Child PPF: बच्चे के भविष्य के लिए छोटी उम्र से निवेश शुरू करना समझदारी भरा कदम हो सकता है। अगर आप सुरक्षित निवेश विकल्प तलाश रहे हैं तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF एक विकल्प है। इसमें लंबे समय तक निवेश करने पर कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है। अगर आप बच्चे के PPF खाते में हर महीने ₹5,000 जमा करते हैं, तो 15 साल में कितना फंड तैयार हो सकता है और बच्चे के नाम PPF खाता खोलने के क्या नियम हैं, आइए जानते हैं।
हर माता-पिता चाहते हैं कि बच्चे की पढ़ाई, उच्च शिक्षा और करियर से जुड़े खर्चों के लिए समय रहते पर्याप्त फंड तैयार हो जाए। इसके लिए कई तरह के निवेश विकल्प मौजूद हैं, लेकिन बाजार से जुड़े निवेश में उतार-चढ़ाव का जोखिम रहता है। ऐसे में PPF उन निवेशकों के लिए उपयोगी विकल्प हो सकता है जो लंबी अवधि में अपेक्षाकृत स्थिर और सरकार समर्थित बचत योजना चाहते हैं।
बच्चे के नाम PPF खाता कौन खोल सकता है?
नाबालिग बच्चे के नाम पर PPF खाता खोला जा सकता है। बच्चे की ओर से उसके माता-पिता या कानूनी अभिभावक खाता संचालित कर सकते हैं। बच्चे के बड़े होने के बाद खाते के संचालन से जुड़े नियमों के अनुसार जिम्मेदारी उसके हाथ में आ सकती है।
हालांकि, बच्चे के नाम PPF खाता खोलते समय निवेश की अधिकतम सीमा को समझना बेहद जरूरी है।
बच्चे के PPF खाते में कितना निवेश कर सकते हैं?
PPF में एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम ₹1.5 लाख तक निवेश किया जा सकता है। नाबालिग बच्चे के PPF खाते में किए गए योगदान के साथ माता-पिता के अपने PPF खाते में किए गए योगदान को मिलाकर भी निर्धारित वार्षिक सीमा का ध्यान रखना होता है।
उदाहरण के लिए, अगर कोई माता-पिता अपने PPF खाते में पहले ही ₹1.5 लाख का निवेश कर चुके हैं, तो बच्चे के PPF खाते में अलग से ₹1.5 लाख का योगदान करने की गुंजाइश नहीं रहती। इसलिए परिवार में PPF निवेश करते समय कुल वार्षिक योगदान की सीमा का ध्यान रखना जरूरी है।
हर महीने ₹5,000 जमा करने पर 15 साल बाद कितना पैसा मिलेगा?
मान लीजिए आप बच्चे के PPF खाते में हर महीने ₹5,000 जमा करते हैं।
- मासिक निवेश: ₹5,000
- सालाना निवेश: ₹60,000
- 15 साल में कुल निवेश: ₹9 लाख
- मान ली गई ब्याज दर: 7.1% सालाना
- 15 साल बाद अनुमानित फंड: करीब ₹16.3 लाख
इस तरह ₹9 लाख के कुल निवेश पर लगभग ₹7.3 लाख का अतिरिक्त रिटर्न यानी ब्याज बन सकता है। यह केवल अनुमान है और वास्तविक मैच्योरिटी राशि PPF की लागू ब्याज दर और निवेश की तारीखों के आधार पर बदल सकती है।
ध्यान रखें कि PPF की ब्याज दर सरकार द्वारा समय-समय पर तय की जाती है। इसलिए 15 साल की पूरी अवधि के लिए 7.1% की दर को स्थायी मानकर वास्तविक भविष्य की रकम की गारंटी नहीं दी जा सकती।
PPF में कंपाउंडिंग का कैसे मिलता है फायदा?
