Shankesh Jewellers IPO: शंकेश ज्वेलर्स आईपीओ 19 अगस्त को सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन में पहुंच गया है। ₹367.18 करोड़ के इस इश्यू को पहले दिन कुल 36% सब्सक्रिप्शन मिला। हालांकि, रिटेल निवेशकों की दिलचस्पी अपेक्षाकृत बेहतर रही और इस कैटेगरी में 53% सब्सक्रिप्शन हुआ। दूसरी ओर, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB की ओर से शुरुआत काफी धीमी रही।
इसी बीच शंकेश ज्वेलर्स आईपीओ के ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP में बढ़ोतरी देखने को मिली है। पहले जहां GMP करीब 2% बताया जा रहा था, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 5% हो गया है। अपर प्राइस बैंड ₹93 के हिसाब से ग्रे मार्केट में करीब ₹5 प्रति शेयर का प्रीमियम संकेतित हो रहा है। हालांकि, GMP अनऑफिशियल आंकड़ा है और इसमें लिस्टिंग तक बदलाव हो सकता है।
20 अगस्त को बंद होगा Shankesh Jewellers IPO
मुंबई स्थित B2B ज्वेलरी कंपनी शंकेश ज्वेलर्स का आईपीओ 18 अगस्त 2026 को खुला है और इसमें निवेश करने की आखिरी तारीख 20 अगस्त 2026 है। कंपनी इस आईपीओ के जरिए कुल ₹367.18 करोड़ जुटाने की योजना लेकर बाजार में आई है।
इश्यू में फ्रेश इश्यू के साथ-साथ ऑफर फॉर सेल यानी OFS भी शामिल है। फ्रेश इश्यू के तहत करीब 2.95 करोड़ नए शेयर जारी किए जा रहे हैं, जिनसे कंपनी को लगभग ₹274.18 करोड़ मिलने की उम्मीद है। वहीं, OFS के तहत करीब 1 करोड़ शेयर बेचे जा रहे हैं, जिनकी वैल्यू लगभग ₹93 करोड़ है।
आईपीओ का प्राइस बैंड ₹88 से ₹93 प्रति शेयर तय किया गया है। एक लॉट में 160 शेयर हैं। ऐसे में अपर प्राइस बैंड ₹93 पर रिटेल निवेशक को एक लॉट के लिए ₹14,880 का निवेश करना होगा।
आईपीओ के शेयरों का अलॉटमेंट 21 अगस्त को फाइनल होने की उम्मीद है। वहीं, बीएसई और एनएसई पर कंपनी के शेयरों की संभावित लिस्टिंग 25 अगस्त 2026 को हो सकती है।
इश्यू के लिए आर्यमन फाइनेंशियल सर्विसेज बुक-रनिंग लीड मैनेजर है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।
पहले दिन 36% सब्सक्रिप्शन, रिटेल निवेशकों का बेहतर रिस्पॉन्स
शंकेश ज्वेलर्स आईपीओ को सब्सक्रिप्शन के पहले दिन कुल मिलाकर 36% बोली मिली। उपलब्ध करीब 2.76 करोड़ शेयरों के मुकाबले निवेशकों की ओर से इतनी ही हिस्सेदारी के बराबर आवेदन प्राप्त हुए।
रिटेल निवेशकों की कैटेगरी में अपेक्षाकृत ज्यादा उत्साह दिखाई दिया। रिटेल हिस्सा पहले दिन 53% सब्सक्राइब हुआ। इस कैटेगरी के लिए करीब 1.38 करोड़ शेयर आरक्षित थे।
नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी NII कैटेगरी में भी करीब 38% सब्सक्रिप्शन देखने को मिला। इसके लिए लगभग 59.22 लाख शेयर उपलब्ध थे।
