Lenskart Solutions Share Price: लेंसकार्ट सॉल्यूशंस के शेयरों में गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को जोरदार तेजी देखने को मिली। कंपनी के जून 2026 तिमाही नतीजों में मुनाफे में कई गुना बढ़ोतरी और रेवेन्यू में मजबूत ग्रोथ के बाद निवेशकों की खरीदारी बढ़ी। कारोबार के दौरान BSE पर लेंसकार्ट का शेयर करीब 7 फीसदी उछलकर ₹627.35 के नए 52-सप्ताह के हाई पर पहुंच गया। खास बात यह है कि शेयर ने पहली बार ₹600 का स्तर पार किया है।
कंपनी ने एक दिन पहले यानी 12 अगस्त को अप्रैल-जून 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए थे। नतीजों में कंपनी के प्रदर्शन में मजबूत सुधार देखने को मिला। जून तिमाही में लेंसकार्ट का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 269.24 फीसदी बढ़कर ₹221.84 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹60.08 करोड़ था।
रेवेन्यू में भी 43 फीसदी से ज्यादा की ग्रोथ
लेंसकार्ट सॉल्यूशंस के लिए जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू ग्रोथ भी मजबूत रही। कंपनी का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 43.3 फीसदी बढ़कर ₹2,714.18 करोड़ हो गया। जून 2025 तिमाही में यह आंकड़ा ₹1,894.46 करोड़ था।
कंपनी के भारत और इंटरनेशनल दोनों कारोबार में बढ़ोतरी देखने को मिली। भारत से कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 30.7 फीसदी बढ़कर ₹1,531 करोड़ रहा। वहीं अंतरराष्ट्रीय कारोबार से रेवेन्यू करीब 38 फीसदी बढ़कर ₹1,203 करोड़ पहुंच गया।
इससे संकेत मिलता है कि कंपनी सिर्फ घरेलू बाजार में ही नहीं, बल्कि अपने इंटरनेशनल बिजनेस में भी विस्तार कर रही है। लेंसकार्ट के लिए स्टोर नेटवर्क का विस्तार, नए ग्राहकों को जोड़ना और प्रोडक्ट मिक्स में सुधार आने वाले समय में ग्रोथ के अहम ड्राइवर हो सकते हैं।
तीन महीने में खोले 132 नए स्टोर
लेंसकार्ट लगातार अपने रिटेल नेटवर्क को बढ़ाने पर भी फोकस कर रही है। जून 2026 तिमाही के दौरान कंपनी ने 132 नए स्टोर खोले। इसके बाद कंपनी के एक्टिव स्टोर्स की कुल संख्या बढ़कर 3,459 हो गई है।
स्टोर नेटवर्क में लगातार विस्तार कंपनी को नए शहरों और नए ग्राहकों तक पहुंच बनाने में मदद कर सकता है। ब्रोकरेज कंपनियों के मुताबिक, स्टोर की संख्या में बढ़ोतरी के साथ कस्टमर एक्विजिशन में भी कंपनी को फायदा मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, स्टोर बढ़ाने के साथ कंपनी के खर्च में भी वृद्धि हुई है। जून 2026 तिमाही में लेंसकार्ट का कुल खर्च ₹2,483.52 करोड़ रहा, जबकि एक साल पहले की समान तिमाही में यह ₹1,836.58 करोड़ था। इसलिए निवेशकों की नजर सिर्फ रेवेन्यू और मुनाफे पर ही नहीं, बल्कि आने वाली तिमाहियों में लागत और मार्जिन के प्रदर्शन पर भी रहेगी।
Lenskart Share पर क्या है ब्रोकरेज की राय?
