नौकरी जाने के बाद नहीं मानी हार, YouTube से शुरू किया सफर और खड़ी कर दी अपनी सोशल मीडिया मार्केटिंग कंपनी
विदेश जाकर नई जिंदगी शुरू करना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। नया देश, अलग संस्कृति, नौकरी की अनिश्चितता और खुद की पहचान बनाने की चुनौती कई बार मुश्किलें बढ़ा देती है। मुंबई की ज्योति वाकचौरे की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। साल 2016 में पति की नौकरी के चलते वह स्वीडन के गोथेनबर्ग पहुंचीं। शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन अचानक नौकरी चले जाने के बाद उनके सामने करियर को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया।
ज्योति ने इस मुश्किल परिस्थिति के आगे हार मानने के बजाय अपनी राह खुद बनाने का फैसला किया। उन्होंने कंटेंट क्रिएशन से शुरुआत की और धीरे-धीरे सोशल मीडिया मार्केटिंग के क्षेत्र में कदम रखा। समय के साथ उनका यह साइड हसल एक बिजनेस में बदल गया। आज उनके बिजनेस से करीब ₹1 लाख प्रति महीने की कमाई होने की बात सामने आई है।
पति की नौकरी के चलते पहुंचीं स्वीडन
ज्योति 2016 में अपने पति के साथ स्वीडन के गोथेनबर्ग चली गई थीं। उनके पति को वहां नौकरी मिली थी और ज्योति डिपेंडेंट वीजा पर स्वीडन पहुंचीं।
विदेश में नई शुरुआत के दौरान उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी अलग पहचान बनाने की थी। नया देश और नया माहौल होने के कारण उन्हें अपने करियर को भी नए सिरे से शुरू करना पड़ा।
अचानक चली गई नौकरी
स्वीडन में रहने के दौरान ज्योति ने नौकरी शुरू की, लेकिन एक समय अचानक उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। उनके मुताबिक, यह घटना उनके लिए काफी चौंकाने वाली और परेशान करने वाली थी।
नौकरी जाने के बाद आर्थिक और पेशेवर स्थिरता को लेकर चिंता होना स्वाभाविक था। हालांकि, ज्योति ने इसे अपने सफर का अंत नहीं बनने दिया। उन्होंने अपनी परिस्थितियों को समझा और यह तय किया कि अब वह अपनी खुद की राह बनाने की कोशिश करेंगी।
YouTube से शुरू हुआ नया सफर
नौकरी के साथ ही ज्योति ने कंटेंट क्रिएशन की शुरुआत की। साल 2018 में उन्होंने अपना YouTube चैनल लॉन्च किया।
शुरुआत में यह उनके लिए एक साइड हसल था। लेकिन धीरे-धीरे उनके कंटेंट के जरिए लोगों से जुड़ाव बढ़ा। सोशल मीडिया ने उन्हें स्वीडन में नए लोगों से मिलने और अपना नेटवर्क तैयार करने का मौका दिया।
यही नेटवर्क आगे चलकर उनके बिजनेस के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हुआ। कंटेंट बनाते-बनाते उन्होंने सोशल मीडिया की ताकत और स्थानीय कारोबारों की जरूरतों को समझना शुरू किया।
महामारी के दौरान शुरू की अपनी कंपनी
साल 2020 में कोरोना महामारी के दौरान जब दुनियाभर में कारोबार प्रभावित हो रहे थे, उसी समय ज्योति ने अपनी सोशल मीडिया मार्केटिंग कंपनी शुरू करने का फैसला किया।
शुरुआत उन्होंने छोटे स्थानीय कारोबारों के साथ काम करके की। धीरे-धीरे उनके संपर्क बढ़े और स्वीडन में उन्हें स्थानीय ग्राहकों से भी काम मिलने लगा।
इस तरह YouTube और कंटेंट क्रिएशन से शुरू हुआ उनका सफर एक व्यवस्थित बिजनेस में बदलता चला गया।