वहीं, QIB कैटेगरी में निवेशकों की प्रतिक्रिया अभी कमजोर रही। इस हिस्से के लिए करीब 78.96 लाख शेयर आरक्षित थे और पहले दिन केवल 3% सब्सक्रिप्शन मिला।
इस तरह पहले दिन का आंकड़ा बताता है कि आईपीओ को रिटेल निवेशकों से संस्थागत निवेशकों की तुलना में बेहतर प्रतिक्रिया मिली है।
GMP बढ़कर करीब 5%, ₹98 की लिस्टिंग का संकेत
शंकेश ज्वेलर्स आईपीओ का GMP करीब ₹5 प्रति शेयर बताया जा रहा है। आईपीओ का अपर प्राइस बैंड ₹93 है। इस हिसाब से ग्रे मार्केट प्रीमियम करीब 5% बैठता है।
अगर लिस्टिंग तक GMP इसी स्तर पर बना रहता है तो शेयर की अनुमानित लिस्टिंग करीब ₹98 पर हो सकती है। यानी ₹93 के इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब ₹5 या लगभग 5% का संभावित प्रीमियम दिखाई दे रहा है।
हालांकि, निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि GMP किसी स्टॉक एक्सचेंज या SEBI से आधिकारिक रूप से जारी आंकड़ा नहीं है। ग्रे मार्केट में प्रीमियम बाजार की धारणा के आधार पर तेजी से ऊपर-नीचे हो सकता है। इसलिए केवल GMP को देखकर आईपीओ में निवेश का फैसला करना उचित नहीं माना जाता।
IPO से मिले पैसों का इस्तेमाल कर्ज घटाने में करेगी कंपनी
शंकेश ज्वेलर्स ने आईपीओ से जुटाई जाने वाली रकम के इस्तेमाल की योजना भी बताई है। कंपनी का बड़ा फोकस अपनी उधारी कम करने पर है।
कंपनी करीब ₹158 करोड़ का इस्तेमाल कुछ कर्ज के पूर्ण या आंशिक भुगतान और प्री-पेमेंट के लिए करेगी। इसके अलावा करीब ₹38 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे।
बाकी राशि सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए रखी जाएगी। कर्ज कम होने से कंपनी की ब्याज लागत पर दबाव घट सकता है और आने वाले समय में वित्तीय स्थिति बेहतर होने की संभावना बन सकती है।
FY26 में PAT 165% बढ़ा
शंकेश ज्वेलर्स के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में मुनाफे के मोर्चे पर मजबूत वृद्धि दर्ज की है।
वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की कुल आय करीब ₹1,403.94 करोड़ थी, जो FY26 में बढ़कर ₹1,630.93 करोड़ हो गई। यानी सालाना आधार पर आय में करीब 16% की वृद्धि हुई।
मुनाफे की बात करें तो कंपनी का PAT वित्त वर्ष 2025 के ₹40.31 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में ₹106.68 करोड़ हो गया। इस तरह कंपनी के मुनाफे में करीब 165% की तेज वृद्धि हुई।
बिक्री की तुलना में मुनाफे की तेज वृद्धि कंपनी की प्रोफिटेबिलिटी में सुधार की ओर इशारा करती है। यही कारण है कि आईपीओ में निवेश करने वाले लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए कंपनी के वित्तीय आंकड़े महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
क्या करती है Shankesh Jewellers?