लेंसकार्ट के शेयर को कवर करने वाले 21 एनालिस्ट्स में से 17 ने Buy, 3 ने Hold और 1 ने Sell की रेटिंग दी है। इससे संकेत मिलता है कि ज्यादातर एनालिस्ट कंपनी के लॉन्ग टर्म ग्रोथ आउटलुक को लेकर सकारात्मक हैं।
Jefferies ने बढ़ाया टारगेट
जेफरीज ने लेंसकार्ट के शेयर पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹680 प्रति शेयर कर दिया है।
जेफरीज के अनुसार, कंपनी के लिए इस समय मांग की तुलना में सप्लाई प्रमुख बाधा बनी हुई है। इसका मतलब है कि कंपनी के प्रोडक्ट्स और सेवाओं की मांग मजबूत बनी हुई है, जबकि आगे की ग्रोथ के लिए स्टोर नेटवर्क और ऑपरेशनल क्षमता का विस्तार महत्वपूर्ण हो सकता है।
13 अगस्त के हाई ₹627.35 के मुकाबले ₹680 का टारगेट करीब 8 फीसदी की संभावित अतिरिक्त तेजी का संकेत देता है। हालांकि, टारगेट प्राइस अनुमान होते हैं और शेयर बाजार में वास्तविक प्रदर्शन अलग हो सकता है।
Citi का टारगेट ₹650
सिटी ने लेंसकार्ट पर Neutral रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹650 प्रति शेयर का टारगेट दिया है।
ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के मार्जिन को कई कारकों से फायदा मिल रहा है। इनमें हायर एवरेज सेलिंग प्राइस, बेहतर प्रोडक्ट मिक्स, इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग और ऑपरेटिंग लेवरेज शामिल हैं।
सिटी को उम्मीद है कि कंपनी की ग्रोथ की रफ्तार आगे भी मजबूत बनी रह सकती है। स्टोर नेटवर्क में लगातार वृद्धि और नए ग्राहकों को जोड़ने की क्षमता कंपनी के लिए अहम सकारात्मक कारक माने जा रहे हैं।
HSBC ने दिया ₹575 का टारगेट
HSBC ने लेंसकार्ट के शेयर पर Hold रेटिंग कायम रखी है और इसका टारगेट प्राइस ₹575 प्रति शेयर रखा है। यह मौजूदा बाजार भाव के मुकाबले सतर्क रुख को दर्शाता है।
हालांकि, HSBC ने वित्त वर्ष 2027 और वित्त वर्ष 2028 के लिए कंपनी के EBITDA अनुमानों में क्रमशः 6 फीसदी और 5 फीसदी की बढ़ोतरी की है। इससे पता चलता है कि ब्रोकरेज को कंपनी की ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में सुधार की उम्मीद है, भले ही शेयर के मौजूदा वैल्यूएशन को लेकर उसका रुख ज्यादा आक्रामक नहीं है।
चीन में हिस्सेदारी बढ़ाएगी कंपनी
लेंसकार्ट ने तिमाही नतीजों के साथ कारोबार विस्तार से जुड़े कई अहम फैसलों की भी जानकारी दी है। कंपनी के बोर्ड ने चीन में फ्रेम बनाने वाले अपने ज्वाइंट वेंचर Baofeng Framecart Technology Limited में हिस्सेदारी बढ़ाने को मंजूरी दी है।
कंपनी इस ज्वाइंट वेंचर में अपनी हिस्सेदारी 51 फीसदी से बढ़ाकर 70 फीसदी करेगी। अतिरिक्त हिस्सेदारी का अधिग्रहण करीब 75 लाख चीनी युआन, यानी लगभग ₹10.6 करोड़, में किया जाएगा।
इसके अलावा कंपनी दक्षिण कोरिया में Ownedays Korea और चीन में Wenzhou Framecart Trading Company Limited नाम से सब्सिडियरी कंपनियां शुरू करने की तैयारी में है। इंटरनेशनल मार्केट में विस्तार की यह रणनीति कंपनी के लिए आगे की ग्रोथ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है।
दो सब्सिडियरी कंपनियों का होगा विलय
लेंसकार्ट के बोर्ड ने अपनी 100 फीसदी मालिकाना हक वाली दो सब्सिडियरी कंपनियों के विलय की योजना को भी मंजूरी दी है। इनमें Dealskart Online Services Private Limited और Lenskart Eyetech Private Limited शामिल हैं।
