हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में शुक्रवार को जोरदार खरीदारी देखने को मिली। वेदांता ग्रुप की इस कंपनी का शेयर कारोबार के दौरान 4 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया। पिछले दो कारोबारी सत्रों में शेयर 7 फीसदी से अधिक मजबूत हो चुका है। कंपनी के शेयर में इस तेजी की बड़ी वजह चांदी की कीमतों में आई तेज बढ़त मानी जा रही है।
नई दिल्ली: अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाले वेदांता ग्रुप की कंपनी हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में शुक्रवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कंपनी का शेयर शुरुआती कारोबार में ही मजबूत रहा और दिन के दौरान 4 फीसदी से ज्यादा उछल गया। लगातार दूसरे कारोबारी दिन तेजी आने से हिंदुस्तान जिंक के शेयर ने दो दिनों में 7 फीसदी से अधिक की बढ़त दर्ज की है।
हिंदुस्तान जिंक चांदी के प्रमुख उत्पादकों में शामिल है। ऐसे में चांदी की कीमतों में होने वाली तेजी का सीधा असर कंपनी के कारोबार और निवेशकों की धारणा पर पड़ता है। पिछले तीन कारोबारी दिनों में चांदी की कीमत में करीब 14,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक की तेजी देखने को मिली है। इसी वजह से मेटल शेयरों में खरीदारी बढ़ी और हिंदुस्तान जिंक को भी इसका फायदा मिला।
598 रुपये के पार पहुंचा हिंदुस्तान जिंक का शेयर
बीएसई पर हिंदुस्तान जिंक का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 573 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। शुक्रवार को शेयर 580.90 रुपये पर खुला। कारोबार के दौरान इसमें तेजी बढ़ती गई और यह 598.50 रुपये के उच्च स्तर तक पहुंच गया।
इस तेजी के साथ कंपनी का मार्केट कैप 2.50 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। हालांकि, शेयर अभी अपने 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर 732.60 रुपये से नीचे है। मौजूदा तेजी ने एक बार फिर निवेशकों का ध्यान कंपनी और पूरे मेटल सेक्टर की तरफ खींचा है।
दो दिनों में 7 फीसदी से अधिक की तेजी को देखते हुए हिंदुस्तान जिंक के शेयर में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। हालांकि, कमोडिटी आधारित कंपनियों के शेयरों में तेजी अक्सर संबंधित धातु की कीमतों से जुड़ी होती है, इसलिए चांदी के भाव में आगे होने वाले उतार-चढ़ाव पर भी बाजार की नजर रहेगी।
चांदी के भाव में तीन दिन में 14,000 रुपये की तेजी
हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में तेजी का सबसे बड़ा ट्रिगर चांदी की कीमतों में आई उछाल है। एमसीएक्स पर चांदी का भाव पिछले तीन दिनों में करीब 14,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ चुका है।
शुक्रवार के कारोबार में चांदी की कीमत 2,47,699 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। लगातार तीसरे दिन चांदी में तेजी से सिल्वर उत्पादकों और इससे जुड़े शेयरों को सपोर्ट मिला।
चांदी को लेकर बाजार में सकारात्मक माहौल के पीछे कमजोर डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड से जुड़ी उम्मीदों को प्रमुख कारणों में माना जा रहा है। जब डॉलर कमजोर होता है तो आमतौर पर डॉलर में कीमत तय होने वाली कमोडिटी को सपोर्ट मिलता है। इसका असर कीमती धातुओं की मांग और कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है।
क्यों महत्वपूर्ण है चांदी की कीमत?
हिंदुस्तान जिंक के लिए चांदी महज एक अतिरिक्त उत्पाद नहीं है, बल्कि कंपनी के कारोबार में इसका महत्वपूर्ण योगदान है। कंपनी जिंक, लेड और सिल्वर जैसे मेटल्स का उत्पादन करती है। इसलिए चांदी की कीमत में तेजी कंपनी के रेवेन्यू और मुनाफे की संभावनाओं को लेकर बाजार की धारणा को मजबूत कर सकती है।
यही वजह है कि जब चांदी में अचानक तेज तेजी आती है तो निवेशक हिंदुस्तान जिंक जैसे शेयरों पर भी नजर रखते हैं। शुक्रवार को कंपनी के शेयर में आई तेजी को इसी कमोडिटी सपोर्ट से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि, सिर्फ चांदी की कीमत बढ़ने से शेयर की दिशा तय नहीं होती। कंपनी का उत्पादन, मेटल की बिक्री कीमत, लागत, वैश्विक कमोडिटी बाजार, डॉलर की चाल और तिमाही नतीजे भी शेयर के प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं।
वेदांता ग्रुप की दूसरी कंपनी भी चढ़ी
हिंदुस्तान जिंक के अलावा वेदांता ग्रुप से जुड़ी एक अन्य कंपनी वेदांता एल्युमीनियम मेटल के शेयरों में भी तेजी देखने को मिली। बीएसई पर कंपनी का शेयर पिछले सत्र में 435.80 रुपये पर बंद हुआ था और शुक्रवार को 438.50 रुपये पर खुला।
कारोबार के दौरान शेयर 444.95 रुपये तक पहुंच गया। एनएसई पर भी यह 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ 444.65 रुपये तक गया।
कंपनी ने अपने ऑटोमोटिव सॉल्यूशंस पोर्टफोलियो को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्राइमरी फाउंड्री अलॉय रेंज के तहत दो नए एडवांस्ड प्रोडक्ट लॉन्च करने की घोषणा की है। इससे ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए कंपनी के मेटल सॉल्यूशंस पोर्टफोलियो का विस्तार होने की उम्मीद है।
मेटल शेयरों में क्यों बढ़ रही है दिलचस्पी?
वैश्विक कमोडिटी बाजार में हाल के उतार-चढ़ाव के बीच मेटल शेयरों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं में तेजी के साथ-साथ औद्योगिक धातुओं की कीमतों में होने वाली हलचल भी मेटल कंपनियों के शेयरों को प्रभावित करती है।
हिंदुस्तान जिंक के मामले में चांदी की तेजी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि कंपनी प्रमुख सिल्वर उत्पादकों में शामिल है। ऐसे में चांदी के भाव में लगातार मजबूती कंपनी के शेयर के लिए सकारात्मक सेंटीमेंट तैयार कर सकती है।
हालांकि, निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कमोडिटी की कीमतें काफी तेजी से ऊपर-नीचे हो सकती हैं। इसलिए चांदी में आई तेजी के आधार पर ही किसी शेयर में निवेश का फैसला करना उचित नहीं है। कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन, उत्पादन और आगामी नतीजों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
हिंदुस्तान जिंक के शेयर में दो दिनों में 7 फीसदी से अधिक की तेजी ने बाजार में मजबूत मोमेंटम का संकेत दिया है। चांदी की कीमत में लगातार तीसरे दिन तेजी ने कंपनी के शेयर को खासा सपोर्ट दिया है। कारोबार के दौरान 598.50 रुपये का स्तर छूना भी निवेशकों की मजबूत खरीदारी को दर्शाता है।
आगे शेयर की दिशा काफी हद तक चांदी की कीमत और मेटल सेक्टर के सेंटीमेंट पर निर्भर रह सकती है। अगर चांदी में तेजी बनी रहती है तो हिंदुस्तान जिंक समेत सिल्वर से जुड़े शेयरों को सपोर्ट मिल सकता है। वहीं, चांदी की कीमतों में अचानक गिरावट आने पर इन शेयरों में मुनाफावसूली का दबाव भी देखने को मिल सकता है।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल बाजार और कंपनी से जुड़ी जानकारी देने के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


