Vedanta News: वेदांता रिसोर्सेज ने उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है, जिनमें वेदांता या वेदांता एल्युमिनियम में अपनी हिस्सेदारी बेचने की बात कही गई थी। कंपनी ने साफ किया है कि फिलहाल उसकी ऐसी कोई योजना नहीं है। इसके बावजूद कमजोर बाजार सेंटीमेंट के बीच दोनों कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
बीएसई पर वेदांता का शेयर करीब 1.78% की गिरावट के साथ ₹281.55 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, वेदांता एल्युमिनियम के शेयर में करीब 0.90% की गिरावट रही और यह ₹458.40 के स्तर पर पहुंच गया।
Vedanta Resources ने क्या सफाई दी?
सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक, वेदांता रिसोर्सेज ने कहा है कि फिलहाल वेदांता, वेदांता एल्युमिनियम या वेदांता ग्रुप की किसी अन्य कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचने की उसकी कोई योजना नहीं है।
कंपनी ने कहा कि उसका फोकस फिलहाल ग्रोथ और वैल्यू क्रिएशन पर है। इसके तहत वेदांता रिसोर्सेज पांच अलग-अलग बिजनेस कंपनियों में डिमर्जर, ग्रोथ कैपेक्स पाइपलाइन, कर्ज घटाने और शेयरधारकों को रिटर्न देने पर ध्यान दे रही है।
वेदांता रिसोर्सेज ने अपनी लॉन्ग टर्म ट्रांसफॉर्मेशन स्ट्रैटेजी के तहत “Five Vedantas” यानी पांच अलग-अलग वेदांता कंपनियां बनाने की योजना के प्रति प्रतिबद्धता भी दोहराई है।
हिस्सेदारी बेचने की खबरों पर लगा विराम
वेदांता रिसोर्सेज की सफाई इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हिस्सेदारी बिक्री से जुड़ी खबरों के बाद निवेशकों के बीच कंपनी के शेयरों को लेकर चिंता पैदा हुई थी। अब कंपनी ने स्पष्ट कर दिया है कि मौजूदा समय में वेदांता या वेदांता एल्युमिनियम में हिस्सेदारी बेचने की कोई योजना नहीं है।
हालांकि, शेयर की चाल पर केवल इस खबर का असर नहीं है। बाजार में मौजूदा कमजोर सेंटीमेंट भी दोनों शेयरों पर दबाव डाल रहा है।
₹540 तक जा सकता है Vedanta Aluminium का शेयर?
वेदांता एल्युमिनियम को लेकर ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल का नजरिया सकारात्मक बना हुआ है। ब्रोकरेज ने कंपनी के शेयर पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है और ₹540 का टारगेट प्राइस दिया है।
यदि ₹458.40 के आसपास के भाव को आधार माना जाए, तो ₹540 का टारगेट मौजूदा स्तर से करीब 18% की संभावित तेजी दर्शाता है। हालांकि, यह ब्रोकरेज का अनुमान है और वास्तविक रिटर्न बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
कमाई में तेज ग्रोथ की उम्मीद
मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि वेदांता एल्युमिनियम अब मजबूत कमाई के दौर में प्रवेश कर सकती है। ब्रोकरेज के अनुमान के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2028 के बीच कंपनी का EBITDA करीब 18% की सालाना दर से बढ़ सकता है।
इस ग्रोथ को कई फैक्टर से सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। इनमें प्रोडक्शन और सेल्स वॉल्यूम में बढ़ोतरी, बेहतर इंटीग्रेशन से लागत में संरचनात्मक कमी और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स की बढ़ती हिस्सेदारी शामिल है।
ग्लोबल एल्युमिनियम सप्लाई में कमी से फायदा?
ब्रोकरेज का मानना है कि वैश्विक एल्युमिनियम बाजार में आने वाले समय में सप्लाई पर दबाव रह सकता है। चीन में प्रोडक्शन कैप, यूरोप और रूस में सप्लाई से जुड़ी चुनौतियां और चीन के बाहर कई वर्षों से नई क्षमता में सीमित निवेश इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं।
अगर ग्लोबल सप्लाई सीमित रहती है और मांग मजबूत बनी रहती है, तो एल्युमिनियम की कीमतों को सपोर्ट मिल सकता है। इसका फायदा वेदांता एल्युमिनियम जैसी बड़ी उत्पादक कंपनियों को मिल सकता है।
घरेलू मांग भी बन सकती है बड़ा सपोर्ट
भारत में एल्युमिनियम की घरेलू मांग मजबूत रहने की उम्मीद भी कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत है। इसके अलावा आयात की जगह घरेलू उत्पादन बढ़ने की संभावना से भी वेदांता एल्युमिनियम को फायदा मिल सकता है।
मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक कंपनी के वैल्यूएशन में री-रेटिंग की गुंजाइश भी है। ब्रोकरेज का मानना है कि वेदांता एल्युमिनियम का वैल्यूएशन उसके कई प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कम है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
वेदांता रिसोर्सेज की हिस्सेदारी बेचने की खबरों पर सफाई से तत्काल चिंता कुछ कम हो सकती है, लेकिन शेयर बाजार में निवेश का फैसला केवल एक खबर या ब्रोकरेज टारगेट के आधार पर नहीं करना चाहिए।
वेदांता और वेदांता एल्युमिनियम के शेयरों पर कमोडिटी कीमतों, कर्ज, वैश्विक एल्युमिनियम बाजार, कंपनी की कमाई और बाजार के सेंटीमेंट जैसे कई फैक्टर्स का असर पड़ सकता है। इसलिए निवेशकों को अपनी जोखिम क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखकर ही कोई फैसला लेना चाहिए।
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