दोनों कंपनियों का लेंसकार्ट सॉल्यूशंस लिमिटेड में विलय किया जाएगा। ऐसे कदमों से कंपनी के कॉरपोरेट स्ट्रक्चर को सरल बनाने और ऑपरेशंस को एकीकृत करने में मदद मिल सकती है।
MSCI India Index में Lenskart की एंट्री
लेंसकार्ट के शेयर के लिए एक और बड़ा पॉजिटिव डेवलपमेंट MSCI India Index में इसकी एंट्री है। MSCI के बदलावों के अनुसार लेंसकार्ट सॉल्यूशंस के अलावा Laurus Labs, Adani Energy Solutions और Groww की पेरेंट कंपनी Billionbrains Garage Ventures को इंडेक्स में शामिल किया गया है।
वहीं Astral, Balkrishna Industries और SBI Cards and Payment Services को इंडेक्स से बाहर किया गया है।
MSCI के मुताबिक ये बदलाव 31 अगस्त 2026 को ट्रेडिंग बंद होने के बाद लागू होंगे और 1 सितंबर 2026 से प्रभावी होंगे।
Nuvama Alternative & Quantitative Research के अनुमान के अनुसार, MSCI India Index में शामिल होने के बाद लेंसकार्ट सॉल्यूशंस में करीब 35.2 करोड़ डॉलर का निवेश आ सकता है। इंडेक्स में शामिल होने से पैसिव फंड्स और इंडेक्स को ट्रैक करने वाले निवेशकों की ओर से शेयर में खरीदारी बढ़ने की संभावना रहती है।
IPO के बाद करीब 50 फीसदी चढ़ चुका है शेयर
लेंसकार्ट सॉल्यूशंस ने 10 नवंबर 2025 को शेयर बाजार में एंट्री की थी। कंपनी का IPO करीब ₹7,278.02 करोड़ का था और इसका IPO प्राइस ₹402 प्रति शेयर था।
13 अगस्त 2026 को शेयर के ₹627.35 के हाई तक पहुंचने के बाद यह अपने IPO प्राइस से करीब 56 फीसदी ऊपर पहुंच चुका है। वहीं साल 2026 में अब तक शेयर में करीब 37 फीसदी की तेजी बताई गई है।
शेयर में हालिया तेजी के पीछे मजबूत तिमाही नतीजे, मुनाफे में जबरदस्त बढ़ोतरी, स्टोर नेटवर्क का विस्तार, इंटरनेशनल बिजनेस और MSCI India Index में शामिल होने जैसे कई कारण हैं।
निवेशकों को किन बातों पर रखनी चाहिए नजर?
लेंसकार्ट के तिमाही नतीजे मजबूत रहे हैं, लेकिन शेयर में तेजी के बाद वैल्यूएशन भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है। आने वाले समय में कंपनी की स्टोर एक्सपेंशन रणनीति, नए ग्राहकों की संख्या, इंटरनेशनल बिजनेस, EBITDA मार्जिन और खर्चों की गति पर नजर रहेगी।
इसके अलावा MSCI India Index में शामिल होने के बाद संभावित फंड फ्लो भी शेयर के लिए महत्वपूर्ण ट्रिगर हो सकता है। हालांकि, किसी भी शेयर में लगातार तेजी का मतलब यह नहीं है कि भविष्य में भी रिटर्न निश्चित है। कंपनी के मजबूत कारोबारी प्रदर्शन के साथ-साथ शेयर की मौजूदा कीमत और वैल्यूएशन को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
निष्कर्ष
लेंसकार्ट सॉल्यूशंस ने जून 2026 तिमाही में मुनाफे और रेवेन्यू दोनों के मोर्चे पर मजबूत प्रदर्शन किया है। नेट प्रॉफिट में 269.24 फीसदी की वृद्धि, रेवेन्यू में 43.3 फीसदी की बढ़ोतरी और 132 नए स्टोर खुलने से कंपनी की ग्रोथ की तस्वीर मजबूत नजर आती है।
इसी के चलते 13 अगस्त को शेयर पहली बार ₹600 के पार गया और ₹627.35 का नया 52-सप्ताह का हाई बनाया। ब्रोकरेज के बीच भी कंपनी को लेकर सकारात्मकता दिखाई दे रही है, हालांकि टारगेट प्राइस और रेटिंग में अंतर मौजूद है। ऐसे में निवेशकों को सिर्फ शेयर की तेजी देखकर फैसला लेने के बजाय कंपनी के वैल्यूएशन, भविष्य की ग्रोथ और अपने जोखिम प्रोफाइल को ध्यान में रखकर निवेश संबंधी निर्णय लेना चाहिए।
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