Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 19 अगस्त को लगातार सातवें कारोबारी दिन दबाव देखने को मिला। कमजोर वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और एशियाई बाजारों में बिकवाली के बीच घरेलू बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। हालांकि, बाजार की इस कमजोरी के बीच आईटी शेयरों में खरीदारी ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। निफ्टी आईटी इंडेक्स शुरुआती कारोबार में करीब 1 फीसदी तक मजबूत हुआ।
बाजार में फिलहाल बिकवाली का दबाव व्यापक है, लेकिन कुछ सेक्टर्स में मजबूती नजर आ रही है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या लगातार सात दिनों की गिरावट के बाद अब बाजार में रिकवरी देखने को मिल सकती है?
कमजोर शुरुआत के साथ खुला शेयर बाजार
बुधवार के शुरुआती कारोबार में Nifty 50 करीब 40 अंक की गिरावट के साथ 24,116 के आसपास कारोबार करता नजर आया। वहीं, बैंकिंग शेयरों पर भी दबाव रहा और Bank Nifty करीब 120 अंक टूटकर 57,140 के आसपास पहुंच गया।
लगातार सातवें दिन बाजार में कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। हालांकि, केवल लगातार गिरावट को देखकर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि बाजार में आगे भी एकतरफा बिकवाली जारी रहेगी। कई बार लगातार गिरावट के बाद बाजार में शॉर्ट टर्म बाउंस या तकनीकी रिकवरी भी देखने को मिलती है।
फिलहाल निवेशकों की नजर ग्लोबल मार्केट, कच्चे तेल की कीमतों और घरेलू स्तर पर सेक्टरवार खरीदारी पर बनी हुई है।
कच्चे तेल की कीमत बनी बाजार के लिए चिंता
भारतीय शेयर बाजार पर इस समय क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी का भी दबाव है। कच्चे तेल की कीमतें लगातार दूसरे दिन करीब 91 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से देश के आयात बिल पर दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा महंगे क्रूड का असर महंगाई, रुपये और कंपनियों की लागत पर भी पड़ सकता है।
यही वजह है कि वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में तेजी को भारतीय इक्विटी बाजार के लिए फिलहाल सकारात्मक संकेत नहीं माना जा रहा है।
एशियाई बाजारों में भी दबाव
भारतीय बाजार की कमजोर शुरुआत के पीछे सिर्फ घरेलू कारण नहीं हैं। एशियाई शेयर बाजारों में भी दबाव देखने को मिल रहा है।
जापान का निक्केई शुरुआती कारोबार में 2.5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया। इससे एशियाई बाजारों में कमजोर सेंटीमेंट का अंदाजा लगाया जा सकता है।
इसके अलावा, अमेरिकी बाजार भी पिछली रात गिरावट के साथ बंद हुए थे। सुबह के कारोबार में डाऊ फ्यूचर्स भी लाल निशान में नजर आया। ऐसे वैश्विक संकेत आमतौर पर भारतीय बाजार की शुरुआती दिशा को प्रभावित करते हैं।
इसलिए घरेलू बाजार में किसी बड़ी तेजी के लिए फिलहाल ग्लोबल संकेतों का सुधरना भी महत्वपूर्ण होगा।
फिर IT शेयरों में क्यों हो रही खरीदारी?
बाजार में जहां कई सेक्टर्स में बिकवाली देखने को मिल रही है, वहीं आईटी शेयरों में खरीदारी नजर आ रही है। शुरुआती कारोबार में निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 1 फीसदी तक मजबूत हुआ।
आईटी शेयरों में खरीदारी की एक वजह यह हो सकती है कि लगातार दबाव के बाद निवेशक इस सेक्टर में चुनिंदा शेयरों को अपेक्षाकृत आकर्षक स्तर पर देख रहे हैं। इसके अलावा, आईटी कंपनियों की बड़ी कमाई डॉलर में होती है। ऐसे में रुपये की कमजोरी से भी कुछ आईटी कंपनियों को फायदा मिल सकता है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे आईटी सेक्टर में एक साथ तेजी आना तय है। ग्लोबल टेक्नोलॉजी खर्च, अमेरिका और यूरोप की मांग, मार्जिन और कंपनियों के तिमाही नतीजे जैसे फैक्टर आगे भी आईटी शेयरों की दिशा तय करेंगे।
HCL Tech समेत इन शेयरों में तेजी
निफ्टी 50 के शुरुआती कारोबार में HCL Tech, Nestle India, Sun Pharma और Eternal टॉप गेनर्स में शामिल रहे।
खास तौर पर HCL Tech का मजबूत प्रदर्शन आईटी सेक्टर में जारी खरीदारी को दिखाता है। दूसरी ओर, फार्मा और एफएमसीजी जैसे डिफेंसिव सेक्टर के कुछ शेयरों में भी मजबूती दिखाई दी।
जब बाजार में व्यापक बिकवाली होती है, तब निवेशक अक्सर ऐसे शेयरों और सेक्टर्स की तरफ रुख करते हैं जिनमें अपेक्षाकृत स्थिर कमाई या बेहतर रक्षात्मक क्षमता दिखाई देती है।
इन शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव
दूसरी तरफ Hindalco, Tata Steel, M&M, Coal India और Bajaj Finserv निफ्टी 50 के प्रमुख लूजर्स में नजर आए।
मेटल शेयरों पर वैश्विक बाजारों की कमजोरी और कमोडिटी से जुड़े सेंटीमेंट का असर दिखाई दे सकता है। वहीं, ऑटो और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में भी शुरुआती कारोबार में दबाव देखने को मिला।
इससे पता चलता है कि बाजार में फिलहाल खरीदारी बहुत चुनिंदा शेयरों में हो रही है और व्यापक स्तर पर निवेशकों का भरोसा अभी पूरी तरह वापस नहीं आया है।
Nifty का Advance-Decline Ratio क्या बता रहा है?
