बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। रक्षाबंधन से पहले सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को सोने का भाव बढ़कर ₹1.63 लाख प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया। वहीं, चांदी की कीमत भी ₹2.50 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर गई। दोनों कीमती धातुओं के भाव करीब तीन महीने के ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी, बॉन्ड यील्ड में गिरावट और वैश्विक बाजार में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी ने सोने-चांदी की कीमतों को मजबूती दी है। ऐसे में त्योहारी सीजन से पहले सोना और चांदी खरीदने वाले लोगों के लिए कीमतों का मौजूदा स्तर काफी महत्वपूर्ण हो गया है।
दिल्ली में कितना महंगा हुआ सोना?
स्थानीय सर्राफा कारोबारियों के अनुसार, 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना ₹1,200 की तेजी के साथ ₹1,63,500 प्रति 10 ग्राम हो गया। इस कीमत में सभी कर शामिल हैं।
पिछले कारोबारी सत्र में सोने का भाव ₹1,62,300 प्रति 10 ग्राम था। यानी एक दिन में इसकी कीमत में ₹1,200 की बढ़ोतरी हुई है।
सोना इससे पहले 19 मई को इस स्तर के आसपास कारोबार करता नजर आया था। उस समय इसकी कीमत करीब ₹1,63,600 प्रति 10 ग्राम थी। इससे पता चलता है कि घरेलू बाजार में सोने की कीमत एक बार फिर मजबूत तेजी के दौर में पहुंच रही है।
चांदी ने भी पकड़ी तूफानी रफ्तार
सोने के साथ-साथ चांदी में भी जोरदार खरीदारी देखने को मिली। शुक्रवार को चांदी की कीमत ₹5,000 बढ़कर ₹2,50,000 प्रति किलोग्राम हो गई। यह चांदी का करीब 15 सप्ताह का उच्चतम स्तर है।
इससे पहले गुरुवार को भी चांदी के भाव में ₹10,000 की बड़ी तेजी आई थी और कीमत ₹2,45,000 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई थी।
इस तरह केवल दो कारोबारी सत्र में चांदी ₹15,000 प्रति किलोग्राम महंगी हो चुकी है। चांदी इससे पहले 4 मई को करीब इसी स्तर पर कारोबार कर रही थी, जब इसका भाव ₹2,49,500 प्रति किलोग्राम था।
सोने-चांदी में तेजी की वजह क्या है?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कीमती धातुओं में मौजूदा तेजी के पीछे कई अहम कारण हैं। सबसे बड़ा सपोर्ट अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से मिल रहा है।
लेमन मार्केट्स डेस्क के शोध प्रमुख गौरव गर्ग के मुताबिक, सोने में तेजी लगातार तीसरे सप्ताह जारी है। कमजोर अमेरिकी डॉलर और लंबी अवधि के अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट ने सोने और चांदी की मांग को मजबूत किया है।
जब डॉलर कमजोर होता है, तो आमतौर पर डॉलर में कीमत वाले सोने की दूसरे देशों के खरीदारों के लिए लागत कम हो जाती है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग बढ़ सकती है।
इसके अलावा, वैश्विक बाजारों में आर्थिक और वित्तीय अनिश्चितता के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश के विकल्प के तौर पर भी सोने की ओर रुख करते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी में तेजी
घरेलू बाजार के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी रही। शुक्रवार को हाजिर सोने की कीमत करीब 2 फीसदी बढ़कर 4,600.91 डॉलर प्रति औंस हो गई।
वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत करीब 3 फीसदी बढ़कर 69.87 डॉलर प्रति औंस पहुंच गई।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ जिंस विश्लेषक सौमिल गांधी के अनुसार, हाजिर सोना करीब 4,600 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया है। यह 18 मई के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। सोना लगातार तीसरे सप्ताह बढ़त की ओर बढ़ रहा है।
उनके मुताबिक, निवेश मांग मजबूत बनी हुई है। इसके अलावा मुद्रा और बॉन्ड बाजार में बढ़ी अस्थिरता भी सोने की कीमतों को सपोर्ट कर रही है।
क्या अभी सोना-चांदी खरीदना चाहिए?
सोने और चांदी की कीमतें इस समय काफी ऊंचे स्तर पर हैं, इसलिए केवल तेजी देखकर एकमुश्त बड़ी खरीदारी करना जोखिम भरा हो सकता है। अगर खरीदारी निवेश के उद्देश्य से करनी है, तो निवेशक अपनी जरूरत और जोखिम क्षमता के हिसाब से चरणबद्ध तरीके से खरीदारी पर विचार कर सकते हैं।
वहीं, अगर शादी, रक्षाबंधन या किसी अन्य पारिवारिक कार्यक्रम के लिए आभूषण खरीदना जरूरी है, तो पूरी खरीदारी को टालने के बजाय जरूरत के हिसाब से थोड़ी-थोड़ी खरीदारी करना एक विकल्प हो सकता है।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि सोने और चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों, बॉन्ड यील्ड और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों से प्रभावित होती हैं। इसलिए आगे भी कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
सोना और चांदी खरीदने से पहले निवेशकों को केवल मौजूदा कीमत नहीं देखनी चाहिए। खरीदारी का उद्देश्य, निवेश की अवधि और जोखिम क्षमता भी महत्वपूर्ण है।
- ऊंची कीमत पर एकमुश्त निवेश से बचने पर विचार करें।
- लंबी अवधि के निवेश में चरणबद्ध खरीदारी का विकल्प देखा जा सकता है।
- आभूषण खरीदते समय मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क जरूर जांचें।
- निवेश के लिए भौतिक सोने के अलावा अन्य विकल्पों की तुलना भी करें।
- चांदी में सोने की तुलना में अधिक उतार-चढ़ाव हो सकता है।
निष्कर्ष: दिल्ली में सोना ₹1.63 लाख और चांदी ₹2.50 लाख प्रति किलोग्राम के पार पहुंच चुकी है। कमजोर डॉलर और वैश्विक बाजार की मजबूत मांग ने कीमती धातुओं को सपोर्ट दिया है। हालांकि, कीमतें रिकॉर्ड ऊंचे स्तरों के करीब होने के कारण खरीदारी से पहले अपने निवेश लक्ष्य और जोखिम क्षमता का ध्यान रखना जरूरी है। यह लेख निवेश सलाह नहीं है।


