Airtel Share Price Target: भारती एयरटेल ने ₹299 समेत चार प्रीपेड प्लान बंद कर दिए हैं। इसके बाद कंपनी का सबसे सस्ता डेली डेटा प्लान ₹349 हो गया है। ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि इस बदलाव से कंपनी के ARPU और कमाई को फायदा मिल सकता है।
नई दिल्ली। टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल के ग्राहकों के लिए रिचार्ज महंगे हो गए हैं, लेकिन शेयर बाजार के निवेशकों के लिए यह खबर सकारात्मक मानी जा रही है। गुरुवार, 13 अगस्त को शुरुआती कारोबार में Bharti Airtel का शेयर करीब 0.06 फीसदी की मामूली गिरावट के साथ ₹1,940 के आसपास कारोबार कर रहा था। हालांकि, कंपनी की ओर से प्रीपेड प्लान में किए गए बदलाव के बाद ब्रोकरेज फर्मों ने शेयर पर अपना भरोसा कायम रखा है।
एयरटेल ने देशभर में अपने चार प्रीपेड प्लान बंद कर दिए हैं। इनमें ₹299, ₹579, ₹619 और ₹649 वाले प्लान शामिल हैं। इस बदलाव का सबसे बड़ा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो कम कीमत में रोजाना डेटा वाला प्लान इस्तेमाल करते थे।
₹299 का प्लान हुआ बंद, ₹349 से शुरू होगा डेली डेटा
एयरटेल का ₹299 वाला स्मार्टफोन प्लान 28 दिनों की वैलिडिटी के साथ रोजाना 1.5GB डेटा देता था। अब कंपनी ने इस प्लान को बंद कर दिया है। इसके बाद इसी तरह के डेली डेटा बेनिफिट के लिए ग्राहकों को ₹349 वाला प्लान लेना होगा।
यानी ग्राहकों के लिए एंट्री-लेवल डेली डेटा प्लान की कीमत सीधे ₹50 बढ़ गई है। प्रतिशत के लिहाज से देखें तो यह करीब 16.7 फीसदी की बढ़ोतरी है।
कंपनी के लिए हालांकि यह बदलाव कमाई के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है। अगर पुराने ₹299 वाले प्लान के ग्राहक बड़ी संख्या में ₹349 वाले प्लान पर जाते हैं, तो प्रति ग्राहक कंपनी की औसत कमाई बढ़ सकती है।
एयरटेल के ARPU को मिलेगा फायदा
टेलीकॉम कंपनियों के लिए ARPU यानी Average Revenue Per User एक महत्वपूर्ण आंकड़ा है। यह बताता है कि कंपनी एक ग्राहक से औसतन कितनी कमाई कर रही है। एयरटेल लंबे समय से अपने ARPU को बढ़ाने पर जोर देती रही है।
ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि नए प्लान बदलाव से एयरटेल के वायरलेस कारोबार की प्रति ग्राहक कमाई को फायदा हो सकता है। खासकर ऐसे समय में जब टेलीकॉम कंपनियां अपने ग्राहकों को प्रीमियम प्लान की ओर ले जाने की कोशिश कर रही हैं।
इस रणनीति से कंपनी की कुल मोबाइल आय बढ़ सकती है, जबकि ग्राहकों की संख्या में किसी बड़े बदलाव के बिना भी प्रति ग्राहक कमाई में सुधार किया जा सकता है।
Citi ने ₹2,230 का टार्गेट दिया
ब्रोकरेज फर्म Citi ने भारती एयरटेल पर अपनी Buy रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ₹2,230 का प्राइस टार्गेट दिया है।
Citi के मुताबिक, टैरिफ और प्लान में समय-समय पर बदलाव टेलीकॉम इंडस्ट्री में सामान्य प्रक्रिया है। हालांकि, मौजूदा बदलाव एयरटेल के ARPU के लिए सकारात्मक हो सकता है।
ब्रोकरेज का अनुमान है कि ₹299 वाले प्लान के ग्राहकों के मिक्स को देखते हुए इस बदलाव से एयरटेल के ARPU में प्रति माह करीब ₹4 की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके साथ कंपनी की प्रति शेयर कमाई यानी EPS पर करीब 2 फीसदी का सकारात्मक असर पड़ने का अनुमान है।
Citi का मानना है कि यह कदम एयरटेल की उस रणनीति से भी मेल खाता है, जिसके तहत कंपनी प्रीमियम सेवाओं के जरिए ग्राहकों से ज्यादा कमाई बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।
JM Financial ने ₹2,400 का टार्गेट दिया
Citi के अलावा JM Financial भी एयरटेल के शेयर को लेकर सकारात्मक है। ब्रोकरेज ने शेयर पर Buy रेटिंग बनाए रखते हुए ₹2,400 का प्राइस टार्गेट दिया है।
