Heart Health Tips: दिल को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ सिगरेट छोड़ना ही काफी नहीं है। कार्डियोवस्कुलर सर्जन डॉ. जेरेमी लंदन ने 8,000 से ज्यादा हार्ट सर्जरी के अनुभव के आधार पर 5 ऐसी आदतों से दूरी बनाने की सलाह दी है, जो लंबे समय में दिल की सेहत पर असर डाल सकती हैं।
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में काम का तनाव, खराब खान-पान, घंटों कुर्सी पर बैठे रहना और पर्याप्त नींद न लेना आम बात हो गई है। अक्सर लोग दिल की सेहत को लेकर सिर्फ धूम्रपान और तले-भुने खाने को लेकर सावधान रहते हैं, लेकिन कुछ दूसरी रोजमर्रा की आदतें भी हृदय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
कार्डियोवस्कुलर सर्जन डॉ. जेरेमी लंदन ने 8,000 से ज्यादा हार्ट ऑपरेशन किए हैं। अपने अनुभव के आधार पर उन्होंने उन चीजों के बारे में बताया है, जिनसे वह खुद दूरी बनाए रखने की कोशिश करते हैं। इनमें धूम्रपान के साथ-साथ अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड, लंबे समय तक बैठे रहना, अकेलापन और लगातार तनाव जैसी आदतें शामिल हैं।
इनमें से कई चीजें ऐसी हैं, जिन्हें हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का सामान्य हिस्सा मान लेते हैं। लेकिन लंबे समय तक इनका पैटर्न बना रहना जीवनशैली और हृदय स्वास्थ्य के लिए चिंता का कारण बन सकता है।
1. धूम्रपान से जितना दूर रहें, उतना बेहतर
दिल की सेहत के लिए सबसे महत्वपूर्ण आदतों में से एक है धूम्रपान से दूरी बनाना। डॉ. जेरेमी लंदन सिगरेट के साथ-साथ वेपिंग और गांजा पीने से भी बचने की सलाह देते हैं।
सिगरेट के धुएं में मौजूद कई हानिकारक रसायन शरीर में पहुंचते हैं और रक्त वाहिकाओं पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं। धूम्रपान हृदय और रक्त संचार से जुड़े कई जोखिमों से जुड़ा हुआ है।
अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से धूम्रपान करता है, तो इसे छोड़ना आसान नहीं होता। ऐसे में अचानक खुद पर दबाव डालने के बजाय डॉक्टर या विशेषज्ञ की मदद लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।
दिल की सेहत के लिए जरूरी बात: अगर आप धूम्रपान करते हैं, तो इसे छोड़ने की दिशा में उठाया गया हर कदम फायदेमंद हो सकता है।
2. पैकेट और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का ज्यादा सेवन न करें
आज बाजार में चिप्स, पैकेज्ड स्नैक्स, इंस्टेंट फूड, फास्ट फूड और कई तरह के तैयार खाने आसानी से उपलब्ध हैं। व्यस्त जीवन में इन्हें खाना सुविधाजनक लगता है, लेकिन इनका ज्यादा सेवन स्वस्थ डाइट का विकल्प नहीं हो सकता।
कई अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों में सोडियम, अतिरिक्त चीनी और संतृप्त वसा की मात्रा ज्यादा हो सकती है। इन चीजों का अधिक सेवन लंबे समय में शरीर के लिए नुकसानदेह हो सकता है और हृदय स्वास्थ्य से जुड़े जोखिम बढ़ा सकता है।
इसलिए खाने में ज्यादा से ज्यादा ताजे फल, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज, नट्स और घर का बना संतुलित भोजन शामिल करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
इसका मतलब यह नहीं है कि हर पैकेज्ड फूड को पूरी तरह बंद करना जरूरी है। असली लक्ष्य यह होना चाहिए कि रोज के भोजन में पौष्टिक और कम प्रोसेस्ड चीजों की हिस्सेदारी ज्यादा रहे।
3. लगातार घंटों बैठे रहना भी ठीक नहीं
ऑफिस का काम हो या घर से काम करने की आदत, आज बड़ी संख्या में लोग दिन का काफी हिस्सा कुर्सी पर बैठे हुए बिताते हैं। कई बार सुबह से शाम तक काम के बीच उठने और चलने का मौका ही नहीं मिलता।
डॉ. लंदन लंबे समय तक बैठे रहने से बचने की सलाह देते हैं। शरीर को नियमित रूप से सक्रिय रखना जरूरी है। इसके लिए हर किसी को जिम में घंटों बिताने की जरूरत नहीं है।
आप छोटी शुरुआत कर सकते हैं। उदाहरण के लिए:
- काम के बीच कुछ मिनट के लिए उठकर चलें।
- फोन पर बात करते समय थोड़ा टहलें।
- लिफ्ट की जगह संभव हो तो सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
- खाने के बाद थोड़ी देर पैदल चलें।
- दिनभर में अपनी कुल शारीरिक गतिविधि बढ़ाने की कोशिश करें।
10 मिनट की वॉक जैसी छोटी आदत भी रोजमर्रा की निष्क्रियता को कम करने की दिशा में एक आसान कदम हो सकती है।
4. अकेलेपन को नजरअंदाज न करें
