वाराणसी एयरपोर्ट पर रविवार को हथियार जमा कराने के दौरान अचानक गोली चलने से दो लोग घायल हो गए। घटना के बाद यात्री को हिरासत में लिया गया। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या भारत में यात्री फ्लाइट में लाइसेंसी हथियार ले जा सकते हैं? जानिए एयरपोर्ट और एयरलाइन के नियम।
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के वाराणसी एयरपोर्ट पर रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब हथियार जमा कराने की प्रक्रिया के दौरान अचानक गोली चल गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आजमगढ़ का एक यात्री एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट से मुंबई जाने वाला था। सुरक्षा प्रक्रिया के दौरान पिस्टल की मैगजीन निकालते समय अचानक ट्रिगर दब गया और गोली चल गई।
इस घटना में दो लोग घायल हो गए। दोनों का स्थानीय अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है। घटना के बाद पुलिस ने यात्री को हिरासत में ले लिया। इस घटना ने एयरपोर्ट की सुरक्षा के साथ-साथ यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि आखिर यात्री फ्लाइट में हथियार ले जा सकते हैं या नहीं।
क्या फ्लाइट में हथियार ले जाने की अनुमति है?
भारत में कुछ परिस्थितियों में वैध लाइसेंस वाले हथियार को हवाई यात्रा के दौरान ले जाने की अनुमति होती है। हालांकि, इसके लिए कड़े सुरक्षा नियमों का पालन करना पड़ता है।
सामान्य यात्री हथियार को अपने केबिन बैगेज या अपने साथ विमान के अंदर नहीं ले जा सकता। निर्धारित प्रक्रिया के तहत हथियार को एयरलाइन को घोषित करना होता है और उसे चेक-इन बैगेज के साथ सुरक्षित तरीके से ले जाने की व्यवस्था की जाती है।
यानी हथियार लेकर एयरपोर्ट पहुंचने का मतलब यह नहीं है कि यात्री उसे लेकर सीधे विमान में सवार हो सकता है। इसके लिए एयरलाइन और सुरक्षा अधिकारियों की निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
हथियार ले जाने के लिए क्या करना होता है?
हथियार ले जाने वाले यात्री को चेक-इन के समय एयरलाइन को इसकी जानकारी देनी होती है। इसके साथ संबंधित हथियार लाइसेंस और जरूरी दस्तावेज भी दिखाने पड़ सकते हैं।
सुरक्षा प्रक्रिया के दौरान हथियार को अनलोडेड यानी पूरी तरह खाली रखना जरूरी होता है। हथियार और गोला-बारूद को निर्धारित तरीके से पैक और सुरक्षित किया जाता है। यात्री को हथियार को लेकर एयरलाइन की शर्तों और सुरक्षा जांच का पालन करना होता है।
सबसे अहम बात यह है कि हथियार को छिपाकर या बिना घोषणा किए विमान में ले जाने की कोशिश नहीं की जा सकती।
कितने हथियार और कारतूस ले जा सकते हैं?
एयर इंडिया एक्सप्रेस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, पात्र यात्री चेक-इन बैगेज में लाइसेंसी रिवॉल्वर, पिस्तौल या शॉटगन तथा निर्धारित मात्रा में कारतूस ले जा सकते हैं। इसके लिए सुरक्षा और संरक्षा से जुड़ी सभी शर्तों का पालन करना जरूरी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एयरलाइन के नियमों में ऐसे सामान के लिए 5 किलोग्राम तक की वजन सीमा का प्रावधान है। हालांकि, यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइन की मौजूदा शर्तों और शुल्क की पुष्टि करना जरूरी है, क्योंकि नियम और प्रक्रियाएं समय के साथ बदल सकती हैं।
एयर इंडिया में किन लोगों को मिलती है छूट?
एयर इंडिया की हथियार संबंधी नीति में कुछ विशेष श्रेणियों के यात्रियों के लिए अलग प्रावधान हैं। इनमें ड्यूटी पर तैनात रक्षा बलों, अर्धसैनिक बलों, पुलिस और कस्टम विभाग के कर्मी शामिल हो सकते हैं।
इसके अलावा प्रतियोगिता में हिस्सा लेने या देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए यात्रा करने वाले पात्र खिलाड़ियों के लिए भी एयरलाइन की ओर से अलग नियम लागू हो सकते हैं।
घरेलू उड़ानों में सामान्य यात्रियों को हथियार और निर्धारित मात्रा में कारतूस ले जाने के लिए अलग शुल्क भी देना पड़ सकता है। इसलिए टिकट बुक करने के बाद यात्रा से पहले एयरलाइन की आधिकारिक शर्तों को देखना जरूरी है।
क्या हथियार को केबिन बैगेज में रख सकते हैं?
नहीं। सामान्य यात्री के लिए हथियार को केबिन बैगेज में रखना या अपने साथ विमान के अंदर ले जाना अनुमत नहीं है।
हथियार की जानकारी एयरलाइन को देने के बाद उसे निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसके बाद हथियार को सुरक्षित तरीके से पैक करके चेक-इन बैगेज के साथ ले जाने की व्यवस्था की जाती है।
यही वजह है कि एयरपोर्ट पर हथियार जमा करने और उसकी जांच की प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है। वाराणसी की घटना में भी गोली चलने की वजह से सुरक्षा प्रक्रिया के दौरान अतिरिक्त सावधानी की जरूरत पर सवाल उठे हैं।
बिना लाइसेंस हथियार ले जाने पर क्या होगा?
भारत में हथियार रखने और ले जाने के लिए संबंधित कानूनों और लाइसेंस की शर्तों का पालन करना जरूरी है। बिना वैध लाइसेंस हथियार रखने या उसे ले जाने पर Arms Act के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
इसी तरह एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील स्थान पर हथियार के साथ लापरवाही बरतना गंभीर मामला बन सकता है। यदि हथियार से गोली चल जाती है और किसी व्यक्ति को चोट पहुंचती है, तो परिस्थितियों के आधार पर अन्य आपराधिक धाराएं भी लागू हो सकती हैं।
इसलिए लाइसेंसी हथियार होने के बावजूद यात्री को एयरलाइन, एयरपोर्ट सुरक्षा और संबंधित कानूनों में तय प्रक्रिया का पूरी तरह पालन करना जरूरी है।
वाराणसी की घटना से क्या सबक मिलता है?
वाराणसी एयरपोर्ट की घटना यह बताती है कि लाइसेंसी हथियार होने पर भी एयरपोर्ट पर उसे संभालते समय बेहद सावधानी जरूरी है। हथियार की जांच, अनलोड करने या जमा कराने की प्रक्रिया यात्री को खुद से जल्दबाजी में नहीं करनी चाहिए और सुरक्षा अधिकारियों के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
हवाई यात्रा में हथियार से जुड़े नियम इसलिए बेहद सख्त रखे जाते हैं ताकि विमान और एयरपोर्ट परिसर में किसी तरह का खतरा पैदा न हो। यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी एयरलाइन की ताजा हथियार नीति, जरूरी दस्तावेज, शुल्क और पैकिंग संबंधी नियमों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।


