Max Healthcare Q1 Results: मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट लिमिटेड ने 13 अगस्त को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस दौरान मुनाफे, रेवेन्यू और EBITDA में सालाना आधार पर बढ़ोतरी दर्ज की। हालांकि, EBITDA मार्जिन में मामूली गिरावट देखने को मिली। कंपनी ने अस्पताल विस्तार के लिए ₹425 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर को भी मंजूरी दी है।
जून तिमाही में मैक्स हेल्थकेयर का प्रॉफिट सालाना आधार पर 3 फीसदी बढ़कर ₹357 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने ₹345 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था। वहीं, ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू 15.2 फीसदी बढ़कर ₹2,835 करोड़ पहुंच गया, जो एक साल पहले ₹2,460 करोड़ था।
नतीजों के बाद कंपनी के शेयर में हल्की तेजी देखने को मिली। 13 अगस्त को मैक्स हेल्थकेयर का शेयर करीब 0.50 फीसदी की बढ़त के साथ ₹1,012 के आसपास बंद हुआ। हालांकि, साल 2026 में अब तक शेयर का प्रदर्शन कमजोर रहा है और इसमें करीब 3.52 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
ऑपरेशंस से रेवेन्यू 15.2% बढ़ा
मैक्स हेल्थकेयर के जून तिमाही के नतीजों में सबसे अहम बात कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू में मजबूत वृद्धि रही। जून तिमाही में ऑपरेशंस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 15.2 फीसदी बढ़कर ₹2,835 करोड़ हो गया।
पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹2,460 करोड़ था। इस तरह कंपनी ने एक साल के भीतर अपने ऑपरेशनल रेवेन्यू में करीब ₹375 करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की है।
रेवेन्यू में यह वृद्धि कंपनी के अस्पताल कारोबार में गतिविधियों और मरीजों से होने वाली आय में सुधार को दर्शाती है। हेल्थकेयर सेक्टर में रेवेन्यू ग्रोथ के साथ-साथ बेड ऑक्युपेंसी, प्रति बेड आय और मरीजों के इलाज से जुड़ी दूसरी परिचालन मेट्रिक्स भी काफी अहम होती हैं।
EBITDA 15% बढ़कर ₹704 करोड़ हुआ
जून तिमाही में कंपनी का EBITDA भी मजबूत रहा। मैक्स हेल्थकेयर का EBITDA सालाना आधार पर करीब 15 फीसदी बढ़कर ₹704 करोड़ हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में EBITDA ₹613 करोड़ था।
EBITDA में बढ़ोतरी यह बताती है कि कंपनी के मुख्य कारोबार से होने वाली कमाई में सुधार हुआ है। हालांकि, EBITDA की वृद्धि रेवेन्यू की तुलना में लगभग समान रही, जिसके कारण मार्जिन में बड़ा सुधार नहीं हुआ।
कंपनी का EBITDA मार्जिन जून तिमाही में 24.8 फीसदी रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह 24.9 फीसदी था। यानी सालाना आधार पर मार्जिन में करीब 0.1 प्रतिशत अंक की मामूली कमी आई।
EBITDA मार्जिन में मामूली गिरावट
मैक्स हेल्थकेयर के लिए जून तिमाही में रेवेन्यू और EBITDA में अच्छी वृद्धि के बावजूद मार्जिन में मामूली दबाव देखने को मिला। EBITDA मार्जिन 24.9 फीसदी से घटकर 24.8 फीसदी हो गया।
मार्जिन में यह मामूली बदलाव बताता है कि कंपनी की कमाई बढ़ी जरूर है, लेकिन इस दौरान लागत और ऑपरेशनल खर्चों का भी असर रहा। ऐसे में आने वाली तिमाहियों में कंपनी के लिए रेवेन्यू ग्रोथ के साथ मार्जिन को बनाए रखना भी महत्वपूर्ण रहेगा।
अस्पताल विस्तार के लिए ₹425 करोड़ का Capex
मैक्स हेल्थकेयर के बोर्ड ने ₹425 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कंपनी इस राशि का इस्तेमाल अतिरिक्त अस्पताल ब्लॉक तैयार करने के लिए करेगी।
