Yanis Yushvaev Shot Dead In Israel: इजरायल में काकेशियन यहूदी संगठित अपराध से जुड़े कथित गैंग लीडर यानीस युशवाएव की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। 40 वर्षीय यानीस को कैसरिया जंक्शन के एक पेट्रोल स्टेशन के पास बेहद करीब से सिर में गोली मारी गई। घटना का वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है, जिसने इजरायल के अंडरवर्ल्ड में चल रहे गैंगवार की गंभीरता को फिर सामने ला दिया है।
पेट्रोल स्टेशन के बाहर सिर में सटाकर मारी गोली
रिपोर्टों के मुताबिक, यानीस युशवाएव सोमवार को कैसरिया जंक्शन स्थित एक पेट्रोल स्टेशन के बिजनेस आउटलेट से अपने दो साथियों के साथ बाहर निकल रहा था। इसी दौरान हुडी और कैप पहने एक नकाबपोश हमलावर उसके पास पहुंचा और बेहद नजदीक से उसके सिर में गोली मार दी।
बताया जा रहा है कि हमलावर ने अपनी पहचान छिपाने के लिए सिलिकॉन से बना बेहद वास्तविक दिखने वाला ह्यूमन मास्क पहना था। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावर की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
कौन था यानीस युशवाएव?
यानीस युशवाएव ऑर अकीवा का रहने वाला था और शरोन क्षेत्र में संगठित अपराध की दुनिया में उसका नाम लंबे समय से चर्चा में था। इजरायली पुलिस और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उसे काकेशियन यहूदी अपराध गिरोह का कथित सरगना माना जाता था।
हालांकि, यानीस ने खुद पर लगे माफिया से जुड़े आरोपों को हमेशा खारिज किया था। एक इंटरव्यू में उसने खुद को एक कानूनी और स्थापित कारोबारी बताया था। वह कई रेस्टोरेंट कारोबार से जुड़ा था और महंगी लग्जरी कारों का शौकीन था। उसे अक्सर बेंटले जैसी महंगी कारों में देखा जाता था।
गैंगवार और आगजनी के मामलों में आया नाम
इजरायली पुलिस लंबे समय से यानीस की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। पुलिस के मुताबिक, उसका नाम कई गंभीर आपराधिक मामलों और गैंगवार से जुड़ा था।
साल 2023 में ऑर अकीवा और हाडेरा में एक ही महीने के दौरान बड़ी संख्या में गाड़ियों में आग लगाए जाने की घटनाएं हुई थीं। जांच में यानीस का नाम प्रमुख संदिग्ध के तौर पर सामने आया था।
उस पर हाडेरा के कारोबारियों के घरों और वाहनों पर गोलीबारी, हैंड ग्रेनेड से हमले और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोपों से जुड़े मामले भी बताए गए थे। हालांकि, इन मामलों में उसे दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त सबूत जुटाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना रहा।
एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी के बाद भी हो गया था रिहा
यानीस को इसी साल फरवरी में मॉस्को से लौटने के बाद बेन गुरियन एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस को उससे जुड़े कई मामलों में पूछताछ करनी थी, लेकिन पर्याप्त सबूतों के अभाव में उसे कुछ ही दिनों बाद रिहा कर दिया गया।
नवंबर 2025 में हुई एक कोर्ट सुनवाई के दौरान पुलिस अधिकारियों ने उसे खूनी दुश्मनी में शामिल एक आपराधिक गिरोह का प्रमुख बताया था। इसके बावजूद उसके खिलाफ मामलों को कानूनी तौर पर साबित करना आसान नहीं रहा।
पुलिस की निगरानी से बचने में माहिर था
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यानीस को पता था कि जांच एजेंसियां उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। यही वजह थी कि वह कथित तौर पर फोन पर संवेदनशील बातचीत करने से बचता था।
जांचकर्ताओं के लिए दूसरी बड़ी मुश्किल उसके गिरोह के सदस्यों की चुप्पी थी। पूछताछ के दौरान उसके करीबी सहयोगियों के पुलिस को जानकारी नहीं देने की बात भी सामने आई थी।
करीब एक दशक पहले हाडेरा में एक शोक सभा के दौरान भी यानीस पर जानलेवा हमला हुआ था। उस हमले में उसे गोली लगी थी, लेकिन वह बच गया था।
अदालत से नहीं, गोली से हुआ अंत
यानीस युशवाएव पर कई गंभीर आरोप लगाए गए, लेकिन सबूतों की कमी के चलते पुलिस को उसे कानूनी शिकंजे में रखने में बार-बार मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अब उसकी हत्या ने शरोन क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे कथित अंडरवर्ल्ड संघर्ष को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
दिनदहाड़े पेट्रोल स्टेशन के बाहर हुई इस हत्या ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि इजरायल में संगठित अपराध से जुड़े गैंगों के बीच चल रही दुश्मनी आखिर कितनी गहरी हो चुकी है। पुलिस अब हत्या के पीछे की वजह, हमलावर और संभावित गैंगवार कनेक्शन की जांच कर रही है।


