Shakeela: मलयालम फिल्मों की चर्चित एक्ट्रेस शकीला इन दिनों अपनी गर्दन की सर्जरी के बाद रिकवरी कर रही हैं। एक्ट्रेस ने अपने YouTube चैनल पर एक वीडियो शेयर कर अपनी तबीयत के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि उन्हें गर्दन में गंभीर परेशानी के बाद सर्जरी करवानी पड़ी, जिसका खर्च करीब ₹3 लाख आया। शकीला ने अपनी परेशानी के लिए लंबे समय तक गलत पॉजिशन में लेटकर मोबाइल चलाने और घंटों गेम खेलने को जिम्मेदार बताया। हालांकि, यह उनकी ओर से साझा किया गया व्यक्तिगत अनुभव है और किसी चिकित्सकीय निष्कर्ष के तौर पर इसे नहीं देखा जाना चाहिए।
शकीला ने अपने वीडियो में न सिर्फ अपनी तकलीफ के बारे में बताया, बल्कि माता-पिता को बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल को लेकर भी सावधान किया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में लोगों से यहां तक कह दिया कि बेवजह के वीडियो न देखें, “मेरे वीडियो भी नहीं।” उनका कहना था कि मोबाइल बेहद उपयोगी चीज है, लेकिन जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल परेशानी खड़ी कर सकता है।
गर्दन की सर्जरी के बाद अस्पताल से शेयर किया वीडियो
शकीला ने अपने YouTube व्लॉग में चेन्नई के मेडवे हॉस्पिटल से जुड़ा अपना अनुभव साझा किया। वीडियो में वह अस्पताल में नजर आईं और बाद में घर लौटने के बाद अपनी रिकवरी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनकी सर्जरी डॉक्टर बालमुरुगन ने की। ऑपरेशन के बाद उन्हें गर्दन पर कॉलर पहनने की सलाह दी गई थी और रोजमर्रा के कई कामों के लिए दूसरों की मदद लेनी पड़ रही थी।
एक्ट्रेस के मुताबिक, सर्जरी के बाद उनके लिए बिस्तर से उठना और खाना खाने जैसे सामान्य काम भी आसान नहीं थे। उन्होंने अपने फैंस को अपनी स्थिति दिखाते हुए बताया कि वह किस तरह धीरे-धीरे रिकवरी कर रही हैं।
शकीला ने यह भी बताया कि गर्दन की समस्या इतनी बढ़ गई थी कि उन्हें सर्जरी करवाने की जरूरत पड़ी। उनके अनुसार, इलाज में करीब ₹3 लाख खर्च हुए।
घंटों करवट लेकर मोबाइल चलाने की आदत
शकीला ने अपनी परेशानी का जिक्र करते हुए बताया कि उन्हें मोबाइल गेम खेलने और वीडियो देखने की आदत थी। वह लंबे समय तक एक ही करवट में लेटकर फोन चलाती रहती थीं। उनके मुताबिक, कई बार वह लगातार करीब चार घंटे तक गेम खेलती थीं।
उन्होंने बताया कि उनका पूरा रूटीन कुछ ऐसा हो गया था कि वह लंबे समय तक बिस्तर पर फोन में लगी रहती थीं। बीच में सिर्फ चाय या कॉफी पीने के लिए उठतीं और फिर वापस आकर मोबाइल चलाना शुरू कर देती थीं।
गेमिंग के बाद वह YouTube और Instagram पर भी काफी समय तक वीडियो और रील्स देखती रहती थीं। शकीला ने कहा कि गलत तरीके से बैठने और लेटने के साथ लंबे समय तक मोबाइल इस्तेमाल करने की उनकी आदत ने उनकी गर्दन की समस्या को बढ़ाने में भूमिका निभाई।
हालांकि, किसी व्यक्ति की गर्दन की समस्या के कई कारण हो सकते हैं और किसी खास बीमारी या सर्जरी का कारण केवल मोबाइल इस्तेमाल को मान लेना सही नहीं होगा। शकीला ने जो बात बताई है, वह उनका व्यक्तिगत अनुभव है।
‘फोन बहुत काम की चीज है, लेकिन…’
शकीला ने अपने वीडियो में मोबाइल फोन के इस्तेमाल को पूरी तरह गलत नहीं बताया। उन्होंने माना कि फोन आज के समय में बेहद काम की चीज है। पढ़ाई, काम, बातचीत और जरूरी जानकारी हासिल करने के लिए मोबाइल महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।
लेकिन उनका कहना था कि समस्या तब शुरू होती है जब जरूरत से ज्यादा समय फोन पर बीतने लगे। उन्होंने लोगों से मोबाइल का इस्तेमाल सीमित रखने की अपील की।
एक्ट्रेस ने अपने अनुभव को उदाहरण बनाते हुए कहा कि फोन पर घंटों गेम खेलने और वीडियो देखने की आदत से बचना चाहिए। उन्होंने खास तौर पर बच्चों के माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों को मोबाइल फोन देने से पहले यह जरूर सोचें कि बच्चे उसका इस्तेमाल किस तरह कर रहे हैं।
बच्चों के माता-पिता से शकीला की खास अपील
शकीला ने माता-पिता को सलाह दी कि बच्चों को बेवजह फोन देने से बचें। उनका कहना था कि बच्चों को मोबाइल का इस्तेमाल केवल जरूरी और उपयोगी चीजों के लिए करना चाहिए।
