Thyrocare Tech Share Price: थायरोकेयर टेक्नोलोजिज के शेयरों में 13 अगस्त को भारी बिकवाली देखने को मिली। प्रमोटर Docon Technologies Private Limited द्वारा कंपनी के 1.57 करोड़ से ज्यादा शेयर बेचने की खबर के बाद शेयर करीब 6 फीसदी गिरकर बंद हुआ। हालांकि, लंबी अवधि में स्टॉक ने निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है।
Thyrocare Tech Share Price: शेयर में क्यों आई गिरावट?
थायरोकेयर टेक्नोलोजिज लिमिटेड के शेयर में 13 अगस्त को कारोबारी सत्र के दौरान तेज गिरावट देखने को मिली। BSE पर शेयर पिछले बंद भाव की तुलना में करीब 8 फीसदी टूटकर 594.30 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गया। हालांकि, बाद में इसमें कुछ रिकवरी हुई और शेयर करीब 6 फीसदी की गिरावट के साथ 606.45 रुपये पर बंद हुआ।
शेयर में आई इस बिकवाली की प्रमुख वजह प्रमोटर की ओर से बड़ी हिस्सेदारी बेचा जाना है। कंपनी ने शेयर बाजारों को दी जानकारी में बताया कि उसके प्रमोटर Docon Technologies Private Limited ने 1,57,69,696 इक्विटी शेयरों की बिक्री की है। ये शेयर कंपनी की करीब 9.90 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर हैं।
प्रमोटर द्वारा इतनी बड़ी हिस्सेदारी बेचने की खबर से बाजार में स्टॉक को लेकर दबाव बढ़ा। बड़ी हिस्सेदारी की बिक्री को आमतौर पर निवेशक करीब से देखते हैं, क्योंकि इससे कंपनी के शेयर में उपलब्ध सप्लाई बढ़ सकती है और बाजार में कुछ समय के लिए सेंटीमेंट कमजोर हो सकता है।
प्रमोटर की हिस्सेदारी कितनी रह गई?
शेयर बिक्री से पहले Docon Technologies Private Limited के पास थायरोकेयर टेक्नोलोजिज में 60.92 फीसदी हिस्सेदारी थी। बिक्री के बाद यह हिस्सेदारी घटकर 51.02 फीसदी रह गई है।
हालांकि, प्रमोटर की हिस्सेदारी में करीब 9.90 फीसदी की कमी आई है, लेकिन 51.02 फीसदी हिस्सेदारी के साथ Docon Technologies अभी भी कंपनी की प्रमोटर और होल्डिंग कंपनी बनी हुई है। इसका मतलब है कि कंपनी में प्रमोटर के पास अब भी बहुमत हिस्सेदारी मौजूद है।
यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बाजार में किसी प्रमोटर द्वारा बड़ी हिस्सेदारी की बिक्री को निवेशक कंपनी के स्वामित्व और भविष्य की रणनीति के नजरिए से देखते हैं। हालांकि, केवल हिस्सेदारी बिक्री के आधार पर किसी शेयर के भविष्य के प्रदर्शन का अनुमान लगाना उचित नहीं है।
दिग्गज डायग्नोस्टिक कंपनी है Thyrocare Tech
थायरोकेयर टेक्नोलोजिज भारत की प्रमुख डायग्नोस्टिक कंपनियों में शामिल है। कंपनी की देशभर में मौजूदगी है और इसका कारोबार विभिन्न तरह की डायग्नोस्टिक सेवाओं से जुड़ा है।
कंपनी मरीजों के अलावा हेल्थ-टेक और वेलनेस प्रोवाइडर्स, इंश्योरेंस कंपनियों, फार्मास्युटिकल कंपनियों, फ्रेंचाइजी, लैबोरेटरीज, अस्पतालों और सरकारी संस्थाओं को डायग्नोस्टिक सेवाएं उपलब्ध कराती है। कंपनी का फोकस अच्छी गुणवत्ता वाली और अपेक्षाकृत किफायती डायग्नोस्टिक सेवाएं उपलब्ध कराने पर है।
भारत में हेल्थकेयर और डायग्नोस्टिक्स की मांग बढ़ने के बीच इस सेक्टर की कंपनियों पर निवेशकों की नजर रहती है। हालांकि, किसी भी शेयर में निवेश से पहले कंपनी के वैल्यूएशन, वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की ग्रोथ संभावनाओं का अलग-अलग आकलन जरूरी है।
Thyrocare Tech Share Price: 6 महीने में 50% चढ़ा शेयर
13 अगस्त की गिरावट के बावजूद थायरोकेयर टेक के शेयर ने पिछले कुछ समय में मजबूत प्रदर्शन किया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, शेयर पिछले एक महीने में करीब 20 फीसदी मजबूत हुआ है।
