Sugar Stocks: शेयर बाजार में बुधवार को एक बार फिर दबाव देखने को मिला। सेंसेक्स लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरा, जबकि निफ्टी में लगातार सातवें सत्र में कमजोरी रही। हालांकि, बाजार की इस गिरावट के बीच शुगर कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। कारोबार के दौरान कई चीनी कंपनियों के शेयर 14 फीसदी तक उछल गए। वहीं, अगस्त में अब तक कुछ शुगर स्टॉक्स में 51 फीसदी तक की तेजी दर्ज की जा चुकी है।
चीनी की कीमतों में तेजी से मिला सहारा
शुगर कंपनियों के शेयरों में तेजी की सबसे बड़ी वजह घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में आई मजबूती को माना जा रहा है। हाल के दिनों में चीनी की कीमतों में तेजी आई है और वे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं। फेस्टिव सीजन में मांग बढ़ने की उम्मीद के चलते कीमतों में आगे भी मजबूती बने रहने की संभावना जताई जा रही है।
चीनी की कीमतों में सुधार से चीनी मिलों की कमाई और मार्जिन को सपोर्ट मिल सकता है। इसी उम्मीद में निवेशकों की दिलचस्पी शुगर कंपनियों के शेयरों में बढ़ी है। भारत दुनिया में चीनी का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है, इसलिए घरेलू उत्पादन, खपत और निर्यात से जुड़े बदलाव इन कंपनियों के कारोबार पर सीधा असर डालते हैं।
इन शुगर स्टॉक्स में आई तेज उछाल
बुधवार को बीएसई पर बजाज हिंदुस्तान, द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज और श्री रेणुका शुगर्स के शेयरों में कारोबार के दौरान करीब 10 से 14 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली।
इसके अलावा धामपुर शुगर मिल्स, अवध शुगर एंड एनर्जी, उत्तम शुगर मिल्स, डालमिया भारत शुगर, त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज, EID पैरी और बलरामपुर चीनी मिल्स के शेयर भी करीब 2 से 7 फीसदी तक मजबूत हुए।
इससे साफ है कि बाजार के व्यापक रुझान के उलट शुगर सेक्टर में निवेशकों की खरीदारी बनी हुई है।
अवध शुगर के शेयर में 51% तक तेजी
अगस्त में अब तक शुगर स्टॉक्स के प्रदर्शन पर नजर डालें तो अवध शुगर एंड एनर्जी सबसे आगे दिखाई देती है। कंपनी के शेयर में इस महीने अब तक करीब 51 फीसदी की तेजी आई है।
इसी अवधि में उत्तम शुगर, डालमिया भारत शुगर, द्वारिकेश शुगर, धामपुर शुगर, त्रिवेणी इंजीनियरिंग और बजाज हिंदुस्तान के शेयरों में करीब 26 से 38 फीसदी तक की बढ़त दर्ज की गई है।
इसके मुकाबले इसी अवधि में बेंचमार्क इंडेक्स में करीब 1.4 फीसदी की गिरावट आई है। यानी बाजार में व्यापक कमजोरी के बावजूद शुगर सेक्टर ने निवेशकों को बेहतर प्रदर्शन दिया है।
क्यों बढ़ रही है चीनी की कीमत?
बाजार जानकारों के मुताबिक 2025-26 शुगर सीजन उम्मीद से ज्यादा टाइट रहा। उत्पादन अनुमान से कम रहने, घरेलू खपत मजबूत रहने और इथेनॉल उत्पादन की ओर चीनी के डायवर्जन के कारण उपलब्ध इन्वेंट्री पर दबाव बढ़ा।
जब बाजार में उपलब्धता सीमित हो और मांग मजबूत बनी रहे तो कीमतों पर ऊपर की ओर दबाव बनता है। हाल में चीनी की कीमतों में आई तेजी को भी इसी मांग-आपूर्ति के संतुलन से जोड़कर देखा जा रहा है।
चीनी की कीमतों में मजबूती मिल मालिकों के लिए राहत की खबर है, क्योंकि इससे उनकी बिक्री प्राप्ति और संभावित मार्जिन में सुधार हो सकता है।
अब 2026-27 सीजन पर नजर
अब बाजार की नजर 2026-27 शुगर सीजन पर है। अगले कुछ दिनों में उत्पादन और उपलब्धता को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है। नए सीजन में गन्ने की उपलब्धता, चीनी उत्पादन, घरेलू खपत और इथेनॉल के लिए डायवर्जन जैसे कारक शुगर कंपनियों के प्रदर्शन की दिशा तय कर सकते हैं।
अगर चीनी की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं और नया सीजन भी कंपनियों के लिए अनुकूल रहता है, तो शुगर सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी आगे भी बनी रह सकती है। हालांकि, हालिया तेज उछाल के बाद इन शेयरों में उतार-चढ़ाव का जोखिम भी बढ़ गया है।
निवेशकों के लिए जरूरी बात: किसी भी शुगर स्टॉक में निवेश करने से पहले कंपनी के कर्ज, गन्ने की लागत, उत्पादन क्षमता, मार्जिन, इथेनॉल कारोबार और वैल्यूएशन की जांच करना जरूरी है। केवल हालिया तेजी के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए।


