब 46% संभावित तेजी का संकेत देता है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि शेयर पहले ही पिछले 6 महीनों में करीब 337% की तेज बढ़त दर्ज कर चुका है। इसलिए मौजूदा स्तर पर वैल्यूएशन, उतार-चढ़ाव और कंपनी के कारोबार से जुड़े जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
Sterlite Technologies की कहानी फिलहाल AI, डेटा सेंटर और ऑप्टिकल फाइबर की बढ़ती मांग से जुड़ी दिखाई देती है। मजबूत ऑर्डर बुक और नए बड़े ऑर्डर्स कंपनी की ग्रोथ के लिए सकारात्मक संकेत हैं। हालांकि, तेज रैली के बाद शेयर में करेक्शन का जोखिम भी बना रह सकता है।
Disclaimer: यह लेख ब्रोकरेज फर्म CLSA के अनुमान और उपलब्ध कारोबारी आंकड़ों पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी को निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या SEBI-रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार से सलाह जरूर लें।