अगर शेयर ₹1,940 के आसपास के मौजूदा स्तर से ₹2,400 तक पहुंचता है, तो इसमें करीब 24 फीसदी से ज्यादा की संभावित तेजी बनती है।
JM Financial का अनुमान है कि प्लान में बदलाव से एयरटेल के वायरलेस ARPU में लगभग 2 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, भारत में कंपनी के EBITDA में करीब 1 फीसदी का सुधार आने का अनुमान है।
यह अनुमान इस बात पर निर्भर करेगा कि कितने ग्राहक पुराने ₹299 वाले प्लान से नए ₹349 वाले प्लान पर शिफ्ट होते हैं और कंपनी के कुल ग्राहक आधार पर इसका वास्तविक असर कितना पड़ता है।
CLSA को मोबाइल रेवेन्यू में 2-3% बढ़ोतरी की उम्मीद
ब्रोकरेज फर्म CLSA भी एयरटेल के इस कदम को कंपनी के लिए सकारात्मक मान रही है। CLSA के अनुमान के मुताबिक, प्लान में किए गए बदलाव से भारती एयरटेल के भारत में मोबाइल रेवेन्यू में करीब 2-3 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है।
यह अनुमान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि टेलीकॉम कंपनियों के लिए मोबाइल कारोबार में रेवेन्यू बढ़ाना और साथ ही ग्राहक आधार को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती रहती है।
अगर ग्राहक महंगे प्लान को स्वीकार करते हैं और कंपनी का ग्राहक आधार स्थिर रहता है, तो इसका सीधा असर रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट पर देखने को मिल सकता है।
निवेशकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह खबर?
एयरटेल के शेयर में तेजी की उम्मीद केवल रिचार्ज प्लान महंगे होने की वजह से नहीं है। बाजार कंपनी के ARPU, मोबाइल रेवेन्यू, EBITDA और भविष्य की कमाई में संभावित सुधार को महत्व देता है।
टेलीकॉम सेक्टर में जब कोई कंपनी अपने प्लान की कीमत बढ़ाती है, तो शुरुआत में इसका असर ग्राहकों पर दिखाई देता है। लेकिन अगर ग्राहक महंगे प्लान के बावजूद कंपनी के साथ बने रहते हैं, तो कंपनी की प्रति ग्राहक कमाई बढ़ जाती है।
एयरटेल के मामले में ब्रोकरेज का मौजूदा अनुमान यही संकेत देता है कि प्लान में बदलाव कंपनी के लिए कमाई बढ़ाने वाला कदम साबित हो सकता है।
₹2,400 तक जा सकता है Airtel Share?
ब्रोकरेज अनुमानों को देखें तो एयरटेल के शेयर के लिए ₹2,230 से ₹2,400 तक के टार्गेट सामने आए हैं। इसमें JM Financial का ₹2,400 का लक्ष्य मौजूदा स्तर से करीब 24 फीसदी से अधिक संभावित बढ़त का संकेत देता है।
हालांकि, किसी भी शेयर का टार्गेट निश्चित भविष्यवाणी नहीं होता। शेयर की कीमत पर टेलीकॉम टैरिफ, ग्राहक वृद्धि, प्रतिस्पर्धा, कंपनी के तिमाही नतीजे, बाजार की स्थिति और व्यापक आर्थिक परिस्थितियों का असर पड़ सकता है।
इसलिए केवल ब्रोकरेज के टार्गेट के आधार पर निवेश का फैसला करना उचित नहीं होगा।
Airtel Share पर क्या है निवेशकों का नजरिया?
कुल मिलाकर एयरटेल के प्रीपेड प्लान में बदलाव को ब्रोकरेज फर्म कंपनी के ARPU और रेवेन्यू ग्रोथ के लिए सकारात्मक मान रही हैं। Citi ने ₹2,230 और JM Financial ने ₹2,400 का टार्गेट दिया है, जबकि CLSA को भारत के मोबाइल रेवेन्यू में 2-3 फीसदी की बढ़ोतरी की उम्मीद है।
इसलिए एयरटेल के शेयर पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए आने वाले तिमाही नतीजे खास तौर पर महत्वपूर्ण होंगे। इनमें यह देखना अहम होगा कि प्लान की कीमतों में बदलाव का वास्तविक असर ARPU और मोबाइल रेवेन्यू पर कितना पड़ा।
डिस्क्लेमर: इस लेख में शेयर बाजार से जुड़ी जानकारी और ब्रोकरेज अनुमानों की चर्चा की गई है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम क्षमता और कंपनी के फंडामेंटल का मूल्यांकन करें तथा जरूरत होने पर किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से सलाह लें।