वहीं, 6 महीने की अवधि में शेयर की कीमत करीब 50 फीसदी बढ़ी है। तीन साल की अवधि में स्टॉक ने करीब 220 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है। यानी लंबी अवधि में इस शेयर में निवेश करने वाले निवेशकों को काफी फायदा हुआ है।
कंपनी मई 2016 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका IPO करीब 479.21 करोड़ रुपये का था। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है और यह BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है।
हालांकि, हालिया तेजी के बाद प्रमोटर की हिस्सेदारी बिक्री ने शेयर में शॉर्ट टर्म दबाव बढ़ा दिया है। इसलिए निवेशकों के लिए आगे कंपनी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न और संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
ICICI Securities ने दी ‘Buy’ रेटिंग
थायरोकेयर टेक के शेयर को लेकर ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities का नजरिया सकारात्मक रहा है। ब्रोकरेज ने शेयर को ‘Buy’ रेटिंग दी है और इसके लिए 650 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस रखा है।
13 अगस्त को शेयर 606.45 रुपये पर बंद हुआ। इस स्तर से ब्रोकरेज के टारगेट तक सीमित तेजी की गुंजाइश बनती है। हालांकि, ब्रोकरेज टारगेट किसी शेयर के भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं होता। बाजार की परिस्थितियों, कंपनी के नतीजों और वैल्यूएशन में बदलाव के साथ लक्ष्य बदल भी सकता है।
Thyrocare Tech की वित्तीय सेहत कैसी है?
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो अप्रैल-जून 2026 तिमाही में थायरोकेयर टेक्नोलोजिज का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 34 फीसदी बढ़कर 51.33 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी के ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। जून तिमाही में यह सालाना आधार पर 24 फीसदी बढ़कर 240 करोड़ रुपये रहा। इसका मतलब है कि कंपनी ने रेवेन्यू और मुनाफे दोनों स्तरों पर मजबूत ग्रोथ दर्ज की।
कंपनी का EBITDA भी 34 फीसदी बढ़कर 77.27 करोड़ रुपये रहा। EBITDA में मजबूत वृद्धि यह संकेत देती है कि कंपनी के मुख्य कारोबार से होने वाली कमाई में भी सुधार हुआ है।
इस तरह कंपनी के जून तिमाही के आंकड़े ग्रोथ के लिहाज से सकारात्मक रहे हैं। दूसरी तरफ, प्रमोटर की बड़ी हिस्सेदारी बिक्री ने शेयर के शॉर्ट टर्म सेंटीमेंट पर दबाव बनाया है।
निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?
Thyrocare Tech के शेयर में आगे निवेशकों को तीन प्रमुख चीजों पर नजर रखनी चाहिए। पहली, प्रमोटर की हिस्सेदारी बिक्री के बाद कंपनी का नया शेयरहोल्डिंग पैटर्न कैसा रहता है। दूसरी, कंपनी की रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ आने वाली तिमाहियों में बनी रहती है या नहीं। तीसरी, शेयर का मौजूदा वैल्यूएशन और ब्रोकरेज के अनुमान के मुकाबले इसकी कीमत किस स्तर पर रहती है।
कंपनी के मजबूत वित्तीय नतीजे और पिछले कुछ वर्षों का शेयर प्रदर्शन सकारात्मक संकेत देते हैं, लेकिन प्रमोटर द्वारा करीब 9.90 फीसदी हिस्सेदारी बेचे जाने को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसलिए निवेशकों को केवल हालिया गिरावट या पुराने रिटर्न के आधार पर फैसला लेने के बजाय कंपनी की पूरी वित्तीय स्थिति और जोखिमों का आकलन करना चाहिए।
Disclaimer: newsjagran.in पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। निवेशकों को सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।