आज करीब ₹1 लाख महीने की कमाई
ज्योति के कंटेंट क्रिएशन और सोशल मीडिया मार्केटिंग बिजनेस ने उन्हें आर्थिक रूप से भी आत्मनिर्भर बनाया। मौजूदा समय में उनके बिजनेस से औसतन करीब ₹1 लाख प्रति महीने की कमाई होने की बात सामने आई है।
इस कहानी की खास बात यह है कि उन्होंने अपना काम शुरू करने के लिए बड़े ऑफिस या भारी-भरकम निवेश का सहारा नहीं लिया। उन्होंने अपने मौजूदा कौशल, सोशल मीडिया और नेटवर्क का इस्तेमाल करके धीरे-धीरे बिजनेस को आगे बढ़ाया।
कम खर्च में चल रहा है बिजनेस
ज्योति ने अपने बिजनेस के ऑपरेशनल खर्च को भी सीमित रखा है। उनके मुताबिक, हर महीने करीब ₹15 हजार का खर्च मुख्य रूप से ऐप्स और वीडियो एडिटिंग जैसे सॉफ्टवेयर पर होता है।
वह ज्यादातर काम घर से करती हैं। ऐसे में ऑफिस का किराया और उससे जुड़े कई दूसरे खर्च बच जाते हैं। कम लागत में काम करने का यह मॉडल बिजनेस की कमाई को बेहतर तरीके से मैनेज करने में मदद करता है।
भारत में निवेश, अब स्वीडन में भी बढ़ा कदम
विदेश में रहने के बावजूद ज्योति का भारत से आर्थिक जुड़ाव बना हुआ है। उन्होंने बताया कि उनके ज्यादातर निवेश भारत में हैं और इनमें खासतौर पर प्रॉपर्टी निवेश शामिल है।
हालांकि, अब उन्होंने स्वीडन में भी निवेश करना शुरू कर दिया है। यानी उन्होंने अपनी वित्तीय योजना को केवल एक देश तक सीमित रखने के बजाय दोनों जगहों पर धीरे-धीरे विस्तार दिया है।
स्वीडन ने बदली सोच और जिंदगी
ज्योति के लिए स्वीडन सिर्फ करियर बनाने की जगह नहीं रहा। वहां लंबे समय तक रहने के दौरान उनके व्यक्तित्व और सोच में भी बदलाव आया।
उनके मुताबिक, स्वीडन में रहने के बाद वह खुद को पहले की तुलना में ज्यादा शांत, दयालु, समय की पाबंद और आत्मनिर्भर मानती हैं। लंबे समय तक वहां रहने के कारण वह स्थानीय जीवनशैली और संस्कृति के साथ भी काफी सहज हो गई हैं।
बेटी का जन्म बनी सबसे खूबसूरत याद
स्वीडन में बिताए समय की उनकी सबसे खास यादों में बेटी का जन्म भी शामिल है। उन्होंने इसे अपनी जिंदगी के बेहद खूबसूरत और यादगार पलों में से एक बताया।
इस व्यक्तिगत अनुभव ने स्वीडन को उनके लिए सिर्फ नौकरी और बिजनेस से जुड़ा देश नहीं रहने दिया, बल्कि उनके परिवार और निजी जिंदगी का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बना दिया।
नौकरी छूटने से मिली नई पहचान
ज्योति वाकचौरे की कहानी दिखाती है कि करियर में आने वाला अचानक झटका हमेशा अंत नहीं होता। कई बार वही मुश्किल किसी नई शुरुआत का कारण बन सकती है।
पति की नौकरी के चलते स्वीडन पहुंची ज्योति ने पहले नौकरी की, फिर अचानक नौकरी जाने के बाद कंटेंट क्रिएशन का रास्ता चुना। YouTube से शुरू हुआ यह सफर सोशल मीडिया मार्केटिंग बिजनेस तक पहुंचा और धीरे-धीरे उन्होंने अपनी अलग पहचान बना ली।
आज उनकी कहानी नौकरी खोने से लेकर अपना बिजनेस खड़ा करने, आत्मनिर्भर बनने और करीब ₹1 लाख महीने की कमाई तक पहुंचने की यात्रा है। यह बताती है कि सही दिशा में लगातार प्रयास और उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करके मुश्किल परिस्थितियों में भी नई शुरुआत की जा सकती है।


