किचन में बर्तनों वाला ड्रॉअर रोजाना इस्तेमाल होता है। बार-बार खुलने और बंद होने की वजह से इसमें धूल, खाने के छोटे टुकड़े, मसाले और चिकनाई जमा हो सकती है। ऐसे में हर दिन ड्रॉअर को खाली करके साफ करना मुश्किल होता है। लेकिन एक आसान ट्रिक की मदद से इसकी सफाई को काफी हद तक आसान बनाया जा सकता है।
इसके लिए ड्रॉअर के निचले हिस्से में एल्युमीनियम फॉइल बिछाई जा सकती है। इससे धूल और खाने के छोटे कण सीधे ड्रॉअर की सतह पर जमा होने के बजाय फॉइल पर इकट्ठा हो सकते हैं। फॉइल गंदी होने पर उसे निकालकर नई फॉइल बिछाना आसान होता है।
एल्युमीनियम फॉइल बिछाने का सही तरीका
स्टेप 1: ड्रॉअर खाली करें
सबसे पहले ड्रॉअर में रखे सभी बर्तन, डिब्बे और दूसरी चीजें बाहर निकाल लें। इसके बाद ड्रॉअर के अंदर जमी धूल, खाने के टुकड़े, मसाले और चिकनाई को अच्छी तरह साफ करें।
पहले सूखे कपड़े से गंदगी हटाएं और जरूरत के अनुसार हल्के गीले कपड़े से सतह को पोंछें। इसके बाद सूखे कपड़े से ड्रॉअर को पूरी तरह सुखा लें। फॉइल बिछाने से पहले ड्रॉअर का सूखा होना जरूरी है, ताकि उसके नीचे नमी फंस न जाए।
स्टेप 2: ड्रॉअर के हिसाब से फॉइल काटें
अब ड्रॉअर के निचले हिस्से की लंबाई और चौड़ाई के अनुसार एल्युमीनियम फॉइल काट लें। फॉइल इतनी बड़ी न हो कि वह ड्रॉअर के किनारों से बाहर निकलने लगे।
अगर ड्रॉअर का आकार बड़ा है तो जरूरत के अनुसार फॉइल के दो हिस्सों का इस्तेमाल किया जा सकता है। कोशिश करें कि फॉइल सतह को ज्यादा से ज्यादा कवर करे।
स्टेप 3: फॉइल बिछाएं
कटी हुई फॉइल को ड्रॉअर के नीचे अच्छी तरह बिछा दें। अगर कहीं ज्यादा सिलवट है तो उसे हाथ से धीरे-धीरे सीधा कर लें।
इसके बाद साफ बर्तन और बाकी सामान वापस ड्रॉअर में रख दें। इससे धूल, मसालों के कण और खाने की छोटी गंदगी सीधे ड्रॉअर की सतह पर जमा होने के बजाय फॉइल पर इकट्ठा हो सकती है।
स्टेप 4: फॉइल समय-समय पर बदलें
जब फॉइल पर ज्यादा धूल, चिकनाई या गंदगी जमा हो जाए, तो उसे निकालकर नई फॉइल बिछा दें। नई फॉइल लगाने से पहले ड्रॉअर को एक बार साफ और पूरी तरह सुखा लेना बेहतर है।
इस तरह आपको हर बार ड्रॉअर की पूरी सतह को लंबे समय तक रगड़कर साफ करने की जरूरत कम पड़ सकती है।
एल्युमीनियम फॉइल बिछाने के फायदे
किचन के ड्रॉअर में फॉइल बिछाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि रोजाना की सफाई आसान हो सकती है। धूल, खाने के छोटे टुकड़े और मसालों के कण फॉइल पर जमा हो सकते हैं, जिन्हें बाद में फॉइल हटाकर आसानी से बाहर किया जा सकता है।
इसके अलावा, फॉइल ड्रॉअर की सतह को रोज की गंदगी और कुछ दागों से बचाने में मदद कर सकती है। गंदगी बढ़ने पर पूरी सतह को बार-बार साफ करने के बजाय फॉइल बदली जा सकती है।
हालांकि, फॉइल रेगुलर सफाई का विकल्प नहीं है। ड्रॉअर को समय-समय पर खाली करके अच्छी तरह साफ करना जरूरी है, खासकर अगर उसमें खाने के कण या चिकनाई जमा हो रही हो।
फॉइल इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान
- फॉइल बिछाने से पहले ड्रॉअर को अच्छी तरह साफ और सूखा लें।
- फॉइल के नीचे नमी जमा न होने दें।
- फॉइल ज्यादा गंदी, गीली, चिकनी या फट जाए तो उसे बदल दें।
- नई फॉइल लगाने से पहले ड्रॉअर की सतह साफ कर लें।
- फॉइल काटते समय उसके किनारों को सावधानी से संभालें, क्योंकि कटे हुए किनारे तेज हो सकते हैं।
- जरूरत हो तो फॉइल के किनारों को अंदर की तरफ मोड़ दें, ताकि हाथ में खरोंच लगने का खतरा कम हो।
- ड्रॉअर में जरूरत से ज्यादा बर्तन न भरें, ताकि वह आसानी से खुल और बंद हो सके।
- खाने के कण या नमी जमा होने पर सिर्फ फॉइल बदलने के बजाय ड्रॉअर की सतह भी साफ करें।
ध्यान रखें
यह एक आसान घरेलू सफाई ट्रिक है, लेकिन हर तरह के ड्रॉअर के लिए एल्युमीनियम फॉइल जरूरी नहीं कि सबसे अच्छा विकल्प हो। अगर ड्रॉअर के निर्माता ने किसी खास लाइनर या सामग्री के इस्तेमाल की सलाह दी है, तो उसी निर्देश को प्राथमिकता दें।
सही तरीके से इस्तेमाल करने पर एल्युमीनियम फॉइल ड्रॉअर में रोजाना जमा होने वाली धूल और छोटे कणों को संभालना आसान बना सकती है। बस इसे नियमित सफाई का विकल्प न मानें और समय-समय पर ड्रॉअर की अच्छी तरह सफाई जरूर करें।


