SIP Calculator: अक्सर लोगों को लगता है कि करोड़ों रुपये का रिटायरमेंट फंड तैयार करने के लिए 25-30 साल की उम्र से ही निवेश शुरू करना जरूरी है। लेकिन ऐसा नहीं है। अगर आपकी उम्र 40 साल हो चुकी है और आपने अभी तक रिटायरमेंट के लिए निवेश शुरू नहीं किया है, तब भी अनुशासन के साथ SIP के जरिए बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में लंबी अवधि के लिए निवेश और नियमित SIP निवेश से कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है। हालांकि, म्यूचुअल फंड का रिटर्न बाजार से जुड़ा होता है और 12 फीसदी रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती। इसलिए नीचे दिया गया कैलकुलेशन केवल अनुमान समझने के लिए है।
40 की उम्र में SIP शुरू करना देर नहीं
रिटायरमेंट प्लानिंग में सबसे महत्वपूर्ण चीज निवेश की शुरुआत के साथ-साथ उसे लंबे समय तक जारी रखना है। प्राइवेट नौकरी करने वाले, सेल्फ-एंप्लॉयड या सरकारी कर्मचारी, सभी अपनी आय और लक्ष्य के हिसाब से SIP शुरू कर सकते हैं।
मान लीजिए 40 साल की उम्र में कोई व्यक्ति रिटायरमेंट के लिए निवेश शुरू करता है और 58 साल की उम्र तक यानी 18 साल निवेश जारी रखता है। अगर वह हर महीने 15,000 रुपये की SIP करता है और औसतन 12 फीसदी सालाना रिटर्न मान लिया जाए, तो एक बड़ा कॉर्पस तैयार हो सकता है।
18 साल में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का फंड
अगर 40 साल की उम्र में हर महीने 15,000 रुपये की SIP शुरू की जाए और इसे लगातार 18 साल तक जारी रखा जाए, तो कुल निवेश 32.40 लाख रुपये होगा।
12 फीसदी सालाना अनुमानित रिटर्न के आधार पर इस निवेश पर करीब 74.36 लाख रुपये का अनुमानित रिटर्न बन सकता है। इस तरह कुल फंड करीब 1.07 करोड़ रुपये हो सकता है।
15,000 रुपये की SIP का अनुमानित कैलकुलेशन
| SIP अमाउंट | निवेश की अवधि | अनुमानित सालाना रिटर्न | कुल निवेश | अनुमानित रिटर्न | कुल फंड |
|---|---|---|---|---|---|
| ₹15,000 प्रति माह | 18 साल | 12% | ₹32,40,000 | ₹74,35,929 | ₹1,06,75,929 |
यानी 40 साल की उम्र में शुरुआत करने के बावजूद 58 साल की उम्र तक करीब 1.06 करोड़ रुपये का फंड तैयार होने का अनुमान है।
SIP में हर साल बढ़ोतरी करने से लक्ष्य और जल्दी हासिल हो सकता है
SIP में निवेश की रकम को हर साल बढ़ाना यानी Step-Up SIP अपनाना रिटायरमेंट फंड को तेजी से बढ़ाने में मदद कर सकता है। इसका फायदा यह है कि जैसे-जैसे आमदनी बढ़ती है, निवेश की रकम भी बढ़ती जाती है।
उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति 40 साल की उम्र में 15,000 रुपये की मासिक SIP शुरू करता है और हर साल SIP की रकम में 10 फीसदी की बढ़ोतरी करता है, तो वह कम समय में 1 करोड़ रुपये के लक्ष्य के करीब पहुंच सकता है।
दिए गए अनुमान के अनुसार, 12 फीसदी सालाना रिटर्न मानने पर करीब 14 साल में कुल फंड लगभग 1.04 करोड़ रुपये हो सकता है।
हर साल 10% SIP बढ़ाने पर कैलकुलेशन
| शुरुआती SIP | हर साल SIP में बढ़ोतरी | निवेश की अवधि | अनुमानित सालाना रिटर्न | कुल निवेश | अनुमानित रिटर्न | कुल फंड |
|---|---|---|---|---|---|---|
| ₹15,000 प्रति माह | 10% | 14 साल | 12% | ₹50,35,497 | ₹53,97,419 | ₹1,04,32,916 |
इस उदाहरण में 14 साल में करीब 1.04 करोड़ रुपये का फंड तैयार होने का अनुमान है। यानी 40 साल की उम्र में शुरुआत करने वाला निवेशक भी Step-Up SIP के जरिए अपने करोड़ रुपये के लक्ष्य को अपेक्षाकृत कम समय में हासिल कर सकता है।
रिटायरमेंट के लिए SIP में अनुशासन जरूरी
SIP का सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग और नियमित निवेश से मिलता है। लेकिन इसके लिए निवेशक को बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद लंबी अवधि तक निवेश जारी रखना जरूरी होता है।
इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिम के अधीन होता है। किसी भी साल 12 फीसदी रिटर्न मिलना तय नहीं है। वास्तविक रिटर्न इससे कम या ज्यादा हो सकता है। इसलिए निवेश शुरू करने से पहले अपनी जोखिम क्षमता, रिटायरमेंट की उम्र, आय और वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखना चाहिए।
साथ ही, समय के साथ महंगाई बढ़ने के कारण आज के 1 करोड़ रुपये और रिटायरमेंट के समय 1 करोड़ रुपये की वास्तविक वैल्यू अलग होगी। इसलिए केवल 1 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय करने के बजाय अपने भविष्य के खर्चों को ध्यान में रखकर रिटायरमेंट कॉर्पस का लक्ष्य बनाना बेहतर है।
40 की उम्र में निवेश शुरू करने वालों के लिए क्या सीख है?
40 साल की उम्र में निवेश शुरू करने वालों के लिए सबसे अहम बात यह है कि देरी होने के डर से निवेश को और टालना नहीं चाहिए। छोटी रकम से शुरुआत करके धीरे-धीरे SIP बढ़ाई जा सकती है।
अगर आय में हर साल बढ़ोतरी होती है, तो SIP में भी 5-10 फीसदी या अपनी क्षमता के अनुसार वृद्धि की जा सकती है। इससे निवेश का कुल योगदान बढ़ता है और कंपाउंडिंग को ज्यादा समय मिलता है।
नोट: ऊपर दिए गए आंकड़े 12 फीसदी अनुमानित सालाना रिटर्न पर आधारित उदाहरण हैं। म्यूचुअल फंड में रिटर्न निश्चित या गारंटीड नहीं होता। वास्तविक रिटर्न बाजार के प्रदर्शन के अनुसार अलग हो सकता है। टैक्स और अन्य लागू शुल्क को इस कैलकुलेशन में शामिल नहीं किया गया है।