शंकेश ज्वेलर्स की स्थापना वर्ष 2005 में हुई थी। कंपनी मुख्य रूप से कस्टमाइज्ड और हैंडक्राफ्टेड गोल्ड ज्वेलरी के निर्माण और सप्लाई का कारोबार करती है।
कंपनी 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की ज्वेलरी बनाती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में चूड़ियां, ब्राइडल ज्वेलरी, चोकर्स, झुमके, नेकलेस सेट, मंगलसूत्र, अंगूठियां और कॉम्बिनेशन सेट जैसी कई श्रेणियां शामिल हैं।
इसके अलावा कंपनी एंटीक, सेमी-एंटीक, कलकत्ता, टेंपल, गेरू पॉलिश, येलो गोल्ड, रोडियम और रोज गोल्ड जैसी ज्वेलरी कैटेगरी में भी काम करती है।
कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से B2B मॉडल पर आधारित है और यह देशभर में कॉरपोरेट तथा नॉन-कॉरपोरेट ग्राहकों को ज्वेलरी सप्लाई करती है।
एसेट-लाइट मॉडल है कंपनी का कारोबार
शंकेश ज्वेलर्स का बिजनेस मॉडल काफी हद तक एसेट-लाइट है। कंपनी ज्वेलरी के उत्पादन के लिए स्थानीय कुशल कारीगरों और जॉब वर्कर्स की मदद लेती है।
वहीं डिजाइन, मटेरियल सोर्सिंग और ग्राहकों तक डिलीवरी जैसे महत्वपूर्ण काम कंपनी की ओर से संभाले जाते हैं। इस मॉडल की वजह से कंपनी को खुद का भारी मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की जरूरत अपेक्षाकृत कम होती है।
कंपनी जॉब-वर्क सर्विस भी उपलब्ध कराती है। इसमें ग्राहक बुलियन और डिजाइन से जुड़ी जरूरतें उपलब्ध कराता है और कंपनी उसके अनुसार ज्वेलरी तैयार करती है। कंपनी के अनुसार उसके उत्पाद लागू नियमों के तहत BIS हॉलमार्क वाले होते हैं।
आनंद राठी ने दी ‘सब्सक्राइब: लॉन्ग टर्म’ रेटिंग
शंकेश ज्वेलर्स आईपीओ पर आनंद राठी की रिसर्च रिपोर्ट भी निवेशकों के लिए अहम है। ब्रोकरेज के अनुसार वित्त वर्ष 2026 की कमाई के आधार पर कंपनी का वैल्यूएशन करीब 12.8 गुना P/E पर आता है।
आनंद राठी ने इस वैल्यूएशन को फेयरली प्राइस्ड माना है। ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी की मजबूत वित्तीय ग्रोथ, बेहतर होती प्रोफिटेबिलिटी, एसेट-लाइट बिजनेस मॉडल और B2B हैंडक्राफ्टेड गोल्ड ज्वेलरी सेगमेंट में स्थापित स्थिति इसके प्रमुख सकारात्मक पहलू हैं।
इन्हीं आधारों पर आनंद राठी ने शंकेश ज्वेलर्स आईपीओ को ‘सब्सक्राइब: लॉन्ग टर्म’ की रेटिंग दी है। इसका मतलब यह है कि ब्रोकरेज का नजरिया कंपनी के कारोबार और वित्तीय प्रदर्शन को लेकर लंबी अवधि के निवेश के संदर्भ में सकारात्मक है।
निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
शंकेश ज्वेलर्स आईपीओ में निवेश से पहले केवल GMP और ब्रोकरेज की राय पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। ज्वेलरी कारोबार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव, मांग में बदलाव, मार्जिन, वर्किंग कैपिटल की जरूरत और कंपनी की B2B ग्राहकों पर निर्भरता जैसे जोखिम भी महत्वपूर्ण हैं।
इसके अलावा GMP सिर्फ ग्रे मार्केट का संकेत है और यह जरूरी नहीं कि शेयर की वास्तविक लिस्टिंग भी उसी कीमत के आसपास हो। इसलिए निवेशकों को कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन, कारोबार के जोखिम और अपनी निवेश अवधि को ध्यान में रखकर ही फैसला करना चाहिए।
निष्कर्ष
शंकेश ज्वेलर्स आईपीओ को पहले दिन कुल 36% सब्सक्रिप्शन मिला है, जबकि रिटेल कैटेगरी में 53% बोली आई। दूसरी ओर, GMP बढ़कर करीब 5% हो गया है, जिससे मौजूदा प्राइस बैंड के आधार पर लगभग ₹98 की संभावित लिस्टिंग का संकेत मिल रहा है। FY26 में PAT में 165% की वृद्धि और कर्ज कम करने की योजना कंपनी के सकारात्मक पहलुओं में शामिल हैं।
आनंद राठी ने भी कंपनी की ग्रोथ, प्रोफिटेबिलिटी और B2B बिजनेस मॉडल को देखते हुए आईपीओ को लॉन्ग टर्म के लिए ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग दी है। फिर भी अंतिम निवेश फैसला कंपनी के जोखिम, वैल्यूएशन और अपनी वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए।
अस्वीकरण: विशेषज्ञों द्वारा दी गई सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं। ये NewsJagran.in के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।


