नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी है। सैलाब के तेज बहाव से जहां इंसानी बस्तियां और सड़कें प्रभावित हुई हैं, वहीं वन्यजीव भी इसकी चपेट में आ गए हैं। इसी बीच बाढ़ के पानी में फंसे कुछ हाथियों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में हाथी तेज बहाव के बीच खुद को बचाने और सुरक्षित स्थान तक पहुंचने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि नेपाल की तरफ से आए बाढ़ के पानी के तेज बहाव में बहकर ये हाथी उत्तर प्रदेश के बहराइच के पास कैलाशपुरी बैराज क्षेत्र में पहुंच गए। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स हाथियों की हालत देखकर भावुक हो गए और उनके सुरक्षित रेस्क्यू की कामना कर रहे हैं।
बाढ़ के पानी में फंसे 4-5 हाथी
Unos elefantes sobrevivieron la inundacion de nepal y llegaron flotando hasta la represa del río karnali (la india) pic.twitter.com/Ek0vEjbGER
— ElBuni (@therealbuni) August 26, 2026 वायरल वीडियो में कई हाथी पानी के तेज बहाव के बीच फंसे हुए दिखाई दे रहे हैं। पानी का बहाव इतना तेज है कि हाथियों को भी आगे बढ़ने में मुश्किल होती नजर आ रही है। वे लगातार अपने शरीर को पानी की सतह से ऊपर रखते हुए सुरक्षित जगह तक पहुंचने की कोशिश करते दिखाई देते हैं।
वीडियो रिकॉर्ड कर रहा शख्स दावा करता है कि नेपाल की तरफ से आए बाढ़ के पानी के साथ हाथी उत्तर प्रदेश के बहराइच स्थित कैलाशपुरी बैराज के आसपास पहुंच गए। उसके मुताबिक, मौके पर करीब चार से पांच हाथी पानी में फंसे हुए थे।
वीडियो के सामने आने के बाद वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ गई है। ऐसी स्थिति में तेज बहाव के कारण हाथियों के लिए सुरक्षित किनारे तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
नेपाल से आए सैलाब के साथ भारत पहुंचे हाथी
बताया जा रहा है कि नेपाल में आई बाढ़ का पानी कर्णाली नदी के रास्ते भारतीय क्षेत्र की ओर आया। उत्तर प्रदेश में कर्णाली नदी को घाघरा नदी के नाम से भी जाना जाता है। बाढ़ के तेज बहाव के बीच हाथियों के भी भारतीय क्षेत्र की तरफ पहुंचने की बात सामने आई है।
स्थिति की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीमें हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं और उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए रेस्क्यू प्रयास किए जा रहे हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में वन्यजीवों की सुरक्षा भी राहत और बचाव कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है।
वायरल वीडियो देखकर भावुक हुए सोशल मीडिया यूजर्स
हाथियों का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यूजर्स ने उनकी स्थिति पर चिंता जताई। लोगों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा का असर सिर्फ इंसानों पर नहीं पड़ता, बल्कि जंगलों और वन्यजीवों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
कई यूजर्स ने हाथियों के जल्द सुरक्षित रेस्क्यू की उम्मीद जताई। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि बाढ़ के दौरान इंसानों के साथ-साथ जानवरों के लिए भी राहत और बचाव की व्यवस्था जरूरी है।
एक यूजर ने आपदा के दौरान जानवरों की परेशानी की ओर ध्यान दिलाते हुए चिंता जताई, जबकि दूसरे यूजर ने कहा कि बाढ़ में फंसे इतने बड़े जानवरों को देखकर काफी दुख होता है।
नेपाल में कैसे आई इतनी भयानक बाढ़?
जानकारी के अनुसार, नेपाल के कुछ इलाकों में अचानक तेज बाढ़ की स्थिति बनी। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 9 बजे तिब्बत की तरफ से पानी का तेज बहाव भोटे कोशी नदी में पहुंचा। इसके बाद नेपाल के रसुवा जिले के कई इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया।
तिमुरे और स्याफ्रुबेसी जैसे इलाकों में सैलाब के कारण भारी नुकसान की खबरें सामने आईं। तेज बहाव ने सड़कों, बस्तियों और जरूरी बुनियादी ढांचे को प्रभावित किया। इस आपदा के बीच बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने और कई लोगों के लापता होने की खबरों ने चिंता बढ़ा दी है।
वन विभाग की टीमों की हाथियों पर नजर
बाढ़ की स्थिति के बीच राहत और बचाव दल जहां प्रभावित लोगों की तलाश और मदद में जुटे हैं, वहीं वन विभाग की टीमें हाथियों समेत अन्य वन्यजीवों की स्थिति पर नजर रख रही हैं।
हाथियों का यह वायरल वीडियो एक बार फिर दिखाता है कि प्राकृतिक आपदाओं में वन्यजीव भी गंभीर खतरे का सामना करते हैं। तेज बहाव वाले पानी में फंसे हाथियों को सुरक्षित निकालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, इसलिए रेस्क्यू टीमों के लिए उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखना जरूरी है।
फिलहाल वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे हाथियों की पूरी स्थिति और उनके रेस्क्यू को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा शेयर किए गए वीडियो और उपलब्ध दावों पर आधारित है। NewsJagran इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता और न ही वीडियो में किए गए दावों का समर्थन करता है।


