Investment Mantra: भारतीय शेयर बाजार में एनर्जी सेक्टर लगातार निवेशकों के रडार पर बना हुआ है। बढ़ती ऊर्जा मांग, रिन्यूएबल एनर्जी पर सरकार का फोकस और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश में तेजी के बीच Axis Nifty Energy Index Fund निवेशकों को एनर्जी कंपनियों में एक साथ निवेश करने का मौका दे रहा है।
एक्सिस म्यूचुअल फंड का यह इंडेक्स फंड फिलहाल न्यू फंड ऑफर (NFO) के रूप में उपलब्ध है। इसका NFO 7 अगस्त को खुला है और 21 अगस्त को बंद होगा। इसमें निवेश की शुरुआत सिर्फ 100 रुपये से की जा सकती है। फंड का NFO NAV 10 रुपये रखा गया है। हालांकि, इसमें निवेश का जोखिम स्तर काफी ज्यादा है क्योंकि यह पूरी तरह इक्विटी आधारित फंड है।
निफ्टी एनर्जी इंडेक्स क्या है?
निफ्टी एनर्जी इंडेक्स भारत की प्रमुख ऊर्जा कंपनियों के प्रदर्शन को ट्रैक करता है। इसमें ऑयल एंड गैस, पावर जनरेशन, ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन, रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी इक्विपमेंट और ऊर्जा से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं।
इस इंडेक्स में अधिकतम 40 कंपनियों को शामिल किया जाता है। किसी एक कंपनी का वेटेज 10 फीसदी से ज्यादा नहीं रखा जाता है, जबकि किसी एक सेक्टर का वेटेज 25 फीसदी से अधिक नहीं होता है। इंडेक्स में मार्च और सितंबर में साल में दो बार बदलाव (रीकंस्ट्रक्शन) किया जाता है।
निफ्टी एनर्जी इंडेक्स की टॉप 10 होल्डिंग्स
निफ्टी एनर्जी इंडेक्स में शामिल प्रमुख कंपनियों में शामिल हैं:
- कोल इंडिया – करीब 10% वेटेज
- रिलायंस इंडस्ट्रीज – करीब 9.9%
- ONGC – करीब 9.5%
- NTPC – करीब 5.9%
- GAIL – करीब 4.9%
- पावर ग्रिड – करीब 4.6%
- सुजलॉन एनर्जी – करीब 4.2%
- CG Power – करीब 3.9%
- GE वर्नोवा – करीब 3.6%
- BHEL – करीब 3.6%
इन कंपनियों के जरिए निवेशकों को देश के पारंपरिक और नए ऊर्जा क्षेत्रों में एक्सपोजर मिलता है।
किन सेक्टरों में निवेश करता है निफ्टी एनर्जी इंडेक्स?
निफ्टी एनर्जी इंडेक्स का निवेश कई ऊर्जा क्षेत्रों में फैला हुआ है।
- हेवी इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट – 25.5%
- रिफाइनिंग – 15%
- ऑयल एक्सप्लोरेशन – 11.8%
- पावर जेनरेशन – 11.8%
- कोल सेक्टर – 10%
इसके अलावा इसमें गैस, ट्रांसमिशन और रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों की भी हिस्सेदारी है।
मार्केट कैप के हिसाब से निवेश
निफ्टी एनर्जी इंडेक्स में कंपनियों का वितरण इस प्रकार है:
- लार्जकैप कंपनियां – 72%
- मिडकैप कंपनियां – 23%
- स्मॉलकैप कंपनियां – 6%
इससे निवेशकों को बड़ी कंपनियों के साथ-साथ उभरती ऊर्जा कंपनियों में भी निवेश का अवसर मिलता है।
निफ्टी एनर्जी ने दिया निफ्टी से बेहतर रिटर्न
पिछले कुछ वर्षों में निफ्टी एनर्जी इंडेक्स का प्रदर्शन व्यापक बाजार इंडेक्स निफ्टी 50 से बेहतर रहा है।
- 1 साल में निफ्टी एनर्जी ने करीब 10.1% रिटर्न दिया, जबकि निफ्टी 50 का रिटर्न करीब 1.7% रहा।
- 3 साल में निफ्टी एनर्जी ने करीब 18.8% रिटर्न दिया, जबकि निफ्टी ने 12.9% रिटर्न दिया।
- 5 साल में निफ्टी एनर्जी का रिटर्न करीब 16.7% रहा, जबकि निफ्टी 50 ने करीब 12.4% रिटर्न दिया।
- लंबी अवधि में भी एनर्जी इंडेक्स ने बाजार को मात दी है।
हालांकि, पिछला प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं देता है।
Axis Nifty Energy Index Fund की खास बातें
Axis Nifty Energy Index Fund एक इक्विटी इंडेक्स फंड है, जिसका बेंचमार्क Nifty Energy TRI है।
फंड की मुख्य विशेषताएं:
- NFO अवधि: 7 अगस्त से 21 अगस्त तक
- न्यूनतम निवेश: 100 रुपये
- NFO NAV: 10 रुपये
- कैटेगरी: इक्विटी इंडेक्स फंड
- रिस्क स्तर: हाई
- फंड मैनेजर: नंदिक मलिक और रोहित गौतम
इस फंड में 15 दिन के भीतर रिडीम करने पर 0.25% एग्जिट लोड लगेगा, जबकि 15 दिन के बाद कोई एग्जिट लोड नहीं है।
भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों से मिल सकता है फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दशक में भारत की ऊर्जा जरूरतों में बड़ा इजाफा होने वाला है। देश में बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने, रिन्यूएबल एनर्जी विस्तार, ट्रांसमिशन नेटवर्क मजबूत करने और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर बड़ा निवेश होने की उम्मीद है।
अनुमान है कि अगले दशक में भारत में 580 GW से ज्यादा पावर जनरेशन क्षमता विकसित हो सकती है। इसमें सोलर और अन्य रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी अहम रहने वाली है।
इसके अलावा:
- पावर ग्रिड के आधुनिकीकरण
- एनर्जी स्टोरेज सिस्टम
- नेचुरल गैस इंफ्रास्ट्रक्चर
- इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट सेक्टर
में भी निवेश बढ़ने की संभावना है।
क्या निवेशकों को इसमें निवेश करना चाहिए?
Axis Nifty Energy Index Fund उन निवेशकों के लिए विकल्प हो सकता है जो लंबे समय के लिए एनर्जी सेक्टर में एक्सपोजर चाहते हैं। इंडेक्स फंड होने के कारण इसमें किसी एक कंपनी के चयन का जोखिम कम होता है और निवेश कई ऊर्जा कंपनियों में फैल जाता है।
हालांकि, एनर्जी सेक्टर में कमोडिटी कीमतों, सरकारी नीतियों और वैश्विक घटनाओं का असर पड़ता है। इसलिए निवेशकों को अपनी जोखिम क्षमता और निवेश लक्ष्य के आधार पर फैसला लेना चाहिए।
डिस्क्लेमर: newsjagran.in पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के निजी विचार हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए जिम्मेदार नहीं है। निवेश से पहले सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