हेल्थकेयर कंपनियों के लिए अस्पतालों की क्षमता बढ़ाना लंबे समय की ग्रोथ रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। नए बेड और अतिरिक्त अस्पताल ब्लॉक तैयार होने से कंपनी को भविष्य में मरीजों की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा, मैक्स हेल्थकेयर के बोर्ड ने मेडिकल कॉलेज और मेडिकल इंस्टीट्यूशंस शुरू करने के प्रस्ताव को भी इन-प्रिंसिपल अप्रूवल दिया है। हालांकि, यह शुरुआती मंजूरी है और इसके बाद प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।
ARPOB बढ़कर ₹81,900 प्रति दिन
जून तिमाही में कंपनी की एक अहम ऑपरेशनल मेट्रिक ARPOB यानी Average Revenue Per Occupied Bed भी बढ़ी। कंपनी का ARPOB जून तिमाही में ₹81,900 प्रति दिन रहा।
एक साल पहले की समान तिमाही में ARPOB ₹78,000 था। इस तरह सालाना आधार पर इसमें करीब 5 फीसदी की वृद्धि हुई।
ARPOB अस्पताल कारोबार में महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है, क्योंकि इससे यह पता चलता है कि प्रत्येक ऑक्युपाइड बेड से कंपनी औसतन कितना रेवेन्यू हासिल कर रही है। इसमें बढ़ोतरी कंपनी के इलाज के मिश्रण, मरीजों की प्रोफाइल और अस्पताल सेवाओं से जुड़ी आय में बदलाव को दर्शा सकती है।
Average Length of Stay 4.1 दिन
जून तिमाही में कंपनी का Average Length of Stay यानी ALOS 4.1 दिन रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह आंकड़ा 4 दिन था।
मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का ALOS 4.2 दिन रहा था। यानी मार्च तिमाही की तुलना में जून तिमाही में मरीजों के अस्पताल में रहने की औसत अवधि थोड़ी कम हुई है।
अस्पताल कारोबार में ALOS भी महत्वपूर्ण मेट्रिक है, क्योंकि इसका असर बेड टर्नओवर और अस्पताल की क्षमता के इस्तेमाल पर पड़ सकता है।
नेट डेट बढ़कर ₹2,384 करोड़
जून तिमाही के अंत में मैक्स हेल्थकेयर का नेट डेट ₹2,384 करोड़ रहा। मार्च 2026 के अंत में कंपनी का नेट डेट ₹1,908 करोड़ था। यानी तिमाही आधार पर कंपनी के नेट डेट में बढ़ोतरी हुई है।
कंपनी की ओर से अस्पताल विस्तार के लिए ₹425 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर को मंजूरी दिए जाने के बीच कर्ज की स्थिति भी निवेशकों के लिए देखने योग्य रहेगी। हालांकि, जून तिमाही में कंपनी ने ऑपरेशंस से मजबूत फ्री कैश फ्लो दर्ज किया है।
ऑपरेशंस से फ्री कैश फ्लो ₹397 करोड़
कंपनी ने जून तिमाही में ऑपरेशंस से ₹397 करोड़ का फ्री कैश फ्लो दर्ज किया। यह आंकड़ा कंपनी की कैश जनरेशन क्षमता के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
अस्पताल कारोबार में नए इंफ्रास्ट्रक्चर, बेड और मेडिकल सुविधाओं पर लगातार निवेश की जरूरत होती है। ऐसे में मजबूत कैश फ्लो कंपनी को अपने विस्तार और दूसरी कारोबारी जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकता है।
नतीजों के बाद शेयर में हल्की तेजी
जून तिमाही के नतीजे जारी होने के बाद मैक्स हेल्थकेयर के शेयर में हल्की तेजी देखने को मिली। 13 अगस्त को शेयर करीब 0.50 फीसदी चढ़कर ₹1,012 के आसपास बंद हुआ।
हालांकि, साल 2026 में अब तक शेयर का प्रदर्शन सकारात्मक नहीं रहा है। इस अवधि में शेयर करीब 3.52 फीसदी नीचे है।
कंपनी के तिमाही नतीजों में रेवेन्यू और EBITDA की मजबूत वृद्धि, ARPOB में बढ़ोतरी और अस्पताल विस्तार के लिए नए निवेश की योजना सकारात्मक पहलू हैं। दूसरी ओर, EBITDA मार्जिन में मामूली गिरावट और नेट डेट में तिमाही आधार पर बढ़ोतरी ऐसे बिंदु हैं, जिन पर निवेशकों की नजर बनी रह सकती है।
कुल मिलाकर, जून तिमाही में मैक्स हेल्थकेयर ने रेवेन्यू में 15.2 फीसदी और EBITDA में करीब 15 फीसदी की वृद्धि दर्ज की, जबकि प्रॉफिट 3 फीसदी बढ़ा। कंपनी की ओर से अतिरिक्त अस्पताल ब्लॉक के लिए ₹425 करोड़ का निवेश और मेडिकल कॉलेज/मेडिकल इंस्टीट्यूशन शुरू करने की शुरुआती मंजूरी आने वाले समय में कंपनी की विस्तार रणनीति के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।


