MP News: मध्य प्रदेश के सागर में पुलिस अवैध हथियार की तलाश में एक ऑटो-रिक्शा चालक के घर पहुंची थी। यहां बंद अलमारी से तीन करोड़ रुपये से अधिक की नकदी मिलने से पुलिस अधिकारियों के होश उड़ गए। अब आयकर विभाग समेत अन्य एजेंसियां रकम के स्रोत की जांच कर रही हैं।
MP News: मध्य प्रदेश के सागर जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां पुलिस अवैध पिस्तौल की तलाश में एक ऑटो-रिक्शा चालक के घर पहुंची, लेकिन तलाशी के दौरान पुलिस को ऐसा सामान मिला, जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की थी। घर की एक बंद अलमारी से तीन करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद हुई। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी और नोटों की गिनती के लिए मशीनें मंगाई गईं।
यह मामला सागर के गोपालगंज इलाके का बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर कथित तौर पर पिस्तौल लहराते हुए वीडियो पोस्ट करने वाले दो भाइयों की तलाश की जा रही थी। इसी सिलसिले में पुलिस टीम रविवार को उनमें से एक के घर पहुंची थी।
सोशल मीडिया वीडियो से शुरू हुई तलाश
पुलिस अधीक्षक (SP) अनुराग सुजानिया के मुताबिक, सौरभ अहिरवार और उसके भाई पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर कथित तौर पर पिस्तौल लहराते हुए वीडियो पोस्ट करने की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की।
पुलिस को सूचना मिली थी कि गोपालगंज इलाके में एक व्यक्ति के पास अवैध हथियार हो सकता है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने संबंधित घर पर पहुंचकर तलाशी शुरू की। पुलिस का मकसद कथित पिस्तौल को बरामद करना था, लेकिन तलाशी के दौरान मामला अचानक पूरी तरह बदल गया।
बंद अलमारी ने बढ़ाया पुलिस का शक
पुलिस टीम जब घर में तलाशी ले रही थी, तब उसकी नजर एक बंद अलमारी पर पड़ी। अधिकारियों ने अलमारी खोलने के लिए कहा, लेकिन कथित तौर पर घर में मौजूद व्यक्ति ने चाबी नहीं होने की बात कही।
SP अनुराग सुजानिया के अनुसार, जब अलमारी खोलने को लेकर आनाकानी हुई तो पुलिस ने उसका ताला तोड़ दिया। अलमारी खुलते ही अंदर एक बैग में बड़ी मात्रा में नकदी मिली।
पुलिस ने जब रकम देखी तो अधिकारियों को तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी देनी पड़ी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, अलमारी से तीन करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद हुई।
करीब पांच घंटे तक गिने गए नोट
इतनी बड़ी मात्रा में कैश मिलने के बाद पुलिस के लिए रकम की सही गिनती करना भी चुनौती बन गया। इसके लिए नोट गिनने वाली मशीनें मंगाई गईं।
अधिकारियों के मुताबिक, नकदी की गिनती में करीब पांच घंटे का समय लगा। इस दौरान पुलिस और संबंधित विभागों की टीम मौके पर मौजूद रही। बरामद रकम को लेकर आगे की जांच भी शुरू कर दी गई है।
आखिर किसका था तीन करोड़ रुपये का कैश?
इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि तीन करोड़ रुपये से अधिक कैश आखिर किसका है और इसे घर की अलमारी में क्यों रखा गया था?
अधिकारियों के अनुसार, दोनों भाइयों ने दावा किया कि यह रकम उनके एक रिश्तेदार की है। उनका कहना है कि रिश्तेदार ने करीब आठ-नौ साल पहले यह पैसा अलमारी में रखा था।
हालांकि, पुलिस इस दावे की जांच कर रही है। इतनी बड़ी रकम घर में लंबे समय से रखे जाने के दावे को लेकर अधिकारियों को दस्तावेज और रकम के स्रोत से संबंधित जानकारी की जरूरत होगी।
पिस्तौल नहीं मिली, लेकिन कैश बरामद हो गया
पुलिस जिस पिस्तौल की तलाश में घर पहुंची थी, तलाशी के दौरान वह बरामद नहीं हुई। इसके बजाय पुलिस के हाथ करोड़ों रुपये की नकदी लग गई।
इस मामले ने जांच को एक नया मोड़ दे दिया है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद रकम का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था और क्या इसका संबंध किसी गैरकानूनी गतिविधि से है।
फिलहाल पुलिस ने नकदी को लेकर मिले दावे और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।
आयकर विभाग को भी दी गई सूचना
करोड़ों रुपये की नकदी बरामद होने के बाद मामले की जानकारी आयकर विभाग को भी दी गई है। इसके अलावा राजस्व विभाग की टीम को भी नोटों की गिनती और संबंधित कार्रवाई के दौरान बुलाया गया था।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि बरामद रकम का वास्तविक स्रोत क्या है। इसके लिए बैंक लेनदेन, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, आय के स्रोत और रकम के स्वामित्व से संबंधित दावों की जांच की जा सकती है।
यदि रकम के संबंध में संतोषजनक जानकारी या वैध दस्तावेज सामने नहीं आते हैं, तो संबंधित कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई हो सकती है।
पुलिस की जांच जारी
फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस तीन करोड़ रुपये से अधिक की नकदी के स्रोत और उसके वास्तविक मालिक का पता लगाने पर है। साथ ही, पुलिस सोशल मीडिया पर हथियारों के कथित प्रदर्शन से जुड़े मामले की भी जांच कर रही है।
यह पूरा मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पुलिस अवैध पिस्तौल की तलाश में एक ऑटो-रिक्शा चालक के घर पहुंची थी, लेकिन वहां से हथियार के बजाय करोड़ों रुपये की नकदी बरामद हुई। अब जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इतनी बड़ी रकम घर में रखने की असली वजह क्या थी और इसका स्रोत क्या है।


