NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    mumbai-local-train-update-vande-metro-ac-local-238-trains-2030
    Mumbai Local Train Update: मुंबई में दौड़ेंगी 238 वंदे मेट्रो AC लोकल ट्रेनें, 2030 तक पूरी होगी फ्लीट
    13 अगस्त 2026
    bihar-police-asi-operation-result-2026
    Bihar Police ASI Operation Result 2026: 462 पदों के लिए प्री परीक्षा का रिजल्ट जारी, ऐसे चेक करें मेरिट लिस्ट
    13 अगस्त 2026
    sheikh-rasheed-hafiz-saeed-statement-pakistan-former-home-minister
    ‘मैं हाफिज सईद का गुलाम हूं…’: पाकिस्तान का ये पूर्व गृह मंत्री कौन, जो अपने आतंकी आका के पढ़ रहा कसीदे
    13 अगस्त 2026
    tata-sंस-new-chairman-selection-process-challenges
    Tata Group ने टाटा संस के नए चेयरमैन की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की, सामने होंगी ये बड़ी चुनौतियां
    13 अगस्त 2026
    excel-wale-dulhe-vikas-lohtiya-53-rishte-arranged-marriage-story
    53 रिश्ते आए और चले गए, लेकिन एक लड़की पर अटक गया दिल… जानिए ‘Excel वाले दूल्हे’ की कहानी
    13 अगस्त 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    gold-silver-price-13-august-2026-gold-rises-silver-falls
    Gold Silver Price: 2 महीने के हाई पर पहुंचने के बाद सोना हुआ और भी महंगा, चांदी फिसली
    13 अगस्त 2026
    gold-silver-price-13-august-2026-gold-rises-silver-falls
    Gold Price Today: दो दिनों में ₹10,100 चढ़ी चांदी, सोना भी महंगा, चेक करें 10 शहरों में 24 से 18 कैरट के लेटेस्ट भाव
    12 अगस्त 2026
    oil-prices-surge-hormuz-strait-red-sea-attacks-india-impact
    Crude Oil Price: ट्रंप की कड़ी मांगों से डील की उम्मीदों को झटका, कच्चे तेल में 5% उछाल; ब्रेंट $90 के करीब
    11 अगस्त 2026
    gold-silver-price-13-august-2026-gold-rises-silver-falls
    Gold Silver Price: सोने की कीमतों में गिरावट, चांदी में तेजी; इस हफ्ते बुलियन की कीमतों पर इन फैक्टर्स का रहेगा असर
    10 अगस्त 2026
    oil-prices-surge-hormuz-strait-red-sea-attacks-india-impact
    Crude Oil Import: भारत का तेल आयात 18% गिरा, फिर भी जून तिमाही में 26% बढ़ा बिल; जानिए पूरी वजह
    8 अगस्त 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    morepen-labs-share-price-10-percent-jump-52-week-high-q1-results
    Morepen Labs Share Price: 52 हफ्ते के हाई से सिर्फ 4% दूर, शेयर में 10% की जोरदार तेजी, जानिए वजह
    13 अगस्त 2026
    Defence Stocks, Defence Stocks India, Defence Stocks 2026, HAL Share Price, HAL Stock, BEL Share Price, BEL Stock, Astra Microwave Share Price, BEML Share Price, Dynamatic Technologies Share Price
    Defence Stocks: 2026-27 की दूसरी छमाही में डिफेंस ऑर्डर पकड़ेंगे जोर, इन कंपनियों को होगा फायदा
    13 अगस्त 2026
    astral-share-price-9-percent-rise-brokerage-upgrade-june-quarter-results
    Astral के शेयर चढ़े 5 साल में सबसे तेज, दो अपग्रेड पर आई 9% की जोरदार तेजी
    13 अगस्त 2026
    muthoot-fincorp-ipo-3000-crore-fresh-issue-drhp-sebi
    Muthoot FinCorp IPO: ₹3000 करोड़ के इश्यू का ड्राफ्ट जमा, रहेंगे केवल नए शेयर
    13 अगस्त 2026
    amagi-media-labs-share-price-stock-double-money-7-months
    Amagi Media Labs Share Price: रॉकेट बना अमागी मीडिया लैब्स का शेयर, 7 महीने में पैसा हुआ दोगुना
    13 अगस्त 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: Bihar Liquor Ban: बिहार में शराबबंदी के बाद महिलाओं के खिलाफ अपराध घटे या बढ़े? NCAER रिपोर्ट ने फिर खड़ा किया बड़ा सवाल
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