PPF का एक बड़ा फायदा इसका लंबा निवेश काल है। जब बच्चे के छोटे होने पर ही निवेश शुरू कर दिया जाता है तो पैसे को लंबे समय तक बढ़ने का मौका मिलता है।
हर साल मिलने वाला ब्याज खाते में जुड़ता रहता है और आगे उस पर भी ब्याज मिलता है। इसी प्रक्रिया को कंपाउंडिंग कहा जाता है। यही वजह है कि छोटी-छोटी रकम का नियमित निवेश भी लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाने में मदद कर सकता है।
अगर बच्चे की उम्र कम है और भविष्य में उच्च शिक्षा या अन्य बड़े खर्चों के लिए फंड चाहिए, तो लंबी अवधि का PPF निवेश एक विकल्प के तौर पर देखा जा सकता है।
15 साल बाद PPF खाता बंद करना जरूरी है?
PPF की मूल अवधि 15 साल होती है। लेकिन मैच्योरिटी के बाद खाते को तुरंत बंद करना ही एकमात्र विकल्प नहीं है। पात्रता और लागू नियमों के अनुसार इसे 5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है।
इसका फायदा उन माता-पिता को मिल सकता है जिन्हें बच्चे की शिक्षा या अन्य बड़े खर्चों के लिए अभी रकम की जरूरत नहीं है और वे निवेश को कुछ और वर्षों तक जारी रखना चाहते हैं।
PPF पर टैक्स का भी मिलता है फायदा
PPF को टैक्स के लिहाज से भी लोकप्रिय बचत विकल्प माना जाता है। लागू आयकर नियमों के तहत PPF में किया गया निवेश धारा 80C के तहत निर्धारित सीमा तक टैक्स कटौती के लिए पात्र हो सकता है।
इसके अलावा PPF से मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम भी मौजूदा नियमों के अनुसार टैक्स लाभ प्राप्त कर सकती है। हालांकि, टैक्स नियम समय के साथ बदल सकते हैं, इसलिए निवेश से पहले मौजूदा नियमों की जांच करना जरूरी है।
बच्चे के लिए PPF खोलते समय इन बातों का रखें ध्यान
PPF लंबी अवधि के लक्ष्य के लिए बनाया गया निवेश विकल्प है। इसलिए इसे ऐसे लक्ष्य के लिए इस्तेमाल करना बेहतर होता है जहां तुरंत पैसों की जरूरत न हो।
अगर बच्चे की फीस या कोई बड़ा खर्च अगले 2-4 साल में आने वाला है, तो केवल PPF पर निर्भर रहना उचित नहीं हो सकता, क्योंकि इसमें लंबी अवधि की प्रतिबद्धता और निकासी से जुड़े नियम होते हैं।
इसके अलावा, PPF की ब्याज दर भविष्य में बदल सकती है। इसलिए आज की ब्याज दर के आधार पर 15 साल बाद मिलने वाली रकम को केवल अनुमान के तौर पर देखना चाहिए।
छोटी शुरुआत से बन सकता है बड़ा फंड
बच्चे के लिए निवेश शुरू करने में सबसे महत्वपूर्ण चीज निवेश की रकम से ज्यादा समय हो सकता है। हर महीने ₹5,000 जैसी रकम लगातार निवेश करने पर 15 साल में ₹9 लाख जमा होते हैं और कंपाउंडिंग के चलते अनुमानित फंड करीब ₹16.3 लाख तक पहुंच सकता है, अगर पूरी अवधि में 7.1% की दर बनी रहे।
हालांकि, बच्चे की भविष्य की शिक्षा और अन्य जरूरतों के लिए केवल एक ही निवेश विकल्प पर निर्भर रहने के बजाय अपने वित्तीय लक्ष्य, समयसीमा और जोखिम क्षमता के अनुसार अलग-अलग निवेश साधनों का संतुलित इस्तेमाल करना बेहतर हो सकता है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। PPF की ब्याज दर, टैक्स नियम और निकासी से जुड़े प्रावधान समय के साथ बदल सकते हैं। निवेश से पहले मौजूदा नियमों की जांच करें और अपनी वित्तीय स्थिति के अनुसार योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran किसी व्यक्ति को किसी विशेष निवेश में पैसा लगाने की सलाह नहीं देता।


