Weather Update for August 24: देशभर में मानसून की सक्रियता के बीच 24 अगस्त को कई राज्यों में मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश और बिहार से लेकर मध्य भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने 18 से ज्यादा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अलग-अलग इलाकों में बारिश और खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। इसके साथ ही बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का खतरा भी बना रहेगा। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
इन 3 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

24 अगस्त को छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। लगातार तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। वहीं कुछ क्षेत्रों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा भी रहेगा।
खासकर ग्रामीण और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेने की जरूरत है। भारी बारिश के दौरान स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना सुरक्षित रहेगा।
यूपी और बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश
उत्तर भारत में पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। वहीं बिहार में भी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है।
मध्य भारत की बात करें तो पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है।
दक्षिण भारत में तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में तेज बारिश का अलर्ट है।
40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
बारिश के साथ कई राज्यों में आंधी और बिजली गिरने का खतरा भी रहेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक, ओडिशा और तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल के अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर निर्माण वाले ढांचों से दूरी बनाए रखना जरूरी होगा।
इन राज्यों में 30-40 किमी प्रति घंटे की हवाओं का अनुमान
बिहार, तटीय कर्नाटक, झारखंड, केरल और माहे, लक्षद्वीप, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम तथा तेलंगाना में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
इसके अलावा असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उत्तराखंड और विदर्भ में अलग-अलग जगहों पर बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई तटीय एवं मैदानी इलाकों में भी तेज सतही हवाएं चल सकती हैं।
अरब सागर में भी खराब मौसम का अलर्ट
समुद्री इलाकों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। सोमालिया और ओमान के तटों के आसपास तथा मध्य-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इनकी गति बढ़कर करीब 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
वहीं कर्नाटक और केरल के तटीय इलाकों, लक्षद्वीप और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इनकी गति बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
समुद्र में खराब मौसम और तेज हवाओं को देखते हुए मछुआरों तथा छोटे समुद्री जहाजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
24 अगस्त को किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत?
भारी बारिश और आंधी के दौरान खास तौर पर निचले इलाकों, जलभराव वाले क्षेत्रों और कमजोर निर्माण वाले स्थानों पर रहने वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और जलस्रोतों के आसपास जाने से बचना बेहतर है।
वाहन चालकों को भी भारी बारिश के दौरान दृश्यता कम होने और सड़कों पर पानी भरने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए गति नियंत्रित रखने की सलाह दी जाती है।
निष्कर्ष
24 अगस्त को देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने वाला है। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश, जबकि उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, मध्य भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। इसके साथ ही कुछ तटीय और समुद्री इलाकों में तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी है।
ऐसे में लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट और प्रशासन की एडवाइजरी पर नजर रखनी चाहिए और खराब मौसम के दौरान जरूरी सावधानी बरतनी चाहिए।