Bihar Liquor Ban: बिहार में शराबबंदी के बाद महिलाओं के खिलाफ अपराध घटे या बढ़े? NCAER रिपोर्ट ने फिर खड़ा किया बड़ा सवाल

Namam Sharma
Last updated: 2026/08/13 at 11:57 पूर्वाह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
13 Min Read
bihar-liquor-ban-ncaer-report-women-crime-alcohol-ban
SHARE

Bihar Liquor Ban: बिहार में शराबबंदी को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) की एक नई रिसर्च रिपोर्ट में राज्य में अप्रैल 2016 से लागू शराबबंदी की आर्थिक और सामाजिक प्रभावों की समीक्षा की गई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि शराबबंदी अपने प्रमुख उद्देश्यों, खासकर महिलाओं के खिलाफ हिंसा और अपराध को कम करने में अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाई। रिपोर्ट में शराबबंदी की मौजूदा नीति की समीक्षा करने और शराब पर एक्साइज ड्यूटी को पुराने स्तर पर बहाल करने का सुझाव दिया गया है।

Contents
2016 में लागू हुई थी बिहार में शराबबंदीमहिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर रिपोर्ट में क्या कहा गया?अवैध शराब और दूसरे नशीले पदार्थों को लेकर चिंताशराबबंदी से राज्य के राजस्व पर पड़ा असरक्या शराबबंदी तुरंत हटाने की सिफारिश की गई है?शराबबंदी की सबसे बड़ी चुनौती: अवैध बाजारमहिलाओं की सुरक्षा पर क्या है असली सवाल?बिहार सरकार के सामने क्या विकल्प हैं?NCAER रिपोर्ट के बाद फिर तेज हुई बहस

NCAER की यह स्टडी ऐसे समय सामने आई है, जब बिहार में शराबबंदी लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बनी हुई है। शराबबंदी लागू करने के पीछे सरकार का प्रमुख तर्क था कि इससे शराब की खपत कम होगी, घरेलू हिंसा पर रोक लगेगी और परिवारों की आय का इस्तेमाल शिक्षा, स्वास्थ्य तथा दूसरी जरूरी जरूरतों पर होगा। हालांकि, नई रिपोर्ट में उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर इन दावों के नतीजों पर सवाल उठाए गए हैं।

2016 में लागू हुई थी बिहार में शराबबंदी

बिहार में अप्रैल 2016 में शराबबंदी लागू की गई थी। इसका उद्देश्य शराब की बिक्री और सेवन पर रोक लगाकर सामाजिक समस्याओं को कम करना था। विशेष रूप से महिलाओं और महिला संगठनों की ओर से शराबबंदी को समर्थन मिला था। उनका तर्क था कि शराब की वजह से होने वाली घरेलू हिंसा, आर्थिक परेशानी और पारिवारिक विवादों में कमी आएगी।

शराबबंदी के बाद राज्य सरकार ने शराब की बिक्री, तस्करी और सेवन को रोकने के लिए सख्त कानून और प्रवर्तन व्यवस्था लागू की। इसके बावजूद समय के साथ अवैध शराब की बिक्री और तस्करी को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

NCAER के पेपर में इसी लंबे समय के अनुभव और उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर यह आकलन करने की कोशिश की गई है कि शराबबंदी अपने सामाजिक और आर्थिक उद्देश्यों को किस हद तक हासिल कर पाई।

महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर रिपोर्ट में क्या कहा गया?

