Who is Tariq Mansoor: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की ओर से जारी सूची में उत्तर प्रदेश से प्रोफेसर तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। तारिक मंसूर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के पूर्व कुलपति और उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य हैं। उनकी नियुक्ति को भाजपा के संगठन विस्तार और सामाजिक प्रतिनिधित्व की रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
कौन हैं प्रोफेसर तारिक मंसूर?
भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय टीम के सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
अनुभव और ऊर्जा से समृद्ध यह टीम आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन में संगठन को नई गति प्रदान करेगी। मुझे पूर्ण विश्वास है कि टीम के सभी सदस्य, कार्यकर्ता भाव… pic.twitter.com/bvSxIZIRtW
— Nitin Nabin (@NitinNabin) August 17, 2026 प्रोफेसर तारिक मंसूर एक जाने-माने शिक्षाविद, सर्जन और सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्ति हैं। वह 2017 से 2023 तक अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कुलपति रहे। इससे पहले वह AMU के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में प्राचार्य और सर्जरी विभाग के प्रमुख जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी काम कर चुके हैं।
मेडिकल और शिक्षा के क्षेत्र में लंबे अनुभव के कारण तारिक मंसूर की पहचान एक शिक्षाविद और चिकित्सक के तौर पर रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन में रहते हुए उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कई मुद्दों पर काम किया।
2023 में बने थे उत्तर प्रदेश MLC
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कुलपति पद से कार्यकाल पूरा करने के बाद तारिक मंसूर को उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी अहम जिम्मेदारी मिली। अप्रैल 2023 में उन्हें उत्तर प्रदेश विधान परिषद का सदस्य (MLC) नामांकित किया गया था।
इसके अलावा वह पद्म पुरस्कार समिति और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं। उनकी प्रशासनिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमि को देखते हुए भाजपा ने उन्हें संगठन में राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी दी है।
BJP में कब आए चर्चा में?
तारिक मंसूर की भाजपा से राजनीतिक सक्रियता खास तौर पर 2023 के बाद बढ़ी। MLC बनने के बाद वह पार्टी के साथ विभिन्न सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों में नजर आए। मुस्लिम समाज के बीच भाजपा की पहुंच बढ़ाने की रणनीति में भी उनके जैसे शिक्षित और प्रभावशाली चेहरों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
उनकी पृष्ठभूमि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी जैसी प्रतिष्ठित संस्था से जुड़ी रही है। ऐसे में पार्टी संगठन में उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी मिलना राजनीतिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने का क्या मतलब?
तारिक मंसूर को भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने को केवल संगठनात्मक नियुक्ति के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश देश का सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक राज्य है और यहां सामाजिक एवं क्षेत्रीय समीकरणों का चुनावी राजनीति में बड़ा असर रहता है।
भाजपा लंबे समय से मुस्लिम समाज के बीच अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद और मुस्लिम चेहरे को राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण पद देना पार्टी की इसी रणनीति का हिस्सा माना जा सकता है।
खास तौर पर शिक्षित मुस्लिम वर्ग और पसमांदा समाज तक राजनीतिक संवाद बढ़ाने के लिहाज से तारिक मंसूर की भूमिका अहम हो सकती है। हालांकि उनकी नियुक्ति का वास्तविक राजनीतिक असर आने वाले समय में पार्टी की गतिविधियों और चुनावी रणनीति से स्पष्ट होगा।
यूपी से रेखा वर्मा भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
नितिन नबीन की ओर से जारी नई राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश को एक से अधिक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं। राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की सूची में प्रोफेसर तारिक मंसूर के साथ रेखा वर्मा को भी शामिल किया गया है।
इसके अलावा राष्ट्रीय महामंत्रियों और राष्ट्रीय मंत्रियों के पदों पर भी अलग-अलग राज्यों से अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। इससे संकेत मिलता है कि भाजपा ने नई टीम में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के साथ-साथ अलग-अलग सामाजिक और राजनीतिक समूहों को जगह देने की कोशिश की है।
चुनाव से पहले बढ़ सकती है भूमिका
उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को देखते हुए तारिक मंसूर की नई जिम्मेदारी महत्वपूर्ण हो सकती है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के तौर पर वह संगठन के कामकाज में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं और पार्टी के सामाजिक संपर्क अभियान में भी योगदान दे सकते हैं।
उनका अनुभव शिक्षा, चिकित्सा, विश्वविद्यालय प्रशासन और सार्वजनिक जीवन से जुड़ा रहा है। ऐसे में भाजपा को उम्मीद होगी कि उनकी पहचान और अनुभव पार्टी के संगठनात्मक विस्तार में उपयोगी साबित होंगे।
निष्कर्ष
प्रोफेसर तारिक मंसूर का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनना भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण बदलाव है। AMU के पूर्व कुलपति, सर्जन और मौजूदा MLC तारिक मंसूर अब भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में बड़ी जिम्मेदारी संभालेंगे। उनकी नियुक्ति से पार्टी को शिक्षित मुस्लिम वर्ग के बीच अपनी पहुंच मजबूत करने और उत्तर प्रदेश में सामाजिक समीकरण साधने में मदद मिलने की उम्मीद की जा रही है।


