Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार ने 21 अगस्त को रेंजबाउंड कारोबार के बीच लगभग सपाट रुख के साथ सत्र का समापन किया। सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी में भी हल्की तेजी देखने को मिली। बाजार में मेटल और रियल्टी शेयरों में खरीदारी रही, जबकि ऑटो, FMCG, IT, मीडिया और फार्मा सेक्टर पर दबाव नजर आया। अब निवेशकों की नजर 24 अगस्त के कारोबार पर है।
सेंसेक्स और निफ्टी में मामूली बढ़त
21 अगस्त को पूरे कारोबारी सत्र के दौरान निफ्टी एक सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। दिन के अंत में सेंसेक्स 3.11 अंक बढ़कर 77,540.83 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 20.15 अंक या 0.08 फीसदी की बढ़त के साथ 24,252.00 पर पहुंच गया।
निफ्टी के प्रमुख तेजी वाले शेयरों में पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, HDFC लाइफ, नेस्ले, कोटक महिंद्रा बैंक और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल रहे। दूसरी ओर मारुति सुजुकी, ट्रेंट, इंटरग्लोब एविएशन, इंफोसिस और HCL टेक्नोलॉजीज में कमजोरी देखने को मिली।
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो मेटल और रियल्टी शेयरों में खरीदारी का रुझान रहा। इसके विपरीत ऑटो, FMCG, IT, मीडिया और फार्मा सेक्टर दबाव में रहे। ब्रॉडर मार्केट में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। मिड-कैप इंडेक्स लगभग सपाट रहा, जबकि स्मॉल-कैप इंडेक्स में करीब 0.7 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।
24 अगस्त को कैसी रह सकती है निफ्टी की चाल?
LKP Securities के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे के मुताबिक, निफ्टी पूरे दिन एक दायरे में बना रहा। ऑवरली चार्ट पर इंडेक्स 20EMA और 50EMA के बीच कारोबार करता नजर आया। डेली चार्ट पर भी निफ्टी इन दोनों महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज के दायरे में बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि निफ्टी का RSI अभी भी बेयरिश क्रॉसओवर में है। हालांकि, कुल मिलाकर बाजार का मूड साइडवेज से थोड़ा पॉजिटिव नजर आ रहा है।
रूपक डे के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,200 का स्तर अहम सपोर्ट है। यदि इंडेक्स इस स्तर के नीचे फिसलता है तो इसमें 24,000 की ओर करेक्शन देखने को मिल सकता है। वहीं ऊपर की तरफ 24,350 तत्काल रेजिस्टेंस है। इस स्तर के ऊपर टिकने पर निफ्टी में 24,500 की ओर तेजी बढ़ सकती है।
24,370-24,400 जोन पर नजर
SBI Securities के हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का मानना है कि निफ्टी के लिए 24,370-24,400 का जोन निकटतम रेजिस्टेंस के तौर पर काम करेगा। यह जोन इंडेक्स के 200-डे EMA के साथ भी मेल खाता है।
अगर निफ्टी इस रेजिस्टेंस जोन के ऊपर मजबूती से टिकने में कामयाब रहता है, तो शॉर्ट टर्म में इसमें 24,550 और उसके बाद 24,700 तक की तेजी देखने को मिल सकती है।
वहीं नीचे की तरफ 24,130-24,100 का जोन तत्काल सपोर्ट के रूप में महत्वपूर्ण रहेगा। इस स्तर के नीचे कमजोरी बढ़ने पर बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
निफ्टी में कंसोलिडेशन की संभावना
रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP-Research अजीत मिश्रा के मुताबिक, तकनीकी संकेतों से निफ्टी की तेजी कुछ कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है। ऐसे में आने वाले समय में इंडेक्स में कुछ समय के लिए कंसोलिडेशन का दौर देखने को मिल सकता है।
उनके अनुसार, निफ्टी को नीचे की तरफ 24,100-24,000 के क्षेत्र में सपोर्ट मिल सकता है। वहीं 24,300-24,400 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है।
मौजूदा बाजार परिस्थिति में निवेशकों के लिए इंडेक्स पर आक्रामक दांव लगाने के बजाय सावधानी बरतना बेहतर हो सकता है। मजबूत फंडामेंटल और बेहतर तकनीकी स्थिति वाले चुनिंदा शेयरों पर फोकस करने के साथ रिस्क और पोजीशन मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
Bank Nifty Outlook
बैंक निफ्टी को लेकर सुदीप शाह का कहना है कि इंडेक्स ने 21 अगस्त को करीब 290 अंकों की रेंज में कारोबार किया। पिछले 15 ट्रेडिंग सेशन में से 8 सत्रों में बैंक निफ्टी ने दोनों तरफ विक्स वाली छोटी बॉडी की कैंडल बनाई है। यह बाजार में सीमित उतार-चढ़ाव और ट्रेडर्स के बीच असमंजस की स्थिति को दर्शाता है।
इसके अलावा फ्लैट ADX भी किसी स्पष्ट ट्रेंड की कमी और सीमित वोलैटिलिटी की ओर संकेत कर रहा है।
बैंक निफ्टी के लिए 58,200-58,300 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस है। यदि इंडेक्स इस स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहता है, तो पुलबैक 58,700 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 59,000 तक बढ़ सकता है।
वहीं नीचे की तरफ 57,300-57,200 का जोन महत्वपूर्ण सपोर्ट रहेगा। इस क्षेत्र के नीचे कमजोरी आने पर बैंकिंग इंडेक्स में दबाव बढ़ सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
24 अगस्त के कारोबार से पहले बाजार की तस्वीर फिलहाल पूरी तरह बुलिश या बेयरिश नहीं है। निफ्टी महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज के आसपास कारोबार कर रहा है और टेक्निकल संकेत भी सीमित दायरे की ओर इशारा कर रहे हैं।
ऐसे में 24,200-24,000 निचले स्तर पर महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन रहेगा, जबकि 24,350-24,400 के ऊपर मजबूती बाजार में नई तेजी का संकेत दे सकती है। निवेशकों को ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन की पुष्टि का इंतजार करते हुए मजबूत शेयरों और बेहतर प्रदर्शन करने वाले सेक्टरों पर फोकस करना चाहिए।
Disclaimer
newsjagran.in पर दिए गए बाजार संबंधी विचार और जानकारी विशेषज्ञों के निजी विचारों पर आधारित हैं। वेबसाइट या इसके प्रबंधन की किसी भी निवेश निर्णय के लिए जिम्मेदारी नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशकों को कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार की सलाह लेनी चाहिए।