दिल की सेहत को लेकर बातचीत अक्सर डाइट, एक्सरसाइज, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल तक सीमित रहती है। लेकिन सामाजिक जुड़ाव और मानसिक स्वास्थ्य भी जीवनशैली का हिस्सा हैं।
लंबे समय तक सामाजिक रूप से अलग-थलग रहना या अकेलापन महसूस करना मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। इसलिए परिवार और दोस्तों से जुड़े रहना महत्वपूर्ण है।
हर दिन घंटों सोशलाइज करना जरूरी नहीं है। किसी करीबी व्यक्ति से फोन पर बात करना, परिवार के साथ खाना खाना, दोस्तों से मिलना या किसी सामाजिक गतिविधि में शामिल होना भी जुड़ाव बनाए रखने का तरीका हो सकता है।
अच्छे रिश्ते और सामाजिक जुड़ाव भी स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा हैं।
5. लगातार तनाव को अपनी जिंदगी का हिस्सा न बनने दें
काम का दबाव, आर्थिक चिंता, पारिवारिक जिम्मेदारियां और लगातार ऑनलाइन रहने की आदत तनाव को बढ़ा सकती है। कभी-कभार तनाव सामान्य है, लेकिन लगातार बना रहने वाला तनाव शरीर पर असर डाल सकता है।
लंबे समय तक तनाव रहने पर ब्लड प्रेशर और नींद जैसी समस्याएं प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए तनाव को नजरअंदाज करने के बजाय उसे मैनेज करने की कोशिश करनी चाहिए।
तनाव कम करने के लिए आप अपनी दिनचर्या में कुछ सरल बदलाव कर सकते हैं:
- पर्याप्त और नियमित नींद लें।
- रोज थोड़ी शारीरिक गतिविधि करें।
- स्क्रीन से समय-समय पर ब्रेक लें।
- परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं।
- अपनी पसंद की आरामदायक गतिविधियों के लिए समय निकालें।
- अगर तनाव लगातार बना हुआ है या रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है, तो विशेषज्ञ से बात करें।
क्या इन 5 चीजों से बचने से हार्ट अटैक का खतरा खत्म हो जाएगा?
नहीं। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से हृदय संबंधी जोखिम पूरी तरह खत्म होने की गारंटी नहीं मिलती। उम्र, पारिवारिक इतिहास, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज और अन्य मेडिकल स्थितियां भी हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं।
इसलिए सिर्फ एक आदत पर ध्यान देने के बजाय पूरी जीवनशैली पर नजर रखना जरूरी है। संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, तनाव को नियंत्रित करना और धूम्रपान से दूरी जैसे कदम दिल की सेहत के लिए बेहतर माने जाते हैं।
अगर आपको सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, अचानक कमजोरी, चक्कर या अन्य गंभीर लक्षण महसूस हों, तो उन्हें नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
दिल की सेहत के लिए क्या करें?
डॉ. लंदन की बताई आदतों से एक बात साफ है कि दिल की देखभाल सिर्फ जिम जाने या डाइट बदलने तक सीमित नहीं है। आपकी पूरी दिनचर्या का असर आपकी सेहत पर पड़ता है।
धूम्रपान छोड़ना, ज्यादा प्रोसेस्ड फूड से बचना, लंबे समय तक लगातार न बैठना, लोगों से जुड़े रहना और तनाव को मैनेज करना ऐसे बदलाव हैं, जिन्हें धीरे-धीरे जीवनशैली का हिस्सा बनाया जा सकता है।
छोटे बदलावों को लगातार बनाए रखना अक्सर किसी बड़े और कठिन रूटीन की तुलना में ज्यादा व्यावहारिक होता है।
निष्कर्ष
दिल की बीमारी से बचाव के लिए कोई एक जादुई उपाय नहीं है। लेकिन अपनी रोजमर्रा की आदतों पर ध्यान देकर जोखिम को कम करने की दिशा में कदम जरूर उठाए जा सकते हैं। सिगरेट छोड़ने के साथ-साथ खान-पान, शारीरिक गतिविधि, मानसिक तनाव और सामाजिक जुड़ाव पर भी ध्यान देना जरूरी है।
याद रखें, इन आदतों में सुधार करना किसी बीमारी का इलाज नहीं है और न ही इससे हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा पूरी तरह खत्म होता है। अगर आपको पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है या हृदय रोग का जोखिम अधिक है, तो व्यक्तिगत सलाह के लिए डॉक्टर से संपर्क करना सबसे बेहतर विकल्प है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल संबंधी जानकारी पर आधारित है। इसे डॉक्टर की सलाह या किसी बीमारी के इलाज का विकल्प न मानें। किसी भी नए एक्सरसाइज रूटीन, डाइट बदलाव या धूम्रपान छोड़ने की योजना को अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अपनाने के लिए योग्य डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।


