चावल के बचे पानी का पौधों में कैसे करें इस्तेमाल? जानिए किन पौधों के लिए हो सकता है फायदेमंद
चावल धोने या उबालने के बाद बचा हुआ पानी अक्सर हम बिना सोचे सिंक में बहा देते हैं। लेकिन अगर यह पानी सादा और बिना नमक-मसाले वाला है, तो इसे कभी-कभी घर के पौधों की देखभाल में इस्तेमाल किया जा सकता है। चावल के पानी में थोड़ी मात्रा में स्टार्च और कुछ पोषक तत्व होते हैं, जो मिट्टी में मौजूद सूक्ष्मजीवों के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
हालांकि, इसे किसी पूर्ण खाद या फर्टिलाइजर का विकल्प नहीं मानना चाहिए। पौधों को उनकी जरूरत के मुताबिक सामान्य पानी, अच्छी मिट्टी, पर्याप्त रोशनी और जरूरत पड़ने पर खाद देना जरूरी है। चावल के पानी का इस्तेमाल भी सीमित मात्रा में करना बेहतर रहता है।
चावल का पानी पौधों में डालने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

चावल का पानी इस्तेमाल करने का सबसे आसान तरीका है कि चावल धोने के बाद बचा हुआ पानी अलग रख लें। अगर चावल उबालने का पानी इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसमें नमक, तेल, घी, मक्खन या कोई मसाला नहीं होना चाहिए।
पौधों में डालने से पहले पानी को पूरी तरह ठंडा कर लें। अगर पानी बहुत गाढ़ा है तो उसमें थोड़ा सादा पानी मिलाया जा सकता है। इसे सीधे पत्तियों पर डालने के बजाय पौधे की जड़ों के आसपास मिट्टी में डालना बेहतर है।
अब जानते हैं कि किन सामान्य घरेलू पौधों में इसका इस्तेमाल कभी-कभी किया जा सकता है।
स्पाइडर प्लांट और पीस लिली
स्पाइडर प्लांट घर के अंदर आसानी से उगने वाला पौधा है। इसे हल्की नम मिट्टी पसंद होती है। कभी-कभी इसमें सादा और ठंडा चावल का पानी जड़ों के आसपास मिट्टी में डाला जा सकता है। हालांकि, हर बार पानी देते समय चावल का पानी इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है।
पीस लिली को भी अच्छी नमी और पर्याप्त रोशनी की जरूरत होती है। इसके लिए कभी-कभी सादा चावल का पानी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे पत्तियों पर डालने के बजाय मिट्टी में डालना बेहतर रहेगा। ध्यान रखें कि गमले में पानी जमा न हो, क्योंकि लगातार गीली मिट्टी जड़ों के लिए परेशानी पैदा कर सकती है।
टमाटर के पौधे और पोथोस
अगर आपके घर में टमाटर का पौधा लगा है तो उसकी अच्छी ग्रोथ के लिए केवल चावल का पानी पर्याप्त नहीं होगा। टमाटर को बढ़ने, फूल आने और फल विकसित करने के दौरान अलग-अलग पोषक तत्वों की जरूरत होती है। इसलिए चावल के पानी को सिर्फ एक अतिरिक्त घरेलू उपाय की तरह देखें और कम्पोस्ट या उपयुक्त फर्टिलाइजर की जरूरत को नजरअंदाज न करें।
पोथोस यानी मनी प्लांट की तरह ही आसानी से बढ़ने वाला इनडोर पौधा है। इसमें भी कभी-कभी सादा चावल का पानी दिया जा सकता है। लेकिन सबसे जरूरी बात है कि इसकी मिट्टी में लगातार पानी जमा न रहे। जरूरत से ज्यादा नमी जड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है।
मनी प्लांट और फर्न
मनी प्लांट को मिट्टी और पानी दोनों माध्यमों में उगाया जाता है। अगर आपका मनी प्लांट मिट्टी में लगा है, तो कभी-कभी ठंडा और सादा चावल का पानी जड़ों के पास डाला जा सकता है। इससे मिट्टी में मौजूद सूक्ष्मजीवों को कुछ मदद मिल सकती है। हालांकि, इसे रोजाना के सामान्य पानी की जगह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
फर्न को आमतौर पर हल्की नम मिट्टी पसंद होती है। इसलिए कभी-कभी इसमें भी सादा चावल का पानी इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन फर्न के लिए अच्छी ड्रेनेज बेहद जरूरी है। अगर गमले में पानी लंबे समय तक जमा रहता है तो जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है।
कितनी बार डालें चावल का पानी?
चावल का पानी इस्तेमाल करने की कोई एक तय मात्रा सभी पौधों के लिए सही नहीं होती। यह पौधे, गमले, मिट्टी, मौसम और नमी पर निर्भर करता है। सामान्य तौर पर इसे कभी-कभार, जैसे कुछ हफ्तों के अंतराल पर, इस्तेमाल करना बेहतर है।
अगर मिट्टी पहले से गीली है तो सिर्फ चावल का पानी डालने के लिए दोबारा पानी न डालें। पौधे की मिट्टी की नमी देखकर ही फैसला करें। गर्मी में भी पौधे की जरूरत के हिसाब से पानी दें और केवल चावल के पानी को अतिरिक्त खाद समझकर ज्यादा मात्रा में न डालें।
चावल का पानी इस्तेमाल करते समय ये गलतियां न करें
सबसे पहली गलती है नमक या मसाले वाला चावल का पानी पौधों में डालना। ऐसा पानी पौधों और मिट्टी के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसी तरह तेल या घी वाला पानी भी इस्तेमाल करने से बचें।
दूसरी गलती है चावल के पानी को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखकर इस्तेमाल करना। बचा हुआ पानी खराब या खट्टा हो जाए तो उसे पौधों में डालने के बजाय फेंक देना बेहतर है।
तीसरी गलती है इसे फर्टिलाइजर का पूरा विकल्प मान लेना। पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए सही मिट्टी, रोशनी, पानी और जरूरत के अनुसार पोषक तत्व जरूरी हैं।
घर की हरियाली के लिए आसान किचन जुगाड़
चावल का सादा बचा हुआ पानी घर के पौधों की देखभाल में कभी-कभी इस्तेमाल किया जा सकता है। यह किचन वेस्ट को दोबारा उपयोग करने का आसान तरीका है, लेकिन इसका इस्तेमाल सीमित मात्रा में और सही तरीके से करना जरूरी है।
अगर पानी में नमक, तेल या मसाले नहीं हैं, उसे ठंडा करके जड़ों के पास मिट्टी में डाला जाए और पौधे को जरूरत से ज्यादा पानी न दिया जाए, तो यह आपके गार्डनिंग रूटीन का एक छोटा हिस्सा बन सकता है। हालांकि, पौधों की जरूरत के मुताबिक सामान्य पानी और उचित खाद देना सबसे ज्यादा जरूरी है।


