Stock Market Rally: घरेलू शेयर बाजार में लगातार कई दिनों की गिरावट के बाद गुरुवार, 20 अगस्त को आखिरकार खरीदारी लौटती दिखाई दी। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ बंद हुए। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी, एशियाई बाजारों की मजबूती, आईटी-प्राइवेट बैंक और एफएमसीजी शेयरों में खरीदारी तथा निचले स्तर पर निवेशकों की खरीदारी ने बाजार के सेंटीमेंट को मजबूत किया।
लगातार सात कारोबारी दिनों की गिरावट के बाद निफ्टी और चार दिनों की कमजोरी के बाद सेंसेक्स हरे निशान में बंद हुआ। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स एक समय 701 अंक से ज्यादा चढ़ गया था, जबकि निफ्टी भी 24,250 के स्तर के ऊपर पहुंच गया।
सेंसेक्स 628 अंक चढ़कर हुआ बंद
सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 628.04 अंक यानी 0.82 फीसदी की बढ़त के साथ 77,537.72 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 में 153.55 अंक यानी 0.64 फीसदी की तेजी रही और यह 24,231.85 के स्तर पर बंद हुआ।
इंट्रा-डे कारोबार की बात करें तो सेंसेक्स ने 701.43 अंक की छलांग लगाकर 77,611.11 का उच्च स्तर बनाया। निफ्टी भी दिन के दौरान 186.85 अंक तक चढ़कर 24,265.15 के स्तर पर पहुंचा।
ब्रॉडर मार्केट में भी खरीदारी का माहौल रहा। Nifty Midcap 100 में 0.41 फीसदी और Nifty Smallcap 100 में 0.64 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।
Stock Market Rally की 4 बड़ी वजहें
1. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई नरमी
भारतीय बाजार में तेजी की सबसे अहम वजहों में अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में आई नरमी रही। अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट की ओर से लॉन्ग टर्म बॉन्ड के बायबैक को बढ़ाने के फैसले के बाद लंबी अवधि के अमेरिकी ट्रेजरी की यील्ड में गिरावट आई।
रिपोर्ट के मुताबिक, 30 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 5.26 फीसदी से घटकर 5.18 फीसदी और 10 साल की ट्रेजरी यील्ड 4.68 फीसदी से घटकर 4.63 फीसदी पर आ गई।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से उभरते बाजारों के प्रति निवेशकों का आकर्षण बढ़ सकता है। इसका फायदा भारतीय इक्विटी मार्केट को भी मिला और घरेलू शेयरों में खरीदारी का माहौल मजबूत हुआ।
2. IT, प्राइवेट बैंक और FMCG शेयरों से मिला सपोर्ट
सेक्टर के स्तर पर भी बाजार को कई बड़े सेक्टर्स का साथ मिला। आईटी, प्राइवेट बैंक और एफएमसीजी शेयरों में खरीदारी ने प्रमुख इंडेक्स को ऊपर खींचने में मदद की।
इन सेक्टरों से जुड़े निफ्टी इंडेक्स में आधे फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। बाजार में इन क्षेत्रों के दिग्गज शेयरों में खरीदारी बढ़ने से सेंसेक्स और निफ्टी को सपोर्ट मिला।
3. एशियाई बाजारों में जोरदार तेजी
भारतीय शेयर बाजार को एशियाई बाजारों की मजबूती से भी सकारात्मक संकेत मिले। गुरुवार को कई प्रमुख एशियाई बाजार बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।
दक्षिण कोरिया का KOSPI 5 फीसदी से ज्यादा मजबूत हुआ। इंडोनेशिया का Jakarta Composite करीब डेढ़ फीसदी और जापान का Nikkei 225 एक फीसदी से ज्यादा चढ़ा। हॉन्ग कॉन्ग का Hang Seng भी करीब 1 फीसदी मजबूत रहा।
वहीं, सिंगापुर के Straits Times में करीब आधे फीसदी की गिरावट रही, जबकि Taiwan Weighted Index में लगभग आधे फीसदी की तेजी देखने को मिली।
वैश्विक बाजारों में बेहतर सेंटीमेंट का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा और निवेशकों का भरोसा कुछ हद तक लौटा।
4. निचले स्तरों पर निवेशकों ने की खरीदारी
बाजार में तेजी की चौथी बड़ी वजह निचले स्तरों पर हुई खरीदारी रही। एक कारोबारी सत्र पहले बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली थी। इस दौरान ITC, HDFC Bank, HUL, Dabur India, IRFC, UPL, IRB Infrastructure और SBI Funds Management समेत 100 से ज्यादा शेयर अपने एक साल के निचले स्तर पर पहुंच गए थे।
लगातार गिरावट के बाद कई शेयरों के भाव आकर्षक स्तर पर पहुंच गए। ऐसे में निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में निचले स्तरों से खरीदारी शुरू की। इससे बाजार में रिकवरी को मजबूती मिली।
सात दिनों की गिरावट के बाद बाजार में लौटी रौनक
कुल मिलाकर गुरुवार का कारोबारी सत्र घरेलू शेयर बाजार के लिए राहत लेकर आया। लगातार सात दिनों तक गिरने के बाद निफ्टी में खरीदारी लौटी, जबकि सेंसेक्स ने भी चार कारोबारी दिनों की कमजोरी का सिलसिला तोड़ा।
हालांकि, बाजार में आगे भी वैश्विक संकेत, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और घरेलू स्तर पर सेक्टरवार खरीदारी अहम भूमिका निभाएगी। ऐसे में एक दिन की तेजी के आधार पर बाजार में लंबी अवधि के ट्रेंड को लेकर निष्कर्ष निकालने से पहले निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर या निवेश विकल्प में पैसा लगाने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखते हुए योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी निवेश की सलाह या गारंटी नहीं देता।


