Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 अगस्त को जारी मौसम बुलेटिन में उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली को लेकर चेतावनी जारी की है। उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के खतरे को देखते हुए पूर्वी यूपी के कई जिलों में स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है।
वाराणसी, गाजीपुर, मिर्जापुर, भदोही और जौनपुर समेत कई जिलों में खराब मौसम और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। वहीं दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में भी आज मौसम का मिजाज बिगड़ा रहने की संभावना है।
यूपी, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ में आज कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। लगातार तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़क यातायात प्रभावित होने और नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने की स्थिति बन सकती है।
उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी परिस्थितियों का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है।
इसके अलावा दिल्ली-NCR, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में भी बारिश और गरज-चमक का दौर देखने को मिल सकता है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, बिहार, झारखंड, विदर्भ, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी जमकर बरसेगा मानसून
पूर्वोत्तर भारत में भी मानसूनी गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई जगहों पर बारिश हो सकती है।
कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी रहेगा। ऐसे मौसम में लोगों को खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सलाह दी गई है।
दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर
दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में भारी बारिश का अलर्ट है।
बारिश के साथ कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। तटीय और खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार
IMD के अनुसार कुछ इलाकों में बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में गरज-चमक के साथ तेज हवाओं की संभावना है।
वहीं आंध्र प्रदेश, बिहार, तटीय कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना तथा पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
तेज हवाओं के दौरान कमजोर पेड़, बिजली के खंभे, होर्डिंग्स और अस्थायी ढांचों से दूरी बनाए रखना बेहतर होगा।
इन राज्यों में बिजली गिरने का खतरा
उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।
मौसम खराब होने पर खुले मैदान, खेत और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। बिजली कड़कने के दौरान सुरक्षित और पक्की इमारत के अंदर रहना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
समुद्र में भी खराब रहेगा मौसम
मौसम विभाग ने समुद्री इलाकों के लिए भी विशेष चेतावनी जारी की है। अरब सागर में गुजरात, सोमालिया और ओमान के तटों के आसपास तेज हवाएं चलने की संभावना है। पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों और दक्षिण-पश्चिम, उत्तर तथा पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में भी मौसम खराब रह सकता है।
इन क्षेत्रों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में भी इसी रफ्तार की तेज हवाएं चल सकती हैं।
इसी वजह से मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। पहले से समुद्र में मौजूद लोगों को भी मौसम की स्थिति और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखने को कहा गया है।
आज किन राज्यों में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत?
19 अगस्त को खास तौर पर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। इसके अलावा दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में भी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।
लगातार बारिश वाले इलाकों में लोगों को जलभराव वाली सड़कों पर जाने से बचना चाहिए और मौसम की ताजा जानकारी के लिए IMD तथा स्थानीय प्रशासन के अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।
Disclaimer: मौसम का पूर्वानुमान स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बदल सकता है। किसी भी यात्रा या बाहरी गतिविधि से पहले अपने क्षेत्र के ताजा मौसम अपडेट और प्रशासन की एडवाइजरी जरूर जांचें।