उन्होंने मजाकिया अंदाज में लोगों को सलाह दी कि वे फालतू वीडियो देखने में अपना समय बर्बाद न करें। यहां तक कि उन्होंने अपने वीडियो को लेकर भी कहा कि अगर वह काम का नहीं है तो उसे भी देखने की जरूरत नहीं है।
शकीला का यह अंदाज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन सकता है, क्योंकि उन्होंने अपने ही कंटेंट को लेकर लोगों को ऐसी सलाह दी। लेकिन इसके पीछे उनका मकसद मोबाइल के जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल को लेकर लोगों को जागरूक करना था।
गर्दन में टाइटेनियम स्क्रू लगाए गए
शकीला ने वीडियो में अपनी गर्दन की परेशानी के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गर्दन से जुड़ी समस्या और दर्द के चलते उन्हें सर्जरी करवानी पड़ी और उनकी गर्दन में टाइटेनियम स्क्रू लगाए गए।
सर्जरी के बाद उन्हें गर्दन को सपोर्ट देने के लिए कॉलर पहनना पड़ रहा था। उन्होंने बताया कि इस दौरान वह अपने रोजमर्रा के काम भी पूरी तरह से खुद नहीं कर पा रही थीं और कई कामों के लिए मदद की जरूरत पड़ रही थी।
एक्ट्रेस ने अपनी स्थिति को छिपाने के बजाय फैंस के साथ साझा किया और उन्हें यह समझाने की कोशिश की कि लंबे समय तक एक ही पॉजिशन में मोबाइल इस्तेमाल करना कितना असहज हो सकता है।
शकीला कौन हैं?
शकीला का जन्म चेन्नई में हुआ था। उनकी मां चांद बेगम आंध्र प्रदेश के नेल्लोर की रहने वाली थीं, जबकि उनके पिता चांदबाशा तमिलनाडु से थे। आर्थिक परिस्थितियों के कारण शकीला ने अपनी सेकेंडरी शिक्षा पूरी करने से पहले ही स्कूल छोड़ दिया था।
इसके बाद उन्होंने मॉडलिंग और फिल्मों की दुनिया में कदम रखा। साल 1995 में उन्होंने तमिल फिल्म ‘प्लेगर्ल्स’ से फिल्मी करियर की शुरुआत की। इस फिल्म में उनके साथ सिल्क स्मिता भी नजर आई थीं।
हालांकि, उनके करियर को सबसे बड़ी पहचान साल 2000 में आई मलयालम फिल्म ‘किन्नारा थुम्बिकल’ से मिली। इस फिल्म की लोकप्रियता के बाद शकीला का नाम मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में काफी चर्चित हो गया।
एक दौर में कई भाषाओं में डब हुईं शकीला की फिल्में
शकीला एक समय दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में काफी लोकप्रिय थीं। उनकी फिल्मों को अलग-अलग भारतीय भाषाओं में डब किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी फिल्मों की पहुंच नेपाली, चीनी और सिंहली भाषाओं तक भी रही।
उनके करियर का एक बड़ा हिस्सा वयस्क विषयों वाली फिल्मों से जुड़ा रहा, जिसके कारण उन्हें एक अलग तरह की लोकप्रियता मिली। बाद के वर्षों में उन्होंने फिल्मों के अलावा टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी काम किया और अपनी जिंदगी से जुड़े अनुभवों को लोगों के साथ साझा किया।
शकीला की जिंदगी और करियर पर एक बायोपिक भी बनाई गई थी, जिसमें उनके संघर्ष और फिल्म इंडस्ट्री में सफर को दिखाने की कोशिश की गई।
शकीला की कहानी से क्या सीख मिलती है?
मोबाइल फोन आज हमारी जिंदगी का जरूरी हिस्सा है। लेकिन लंबे समय तक स्क्रीन देखने, एक ही मुद्रा में बैठे या लेटे रहने और शारीरिक गतिविधि कम होने से शरीर पर परेशानी हो सकती है। खासकर गर्दन और पीठ से जुड़ी तकलीफों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
शकीला ने अपने अनुभव के जरिए लोगों को यही संदेश देने की कोशिश की है कि फोन का इस्तेमाल जरूरत के मुताबिक करें। लगातार गेमिंग, सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग या वीडियो देखने के बजाय बीच-बीच में ब्रेक लेना, शरीर की मुद्रा बदलना और पर्याप्त शारीरिक गतिविधि रखना जरूरी है।
बच्चों के मामले में माता-पिता की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। बच्चों को मोबाइल देने के बजाय उनके स्क्रीन टाइम पर नजर रखना और उन्हें पढ़ाई, खेलकूद तथा दूसरी गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
फिलहाल शकीला अपनी सर्जरी के बाद रिकवरी कर रही हैं। उन्होंने अपने वीडियो के जरिए फैंस को अपनी स्थिति की जानकारी दी और साथ ही अपने अनुभव को एक चेतावनी के रूप में पेश किया। उनका संदेश साफ था—मोबाइल का इस्तेमाल करें, लेकिन मोबाइल को अपनी जिंदगी पर हावी न होने दें।