NCAER की रिपोर्ट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़ा है। शराबबंदी लागू करने के पीछे एक प्रमुख उम्मीद यह थी कि शराब का सेवन कम होने से महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा और अन्य अपराधों में कमी आएगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, उपलब्ध आंकड़ों से ऐसा स्पष्ट प्रमाण नहीं मिलता कि शराबबंदी के बाद महिलाओं के खिलाफ अपराधों में बड़े पैमाने पर कमी आई है। इसके विपरीत, 2016 के बाद महिलाओं के खिलाफ दर्ज कुल अपराधों में बढ़ोतरी देखी गई।

इस निष्कर्ष का अर्थ यह नहीं है कि शराबबंदी अकेले महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ने की वजह है। अपराध के आंकड़ों पर सामाजिक जागरूकता, शिकायत दर्ज कराने की प्रवृत्ति, पुलिस व्यवस्था, कानूनों के इस्तेमाल और रिपोर्टिंग में बदलाव जैसे कई कारकों का असर पड़ सकता है। इसलिए रिपोर्ट में सामने आए आंकड़ों को शराबबंदी और अपराध के बीच सीधा कारण-परिणाम संबंध मानने से पहले व्यापक संदर्भ में देखना जरूरी है।

फिर भी NCAER के शोधकर्ताओं का तर्क है कि अब पर्याप्त डेटा उपलब्ध है, जिसके आधार पर यह जांच की जा सकती है कि शराबबंदी से महिलाओं की सुरक्षा के उद्देश्य में अपेक्षित परिणाम हासिल हुए या नहीं।

अवैध शराब और दूसरे नशीले पदार्थों को लेकर चिंता

रिपोर्ट में शराबबंदी के बाद अवैध शराब के नेटवर्क के विस्तार की ओर भी ध्यान दिलाया गया है। जब कानूनी तरीके से शराब उपलब्ध नहीं होती, तो मांग पूरी करने के लिए गैर-कानूनी बाजार विकसित होने की संभावना रहती है। बिहार में भी अवैध शराब की बिक्री और तस्करी लंबे समय से चिंता का विषय रही है।

NCAER के पेपर में दावा किया गया है कि शराबबंदी के साथ अवैध शराब के कारोबार, कानून लागू करने में आने वाली मुश्किलों और भ्रष्टाचार से जुड़ी चिंताएं बढ़ी हैं। रिपोर्ट में शराब के अलावा गैर-कानूनी ड्रग्स और दूसरे नशीले पदार्थों के इस्तेमाल में बढ़ोतरी की ओर भी इशारा किया गया है।

इसका एक बड़ा सामाजिक असर यह हो सकता है कि शराब की मांग खत्म होने के बजाय उसका बाजार अवैध चैनलों की ओर चला जाए। ऐसे बाजार में उत्पाद की गुणवत्ता, कीमत और सुरक्षा पर सरकारी निगरानी नहीं होती। इससे उपभोक्ताओं और समाज के सामने अलग तरह के जोखिम पैदा हो सकते हैं।

शराबबंदी से राज्य के राजस्व पर पड़ा असर

शराबबंदी का असर केवल सामाजिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट में बिहार के सरकारी राजस्व पर भी इसके प्रभाव का उल्लेख किया गया है।

शराबबंदी लागू होने से पहले शराब पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी राज्य की अपनी आय का महत्वपूर्ण हिस्सा थी। NCAER के अनुसार, प्रतिबंध से ठीक पहले के तीन वर्षों में शराब से मिलने वाली एक्साइज ड्यूटी का योगदान राज्य की अपनी कमाई में करीब 14 प्रतिशत था।

शराब की बिक्री बंद होने के बाद इस राजस्व स्रोत को नुकसान हुआ। दूसरी ओर, शराबबंदी को प्रभावी बनाने के लिए सरकार को निगरानी, कानून लागू करने और शराब की तस्करी रोकने के अभियानों पर खर्च करना पड़ा। यानी एक तरफ शराब से मिलने वाला राजस्व खत्म हुआ, वहीं दूसरी तरफ प्रतिबंध लागू करने की प्रशासनिक लागत बढ़ी।

NCAER के शोधकर्ताओं का मानना है कि अगर शराब पर एक्साइज ड्यूटी को शराबबंदी से पहले के स्तर के आसपास बहाल किया जाता है, तो राज्य की अपनी कमाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि इससे राज्य के राजस्व में करीब 14-15 प्रतिशत तक सुधार की गुंजाइश बन सकती है।

क्या शराबबंदी तुरंत हटाने की सिफारिश की गई है?

