सोमालिया के पुंटलैंड तट के पास समुद्री डाकुओं ने तुर्की के हथियारों और सैन्य उपकरणों से लदे एक कार्गो शिप का अपहरण कर लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जहाज पर कुल 10 क्रू मेंबर्स सवार हैं, जिनमें 6 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। घटना के बाद जहाज को सोमालिया के तट की ओर ले जाया गया है।
सोमालिया के पुंटलैंड तट के पास एक कार्गो शिप के हाईजैक होने से समुद्री सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार समुद्री डाकुओं ने एम/वी लुटुफ (M/V Lutuf) नाम के जहाज को अपने कब्जे में ले लिया। जहाज पर तुर्की के हथियार, संचार उपकरण और सैटेलाइट से जुड़े उपकरण लदे हुए थे।
सबसे अहम बात यह है कि जहाज पर मौजूद 10 क्रू मेंबर्स में 6 भारतीय नागरिक बताए जा रहे हैं। घटना के बाद जहाज को सोमालिया के तट की तरफ ले जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, जहाज और उसमें सवार सभी लोगों की मौजूदा स्थिति को लेकर अभी पूरी तस्वीर स्पष्ट नहीं है।
किस जहाज का हुआ अपहरण?
हाईजैक किया गया जहाज एम/वी लुटुफ है और यह कैमरून का झंडा लेकर चल रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक जहाज का स्वामित्व पोलर मूवमेंट शिपिंग के पास है।
सोमाली अधिकारी के अनुसार, समुद्री डाकुओं ने जहाज को पुंटलैंड के ईल जिले में मरराया से करीब 3.5 समुद्री मील दूर अपने कब्जे में लिया। इसके बाद जहाज को तटीय इलाके की ओर ले जाया गया।
रिपोर्ट्स में बताया गया है कि जहाज मोगादिशु स्थित एक सैन्य प्रशिक्षण केंद्र के लिए सामान लेकर जा रहा था। इसके कार्गो में तुर्की के हथियारों के अलावा संचार और सैटेलाइट उपकरण भी शामिल थे।
जहाज पर कितने लोग थे?
हाईजैक के समय जहाज पर कुल 10 लोग मौजूद थे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक क्रू में शामिल लोगों की राष्ट्रीयता इस प्रकार है:
- 6 भारतीय नागरिक
- 1 तुर्की नागरिक
- 1 जॉर्जियाई नागरिक
- 2 सर्बियाई सुरक्षा गार्ड
भारतीय नागरिकों के जहाज पर मौजूद होने के कारण इस घटना पर भारत की भी नजर बनी हुई है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट्स के अनुसार घटना के समय तक भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया था।
तुर्की की ओर से भी तत्काल कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
8 समुद्री डाकुओं ने किया जहाज पर कब्जा
सोमाली अधिकारी के मुताबिक जहाज को हाईजैक करने में करीब 8 समुद्री डाकू शामिल थे। आशंका जताई जा रही है कि यह वही समूह हो सकता है जिसका संबंध 26 अप्रैल को एम/वी स्वॉर्ड के अपहरण से था।
हाईजैक के बाद समुद्री डाकू जहाज को पुंटलैंड के डांगोरोयो जिले में गरमाल के पास तट की ओर ले गए। इसके बाद क्षेत्र में सुरक्षा गतिविधियां भी बढ़ गईं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक तुर्की के स्वामित्व वाले दो जहाज हाईजैक किए गए पोत के करीब पहुंचे। वहीं, तुर्की के हेलीकॉप्टरों और ड्रोन के जरिए इलाके की निगरानी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
जहाज के पास पहुंची छोटी नाव, फिर हुआ एयरस्ट्राइक
घटना के दौरान मंगलवार को एक छोटी नाव में सवार दो लोग जहाज के पास पहुंचे। बताया गया कि उन्होंने जहाज पर खाट (Khat) पहुंचाया। खाट सोमालिया और पूर्वी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में चबाया जाने वाला पौधा है, जिसका उत्तेजक प्रभाव होता है।
नाव के वापस तट की ओर जाने के बाद इलाके में एक एयरस्ट्राइक हुई। इस हमले में 4 लोगों की मौत और 2 लोगों के घायल होने की खबर है।
हालांकि, इस एयरस्ट्राइक को लेकर अभी कई सवाल बने हुए हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि हमला किस पक्ष ने किया था और मारे गए लोग सीधे तौर पर जहाज के हाईजैक में शामिल थे या नहीं।
जहाज और भारतीय क्रू की स्थिति अभी साफ नहीं
एम/वी लुटुफ के हाईजैक के बाद सबसे बड़ा सवाल जहाज पर मौजूद 10 क्रू मेंबर्स की सुरक्षा को लेकर है। इनमें 6 भारतीय नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि जहाज पर मौजूद सभी क्रू सुरक्षित हैं या नहीं और समुद्री डाकुओं ने उन्हें किस स्थिति में रखा है। इसी तरह जहाज पर मौजूद हथियारों और अन्य सैन्य उपकरणों की वर्तमान स्थिति की भी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।
अदन की खाड़ी में एक और टैंकर पर कब्जे की खबर
सोमालिया तट के पास इस घटना के बीच अदन की खाड़ी से भी एक अन्य समुद्री सुरक्षा घटना सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी प्रतिबंधों वाले एक टैंकर ‘सीमुल’ पर 6 हथियारबंद लोग सवार हुए और उसे सोमालिया की दिशा में जाने के लिए मजबूर किया गया।
ईयू के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर – इंडियन ओशन ने 6 सशस्त्र लोगों के टैंकर पर सवार होने की पुष्टि की है।
रिपोर्ट्स के अनुसार सीमुल को अमेरिका ने पिछले साल ईरान के कथित ‘शैडो फ्लीट’ से जुड़े होने के आरोप में प्रतिबंधित किया था।
क्या फिर बढ़ रही है सोमालिया में समुद्री डकैती?
सोमालिया के तट पर समुद्री डकैती का खतरा कुछ वर्षों तक काफी कम रहा था। 2011 के बाद अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक गश्त और सुरक्षा अभियानों के चलते समुद्री डाकुओं की गतिविधियों में बड़ी गिरावट आई थी।
हालांकि, इस साल अप्रैल के बाद से इस क्षेत्र में दोबारा समुद्री डकैती और जहाजों पर हमलों की घटनाओं ने चिंता बढ़ाई है। नए हमलों से यह सवाल उठ रहा है कि क्या सोमालिया के आसपास समुद्री डाकुओं के नेटवर्क फिर से सक्रिय हो रहे हैं।
एम/वी लुटुफ का हाईजैक और अदन की खाड़ी में सीमुल से जुड़ी घटना इस क्षेत्र में बढ़ते समुद्री सुरक्षा जोखिम की ओर इशारा करती है। खासकर ऐसे समय में जब लाल सागर और अदन की खाड़ी पहले से ही अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए संवेदनशील क्षेत्र बने हुए हैं।
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