Urban Company vs Kent RO: दिल्ली हाई कोर्ट में दोनों कंपनियों के बीच विज्ञापन को लेकर विवाद हुआ। Urban Company ने Kent RO पर अपने Native वॉटर प्यूरीफायर के बारे में गलत और भ्रामक दावे करने का आरोप लगाया। सुनवाई के दौरान Kent RO ने विवादित विज्ञापन हटाने और भविष्य में इसी तरह की प्रचार सामग्री नहीं चलाने पर सहमति जताई।
Urban Company ने Kent RO Systems के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में मानहानि और ब्रांड की छवि खराब करने का मुकदमा दायर किया है। मामला Urban Company के Native वॉटर प्यूरीफायर को लेकर किए गए विज्ञापनों और सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि यह मुकदमा 11 अगस्त 2026 को दायर किया गया था।
किस बात को लेकर हुआ विवाद?
Urban Company के मुताबिक, Kent RO की विज्ञापन मुहिम में उसके Native M0, M1, M2, M1 Pro और M2 Pro वॉटर प्यूरीफायर को निशाना बनाया गया था।
इन प्रोडक्ट्स में दो साल की फिल्टर लाइफ और दो साल तक सर्विसिंग की जरूरत नहीं होने जैसे फीचर्स को लेकर Urban Company ने दावे किए थे। कंपनी का आरोप है कि Kent RO ने अपने विज्ञापनों में इन दावों को ‘मार्केटिंग गिमिक’ बताया।
Urban Company के अनुसार, Kent RO की प्रचार सामग्री में Native वॉटर प्यूरीफायर के इस्तेमाल को उपभोक्ताओं के लिए ‘असुरक्षित’ और ‘जोखिम भरा’ भी बताया गया। Urban Company ने इन दावों को गलत और भ्रामक बताते हुए अदालत का रुख किया।
दिल्ली हाई कोर्ट में क्या हुआ?
मामले की सुनवाई 12 अगस्त 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान Kent RO ने अदालत के सामने विवादित विज्ञापन हटाने पर सहमति जताई।
Urban Company के अनुसार, Kent RO ने यह भी कहा कि वह भविष्य में ऐसे विज्ञापन या प्रचार सामग्री नहीं चलाएगा, जिनमें Urban Company के Native वॉटर प्यूरीफायर की दो साल की फिल्टर लाइफ या दो साल तक बिना सर्विसिंग वाले फीचर को लेकर इसी तरह के दावे किए जाएं।
अदालत के आदेश के मुताबिक, Kent RO को 12 अगस्त से 15 दिनों के भीतर विवादित विज्ञापन और सोशल मीडिया पोस्ट हटाने हैं। Urban Company ने बताया कि अदालत का आदेश 12 अगस्त को पारित हुआ था और इसे 22 अगस्त को हाई कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड किया गया।
दोनों कंपनियों के बीच पहले से चल रहे हैं कानूनी मामले
Urban Company और Kent RO के बीच यह पहला कानूनी विवाद नहीं है। Urban Company ने बताया कि दोनों कंपनियों के बीच कई अन्य मामले भी अदालत में लंबित हैं।
इनमें Kent RO की ओर से दायर पेटेंट उल्लंघन का मुकदमा, उस पेटेंट को चुनौती देने वाला Urban Company का जवाबी दावा और Kent RO के खिलाफ दायर टॉर्टियस इंटरफेरेंस से जुड़ा मामला शामिल है।
इससे साफ है कि दोनों कंपनियों के बीच विवाद केवल विज्ञापन तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रोडक्ट टेक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा से जुड़े मुद्दों तक भी फैला हुआ है।
Urban Company के शेयर में जोरदार तेजी
इस कानूनी विवाद के बीच Urban Company के शेयर में शुक्रवार को अच्छी तेजी देखने को मिली। कंपनी का शेयर 8.19% चढ़कर ₹157.41 पर बंद हुआ।
इस साल अब तक Urban Company के शेयर में करीब 20% की बढ़त दर्ज की गई है। हालांकि, पिछले 12 महीनों की बात करें तो शेयर में करीब 6% की गिरावट रही है।
क्या है पूरा मामला?
फिलहाल इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि Kent RO ने विवादित विज्ञापन और सोशल मीडिया पोस्ट हटाने पर सहमति दी है। साथ ही भविष्य में इसी तरह के दावों वाली प्रचार सामग्री से बचने की बात कही है।
हालांकि, दोनों कंपनियों के बीच पेटेंट और अन्य कानूनी विवाद अभी लंबित हैं। ऐसे में Urban Company और Kent RO के बीच कानूनी लड़ाई पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।