रिपोर्ट में बिहार के विकास के लिए शराबबंदी की मौजूदा नीति की समीक्षा करने और इसे हटाने का सुझाव दिया गया है। शोधकर्ताओं का तर्क है कि शराबबंदी से राज्य को राजस्व का नुकसान हुआ, जबकि महिलाओं के खिलाफ अपराध कम करने का प्रमुख सामाजिक लक्ष्य भी स्पष्ट रूप से हासिल होता नहीं दिखता।

हालांकि, शराबबंदी हटाना सिर्फ आर्थिक फैसला नहीं होगा। बिहार में यह एक बड़ा सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा भी है। शराब की उपलब्धता बढ़ने से खपत, स्वास्थ्य, घरेलू हिंसा और सड़क दुर्घटनाओं जैसी दूसरी चिंताओं पर भी चर्चा जरूरी होगी।

इसलिए शराबबंदी पर किसी भी नीति परिवर्तन के लिए सिर्फ राजस्व के आंकड़ों को आधार बनाना पर्याप्त नहीं होगा। सरकार को सामाजिक प्रभाव, सार्वजनिक स्वास्थ्य, महिलाओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और अवैध शराब के कारोबार पर भी विस्तृत अध्ययन करना होगा।

शराबबंदी की सबसे बड़ी चुनौती: अवैध बाजार

बिहार में शराबबंदी के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक अवैध बाजार है। प्रतिबंध के बावजूद शराब की मांग बनी रहने पर तस्करी और गैर-कानूनी बिक्री के रास्ते खुल सकते हैं। इससे पुलिस और प्रशासन के लिए कानून लागू करना मुश्किल हो जाता है।

NCAER की रिपोर्ट इसी समस्या को शराबबंदी की प्रभावशीलता से जोड़ती है। यदि प्रतिबंध को लागू करने में लगातार बड़ी मात्रा में संसाधन खर्च करने पड़ें और फिर भी अवैध शराब उपलब्ध होती रहे, तो नीति की लागत और लाभ का दोबारा मूल्यांकन करना जरूरी हो सकता है।

इसके अलावा अवैध बाजार में भ्रष्टाचार और संगठित तस्करी की संभावना भी बढ़ सकती है। ऐसे में शराबबंदी के सामाजिक लाभों के साथ-साथ इसके अनपेक्षित परिणामों का मूल्यांकन भी जरूरी है।

महिलाओं की सुरक्षा पर क्या है असली सवाल?

शराबबंदी के समर्थन में सबसे मजबूत तर्कों में से एक महिलाओं की सुरक्षा रहा है। शराब की वजह से घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवादों को रोकने की उम्मीद की गई थी। लेकिन NCAER के अनुसार उपलब्ध अपराध आंकड़ों में शराबबंदी के बाद महिलाओं के खिलाफ अपराध में अपेक्षित गिरावट दिखाई नहीं देती।

इससे नीति निर्माताओं के सामने एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा होता है—क्या महिलाओं के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए शराबबंदी अकेले पर्याप्त उपाय है?

महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रभावी पुलिसिंग, शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई, घरेलू हिंसा से सुरक्षा, कानूनी सहायता, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता जैसे उपाय भी महत्वपूर्ण हैं। इसलिए शराबबंदी के प्रभाव को इन सभी पहलुओं के साथ जोड़कर देखना जरूरी होगा।

बिहार सरकार के सामने क्या विकल्प हैं?

NCAER की रिपोर्ट ने शराबबंदी को लेकर एक नई नीति बहस को जन्म दिया है। यदि सरकार शराबबंदी जारी रखती है, तो उसे अवैध शराब की तस्करी, भ्रष्टाचार और कानून लागू करने की लागत को कम करने पर अधिक ध्यान देना होगा। साथ ही महिलाओं के खिलाफ अपराध को रोकने के लिए शराबबंदी से अलग प्रभावी सामाजिक और कानूनी उपायों को मजबूत करना होगा।

दूसरी तरफ यदि सरकार शराबबंदी में बदलाव पर विचार करती है, तो शराब की बिक्री को नियंत्रित करने के लिए कड़े नियम, उम्र सीमा, लाइसेंसिंग, सार्वजनिक स्थानों पर सेवन के नियम और नशे से होने वाली सामाजिक समस्याओं से निपटने की व्यवस्था मजबूत करनी होगी।

यानी बहस केवल इस बात पर नहीं होनी चाहिए कि शराबबंदी रहे या हटे। असली सवाल यह है कि बिहार में ऐसा कौन सा मॉडल अपनाया जाए, जिससे सरकारी राजस्व, सार्वजनिक स्वास्थ्य, महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के बीच बेहतर संतुलन बनाया जा सके।

