Share Market Fall: घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। शुरुआती तेजी के बाद Sensex और Nifty लाल निशान में फिसले, लेकिन निचले स्तरों से रिकवरी करते हुए दोनों इंडेक्स फिर हरे निशान में पहुंच गए। बाजार की इस उठा-पटक के पीछे छह बड़े फैक्टर काम कर रहे हैं। इनमें BSE की मंथली एक्सपायरी, ऑटो शेयरों में दबाव, India VIX में तेजी, कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और Nifty का अहम टेक्निकल जोन शामिल हैं।
Stock Market Volatility: एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत उतार-चढ़ाव के साथ हुई। शुरुआती बढ़त के बाद सेंसेक्स दिन के ऊपरी स्तर से करीब 354 अंक तक फिसल गया, जबकि निफ्टी भी 24,200 के नीचे पहुंच गया। हालांकि, निचले स्तरों पर खरीदारी लौटने से दोनों प्रमुख इंडेक्स में फिर रिकवरी देखने को मिली।
सुबह 10:09 बजे के करीब सेंसेक्स 92.65 अंक यानी 0.12 फीसदी की गिरावट के साथ 77,380.29 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 15.20 अंक यानी 0.06 फीसदी टूटकर 24,192.55 पर था।
इंट्रा-डे कारोबार में सेंसेक्स 222.03 अंक चढ़कर 77,694.97 के स्तर तक पहुंचा था। इसके बाद इसमें 353.84 अंक की गिरावट आई और यह 77,341.13 के निचले स्तर तक फिसल गया। इसी तरह निफ्टी भी 89.70 अंक की तेजी के साथ 24,297.45 तक पहुंचा, लेकिन बाद में 116.20 अंक गिरकर 24,181.25 के स्तर तक आ गया।
बाजार में क्यों हो रही है इतनी उठापटक?
1. Sensex और BSE इंडेक्स की मंथली एक्सपायरी
आज Sensex, Bankex समेत BSE के प्रमुख इंडेक्स के मंथली डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी है। एक्सपायरी वाले दिन फ्यूचर्स और ऑप्शंस में पोजीशन एडजस्ट होने के कारण बाजार में सामान्य दिनों के मुकाबले उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। यही वजह है कि इंडेक्स बार-बार ग्रीन और रेड जोन के बीच घूमते नजर आ रहे हैं।
2. ऑटो सेक्टर पर बिकवाली का दबाव
गुरुवार को बाजार के कई सेक्टर्स में खास तेजी नजर नहीं आ रही है। ऑटो सेक्टर पर दबाव अपेक्षाकृत ज्यादा है। Nifty Auto इंडेक्स में करीब आधे फीसदी की कमजोरी देखने को मिली, जबकि Nifty PSU Bank भी दबाव में रहा।
जब बाजार के प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स में एक साथ मजबूती नहीं आती, तो बेंचमार्क इंडेक्स की तेजी टिकना मुश्किल हो जाता है। यही कारण है कि शुरुआती बढ़त के बाद बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिली।
3. India VIX में तेज उछाल
बाजार की घबराहट और संभावित उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाले India VIX में भी तेजी आई है। फिलहाल India VIX करीब 3.24 फीसदी की बढ़त के साथ 10.91 के स्तर पर है।
VIX में तेजी आमतौर पर यह संकेत देती है कि निकट अवधि में बाजार में वोलैटिलिटी बढ़ सकती है। इसके विपरीत VIX में गिरावट बाजार के अपेक्षाकृत शांत रहने की संभावना को दर्शाती है। ऐसे में VIX की मौजूदा तेजी ने भी निवेशकों की सतर्कता बढ़ाई है।
4. कच्चे तेल की कीमतों पर नजर
कच्चे तेल की कीमतें भी भारतीय बाजार के लिए अहम फैक्टर हैं। ब्रेंट क्रूड में लगातार चौथे कारोबारी दिन कमजोरी देखने को मिली और कीमत करीब 81 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल का आयात करता है। ऐसे में क्रूड की कीमतों में नरमी से आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव कम होने की उम्मीद रहती है। इसलिए तेल की कीमतों में गिरावट बाजार के लिए फिलहाल कुछ राहत देने वाला संकेत है।
5. FIIs की खरीदारी से बाजार को सपोर्ट
विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs की खरीदारी ने बाजार को नीचे जाने से कुछ हद तक सहारा दिया है। बुधवार को बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट के बावजूद विदेशी निवेशकों का फ्लो सपोर्टिव रहा।
FIIs ने लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बिकवाली से ज्यादा खरीदारी की। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशकों ने कुल 3,277.82 करोड़ रुपये के शेयरों की नेट खरीदारी की। इसमें 26 अगस्त को ही 502.63 करोड़ रुपये की नेट खरीदारी शामिल थी।
घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DIIs की ओर से भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली। 26 अगस्त को DIIs ने 6,425.16 करोड़ रुपये के शेयरों की नेट खरीदारी की। संस्थागत निवेशकों की यह खरीदारी बाजार में निचले स्तरों पर सपोर्ट देने का काम कर रही है।
6. Nifty के अहम टेक्निकल लेवल पर नजर
टेक्निकल चार्ट पर भी निफ्टी एक अहम रेंज में कारोबार कर रहा है। ब्रोकरेज फर्म बजाज ब्रोकिंग के मुताबिक, जब तक निफ्टी 24,360 के ऊपर मजबूत क्लोजिंग नहीं देता, तब तक इसके 24,000 से 24,350 के दायरे में रहने की संभावना है।
अगर निफ्टी 24,360 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट देता है तो रिकवरी आगे बढ़कर 24,550 से 24,700 के स्तर तक जा सकती है। वहीं, नीचे की तरफ 24,000 और 23,800 के स्तर अहम सपोर्ट जोन माने जा रहे हैं।
इसलिए फिलहाल निवेशकों की नजर 24,360 के रेजिस्टेंस और 24,000 के सपोर्ट पर बनी हुई है। इन स्तरों के टूटने या पार होने से बाजार की अगली दिशा को लेकर ज्यादा स्पष्ट संकेत मिल सकता है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
गुरुवार के कारोबार में बाजार की चाल से साफ है कि फिलहाल कई फैक्टर एक साथ सेंसेक्स और निफ्टी को प्रभावित कर रहे हैं। एक्सपायरी, सेक्टोरल दबाव और India VIX की तेजी बाजार में अस्थिरता बढ़ा रही है, जबकि FIIs-DIIs की खरीदारी और कच्चे तेल में नरमी निचले स्तरों पर सहारा दे रही है।
ऐसे माहौल में निवेशकों के लिए जल्दबाजी में ट्रेडिंग करने के बजाय प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल पर नजर रखना जरूरी है। खासकर निफ्टी के 24,000 और 24,360 के स्तर बाजार की आगे की दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे।
डिस्क्लेमर: यह लेख बाजार की मौजूदा गतिविधियों और उपलब्ध आंकड़ों की जानकारी देने के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर या निवेश में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी विशेष शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


