Raksha Bandhan Free Bus Service: रक्षाबंधन के मौके पर उत्तर प्रदेश की महिलाओं के लिए योगी सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि रक्षाबंधन के दौरान महिला यात्री अपने साथ एक सहयोगी के साथ उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। यह सुविधा 27 अगस्त की रात से शुरू होकर 28 अगस्त की रात तक लागू रहेगी। यानी त्योहार पर अपने मायके या परिवार के पास जाने वाली महिलाओं को बस किराए की चिंता नहीं करनी होगी।
रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा
रक्षाबंधन इस साल 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। त्योहार को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं के लिए विशेष परिवहन व्यवस्था करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार, 23 अगस्त को अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में रक्षाबंधन के दौरान महिला यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
सरकार के निर्देश के मुताबिक 27 अगस्त की रात से 28 अगस्त की रात तक महिला यात्री राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में मुफ्त सफर कर सकेंगी। खास बात यह है कि महिला के साथ यात्रा करने वाले एक सहयोगी को भी मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी।
इस फैसले का सीधा फायदा उन महिलाओं को मिलेगा जो रक्षाबंधन के अवसर पर अपने मायके, भाई के घर या अन्य पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए यात्रा करती हैं। त्योहार के दौरान बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए सरकार ने परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी रहेगा खास फोकस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिर्फ मुफ्त बस सेवा की घोषणा तक सीमित न रहते हुए महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी अधिकारियों को कई निर्देश दिए हैं। उन्होंने परिवहन विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा है, ताकि रक्षाबंधन के दौरान महिलाओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री ने प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक मैनेजमेंट बेहतर करने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही महिलाओं की सुरक्षा के लिए एंटी-रोमियो स्क्वॉड को सक्रिय रखने की बात भी कही गई है।
त्योहार के दौरान बस अड्डों और प्रमुख रूट्स पर यात्रियों की भीड़ बढ़ सकती है। ऐसे में प्रशासन को भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था पर विशेष नजर रखने को कहा गया है।
नशे में बस चलाने वाले ड्राइवरों पर सख्ती
रक्षाबंधन के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बस चालकों की जांच और निगरानी सुनिश्चित की जाए। नशे का सेवन करने वाले किसी भी चालक को बस चलाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहार के दौरान यात्रियों को सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सके। लंबी दूरी की बसों और प्रमुख रूट्स पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसके अलावा ऑटो और टैक्सी चालकों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं। महिला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिवहन से जुड़े सभी आवश्यक इंतजाम करने को कहा गया है।
क्यों खास है सरकार का यह फैसला?
रक्षाबंधन के मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं अपने भाइयों के घर जाने के लिए यात्रा करती हैं। कई परिवारों के लिए त्योहार के दौरान आने-जाने का किराया भी अतिरिक्त खर्च बन जाता है। ऐसे में महिला और उनके एक साथी के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा आर्थिक रूप से भी राहत दे सकती है।
खासकर ग्रामीण और छोटे शहरों से बड़े शहरों या दूसरे जिलों में जाने वाली महिलाओं को इसका फायदा मिल सकता है। त्योहार के दौरान बस सेवा को सुचारू रखने के लिए सरकार ने परिवहन विभाग और जिला प्रशासन को पहले से तैयारी करने को कहा है।
यह व्यवस्था इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि रक्षाबंधन के आसपास बस स्टैंड और प्रमुख मार्गों पर सामान्य दिनों की तुलना में यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है। सरकार चाहती है कि महिलाओं को घर पहुंचने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
यूपी में जलभराव और बाढ़ की स्थिति की भी समीक्षा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उच्चस्तरीय बैठक में सिर्फ रक्षाबंधन की तैयारियों पर ही चर्चा नहीं हुई। बैठक के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, मेरठ, सहारनपुर और गाजियाबाद के मंडलायुक्तों तथा नोएडा प्राधिकरण से जलभराव वाले क्षेत्रों और उसके कारणों की जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहरों में अनावश्यक जलभराव की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए। निचले इलाकों को पहले से चिन्हित करने और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त पंपिंग स्टेशन स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने मेयरों, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के अध्यक्षों को स्थानीय पार्षदों के साथ फील्ड में जाकर जलभराव और सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करने को कहा। नालों पर अतिक्रमण की स्थिति में उसे चिह्नित कर तत्काल हटाने के निर्देश भी दिए गए।
19 बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति पर नजर
बैठक में उत्तर प्रदेश के 19 बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।
बलिया, गोंडा, बहराइच, बाराबंकी, फर्रुखाबाद और लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारियों से बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों के बारे में जानकारी ली गई।
सरकार का जोर इस बात पर है कि बाढ़ और जलभराव प्रभावित इलाकों में लोगों को समय पर राहत मिल सके और प्रशासनिक मशीनरी जमीन पर सक्रिय रहे।
रक्षाबंधन के लिए पहले से तैयारी का निर्देश
रक्षाबंधन के मौके पर यूपी में बड़ी संख्या में लोग बसों से यात्रा करते हैं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को पहले से तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए हैं। महिला यात्रियों के लिए मुफ्त यात्रा के साथ-साथ सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और बस चालकों की निगरानी पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
महिलाओं के लिए क्या है खास?
- 27 अगस्त की रात से 28 अगस्त की रात तक मुफ्त बस यात्रा की सुविधा।
- महिला यात्री के साथ एक सहयोगी भी मुफ्त यात्रा कर सकेगा।
- सुविधा उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में लागू होगी।
- महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए पुलिस और प्रशासन को विशेष इंतजाम करने के निर्देश।
- प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक मैनेजमेंट मजबूत किया जाएगा।
- बस चालकों की जांच और निगरानी की जाएगी।
- नशे में पाए जाने वाले चालक को बस चलाने की अनुमति नहीं होगी।
- ऑटो और टैक्सी चालकों के सत्यापन पर भी जोर दिया गया है।
महिलाओं के लिए रक्षाबंधन पर बड़ी राहत
रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते का खास त्योहार है और इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं अपने मायके या भाइयों के घर पहुंचती हैं। ऐसे में यूपी सरकार की मुफ्त बस यात्रा की घोषणा महिलाओं के लिए अहम राहत मानी जा रही है। इसके साथ एक साथी को भी मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलने से यात्रा करना और आसान हो सकता है।
सरकार ने मुफ्त यात्रा के साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी है। अब परिवहन विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी होगी कि 27 अगस्त की रात से 28 अगस्त की रात तक यात्रियों को सुगम और सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराया जाए।
नोट: यह जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 23 अगस्त को हुई उच्चस्तरीय बैठक में दिए गए निर्देशों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है।