NCAER रिपोर्ट के बाद फिर तेज हुई बहस

NCAER की ‘Macro Perspective of Bihar’s Development Achievements, Unfinished Agenda, and the Way Forward’ रिपोर्ट ने बिहार की शराबबंदी नीति पर एक बार फिर गंभीर बहस शुरू कर दी है। रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि शराबबंदी के घोषित सामाजिक उद्देश्यों को हासिल करने के पर्याप्त प्रमाण नहीं मिलते और इसके साथ राजस्व नुकसान तथा प्रवर्तन की लागत जैसी आर्थिक चुनौतियां भी जुड़ी हैं।

हालांकि, शराबबंदी को हटाने का फैसला कई स्तरों पर प्रभाव डाल सकता है। इसलिए इस रिपोर्ट को बिहार की शराब नीति पर अंतिम फैसला नहीं, बल्कि नीति की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण इनपुट के तौर पर देखा जाना चाहिए।

आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बिहार सरकार NCAER के सुझावों पर क्या रुख अपनाती है और क्या राज्य में शराबबंदी की मौजूदा व्यवस्था में कोई बदलाव किया जाता है। फिलहाल इतना साफ है कि NCAER की स्टडी ने बिहार में करीब एक दशक पुरानी शराबबंदी नीति के सामाजिक और आर्थिक असर पर बहस को फिर से केंद्र में ला दिया है।

You Might Also Like

Mumbai Local Train Update: मुंबई में दौड़ेंगी 238 वंदे मेट्रो AC लोकल ट्रेनें, 2030 तक पूरी होगी फ्लीट

Bihar Police ASI Operation Result 2026: 462 पदों के लिए प्री परीक्षा का रिजल्ट जारी, ऐसे चेक करें मेरिट लिस्ट

‘मैं हाफिज सईद का गुलाम हूं…’: पाकिस्तान का ये पूर्व गृह मंत्री कौन, जो अपने आतंकी आका के पढ़ रहा कसीदे

Tata Group ने टाटा संस के नए चेयरमैन की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की, सामने होंगी ये बड़ी चुनौतियां

53 रिश्ते आए और चले गए, लेकिन एक लड़की पर अटक गया दिल… जानिए ‘Excel वाले दूल्हे’ की कहानी

TAGGED: Bihar Alcohol Ban, Bihar Liquor Ban, Bihar Liquor Ban News, NCAER Bihar Report, NCAER Report, बिहार में शराबबंदी, बिहार शराबबंदी, बिहार शराबबंदी NCAER रिपोर्ट
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article View this post on Instagram A post shared by Ajay Devgn (@ajaydevgn) anup-soni-crime-patrol-new-season-ajay-devgn-host-reaction Anup Soni: ‘क्राइम पेट्रोल’ के नए सीजन को होस्ट करेंगे अजय देवगन, अनूप सोनी ने कही बड़ी बात
Next Article uber-ola-advance-tip-ban-cab-booking-advance-tip-government-guidelines Uber Ola Advance Tip Ban: कैब बुकिंग के समय नहीं मांग सकेंगे ‘एडवांस टिप’, सरकार ने दिए सख्त निर्देश

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

ipo-gmp-today-mainboard-sme
IPO GMP Today: इन IPOs के ग्रे मार्केट प्रीमियम में जोरदार तेजी, Credent Connect और Dhoot Transmission सबसे आगे
शेयर बाज़ार फाइनेंस
gold-price-today
Gold Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
silver-price-today
Silver Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
live-petrol-diesel-price
Petrol Diesel Price Today: आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
cng-price-today
CNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
lpg-price-today
LPG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
crude-oil-price-today
Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
कमोडिटी फाइनेंस
png-price-today
PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
government-spending-as-percent-of-gdp-kiribati-marshall-islands-ukraine
USD/INR Live Chart: डॉलर बनाम रुपया, आज का एक्सचेंज रेट, लाइव चार्ट और पूरा विश्लेषण
फाइनेंस
bitcoin-price-today-live-chart-hindi
Bitcoin Price Today: लाइव बिटकॉइन प्राइस, चार्ट, मार्केट कैप और निवेश से पहले जानें जरूरी बातें
फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?