बाजार की चौड़ाई यानी Advance-Decline Ratio भी फिलहाल कमजोरी की तस्वीर दिखा रहा है।
शुरुआती कारोबार में निफ्टी 50 के 19 शेयरों में तेजी, जबकि 31 शेयरों में गिरावट देखने को मिली। यानी बिकवाली का पलड़ा फिलहाल भारी है।
अगर आने वाले सत्रों में गिरावट वाले शेयरों की संख्या घटती है और ज्यादा शेयर तेजी की ओर लौटते हैं, तो यह बाजार में सेंटीमेंट सुधरने का शुरुआती संकेत हो सकता है। इसके उलट अगर बिकवाली और व्यापक होती है, तो बाजार में दबाव बने रहने की आशंका बढ़ सकती है।
खबरों में इन शेयरों पर नजर
बुधवार के कारोबारी सत्र में खबरों के चलते Aster DM Quality Care, RailTel Corporation, Atlanta Electrical, HG Infra Engineering, Jubilant Ingrevia और Behari Lal Engineering जैसे शेयरों में भी हलचल देखने को मिल रही है।
खबरों के आधार पर किसी शेयर में अचानक तेजी या गिरावट आ सकती है, लेकिन निवेशकों को केवल एक दिन की चाल देखकर फैसला लेने के बजाय कंपनी के फंडामेंटल, वैल्यूएशन, कारोबार और जोखिम को भी देखना चाहिए।
क्या लगातार 7 दिनों की गिरावट के बाद आएगी तेजी?
यह बाजार के लिए सबसे बड़ा सवाल है। लगातार सात कारोबारी दिनों की कमजोरी के बाद टेक्निकल बाउंस की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन अभी इसे पक्की तेजी की शुरुआत मानना जल्दबाजी होगी।
बाजार में टिकाऊ रिकवरी के लिए कई चीजों का एक साथ सकारात्मक होना जरूरी होगा। इनमें ग्लोबल बाजारों में स्थिरता, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, विदेशी निवेशकों की बिकवाली में कमी और प्रमुख इंडेक्स का महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल के ऊपर टिकना शामिल है।
अगर निफ्टी निचले स्तरों से मजबूती दिखाता है और लगातार बिकवाली के बावजूद अहम सपोर्ट जोन के ऊपर बना रहता है, तो शॉर्ट टर्म में राहत की रैली देखने को मिल सकती है। वहीं, सपोर्ट टूटने पर बाजार में और कमजोरी का जोखिम बना रहेगा।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
मौजूदा बाजार परिस्थितियों में जल्दबाजी में ट्रेडिंग या निवेश करने के बजाय सेक्टर और स्टॉक के आधार पर चयन करना ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है। आईटी शेयरों में आज की खरीदारी जरूर सकारात्मक संकेत है, लेकिन एक दिन की तेजी को ट्रेंड रिवर्सल मानना सही नहीं होगा।
लंबी अवधि के निवेशकों को मजबूत बिजनेस मॉडल, बेहतर बैलेंस शीट और टिकाऊ कमाई वाली कंपनियों पर ध्यान देना चाहिए। वहीं, शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल के साथ-साथ ग्लोबल संकेतों पर नजर रखना जरूरी होगा।
कुल मिलाकर, 19 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार में लगातार सातवें दिन दबाव बना हुआ है, लेकिन आईटी, एफएमसीजी और कुछ अन्य चुनिंदा सेक्टर्स में खरीदारी बाजार के लिए राहत का संकेत दे रही है। आने वाले सत्रों में यह देखना अहम होगा कि निफ्टी मौजूदा स्तरों से वापसी करता है या बिकवाली का दबाव और बढ़ता है।
डिस्क्लेमर
यह लेख बाजार में उपलब्ध जानकारी और शुरुआती कारोबार के रुझानों पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी को निवेश या शेयर खरीदने-बेचने की सलाह न समझें। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखें और जरूरत पड़ने पर सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर की सलाह लें।


