Gaja Capital IPO: गजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट का बहुप्रतीक्षित आईपीओ 19 अगस्त 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने जा रहा है। कंपनी ने अपने ₹550 करोड़ के पब्लिक इश्यू के लिए ₹152 से ₹160 प्रति इक्विटी शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। निवेशकों के लिए आईपीओ में आवेदन करने का आखिरी दिन 21 अगस्त रहेगा। वहीं, एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया 18 अगस्त को शुरू होगी।
कंपनी के आईपीओ में ₹450 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि ₹100 करोड़ के शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए मौजूदा शेयरधारक बेचेंगे। इस तरह इश्यू का कुल आकार ₹550 करोड़ होगा। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 26 अगस्त को संभावित है।
Gaja Capital IPO की अहम तारीखें
Gaja Capital IPO को लेकर निवेशकों के लिए कई महत्वपूर्ण तारीखें हैं। एंकर निवेशक 18 अगस्त को बोली लगा सकेंगे। इसके बाद आम निवेशकों के लिए आईपीओ 19 अगस्त को खुलेगा और 21 अगस्त को बंद हो जाएगा। शेयर अलॉटमेंट 24 अगस्त को फाइनल होने की उम्मीद है।
| इवेंट | तारीख |
|---|---|
| एंकर निवेशकों के लिए बोली | 18 अगस्त 2026 |
| IPO खुलने की तारीख | 19 अगस्त 2026 |
| IPO बंद होने की तारीख | 21 अगस्त 2026 |
| शेयर अलॉटमेंट | 24 अगस्त 2026 |
| संभावित लिस्टिंग | 26 अगस्त 2026 |
| प्राइस बैंड | ₹152-₹160 |
| लॉट साइज | 93 शेयर |
| इश्यू साइज | ₹550 करोड़ |
₹160 के अपर प्राइस पर एक लॉट के लिए कितने पैसे चाहिए?
Gaja Capital IPO का लॉट साइज 93 शेयर तय किया गया है। अगर कोई निवेशक अपर प्राइस बैंड यानी ₹160 प्रति शेयर पर एक लॉट के लिए आवेदन करता है, तो उसे करीब ₹14,880 लगाने होंगे।
वहीं, ₹152 के लोअर प्राइस बैंड पर एक लॉट की कीमत करीब ₹14,136 होगी। हालांकि, आईपीओ में वास्तविक आवेदन राशि प्राइस बैंड के अंतिम निर्धारित मूल्य के आधार पर तय होगी।
IPO में नए शेयर और OFS का क्या है गणित?
कंपनी के ₹550 करोड़ के इश्यू में दो हिस्से हैं। करीब ₹450 करोड़ नए शेयर जारी करके जुटाए जाएंगे, जबकि ₹100 करोड़ के शेयर मौजूदा शेयरधारकों की ओर से OFS के तहत पेश किए जाएंगे।
OFS से मिलने वाली रकम कंपनी के पास नहीं जाएगी, बल्कि शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को प्राप्त होगी। इसके उलट फ्रेश इश्यू से जुटाई गई राशि कंपनी के कारोबार और निर्धारित उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल की जाएगी।
कंपनी की योजना नए शेयर जारी करके मिलने वाली रकम में से लगभग ₹372 करोड़ का इस्तेमाल कुछ मौजूदा और नए फंड्स के लिए स्पॉन्सर कमिटमेंट्स और ब्रिज लोन की अदायगी में करने की है। बची हुई रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
Gaja Capital IPO में किस निवेशक के लिए कितना हिस्सा?
आईपीओ में अलग-अलग कैटेगरी के निवेशकों के लिए शेयरों का एक निश्चित हिस्सा आरक्षित रखा गया है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIBs के लिए है।
QIB निवेशकों के लिए 50% हिस्सा, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) के लिए 15% हिस्सा और रिटेल निवेशकों के लिए 35% हिस्सा आरक्षित रहेगा।
इससे पता चलता है कि कंपनी के इश्यू में संस्थागत निवेशकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहने वाली है। एंकर निवेशकों को आईपीओ खुलने से एक दिन पहले 18 अगस्त को बोली लगाने का मौका मिलेगा।
Gaja Capital करती क्या है?
Gaja Alternative Asset Management कमर्शियल तौर पर Gaja Capital के नाम से काम करती है। कंपनी भारत पर केंद्रित फंड्स के लिए इन्वेस्टमेंट मैनेजर की भूमिका निभाती है। इनमें कैटेगरी I और कैटेगरी II Alternative Investment Funds यानी AIFs शामिल हैं।
इसके अलावा कंपनी भारत में कारोबार करने वाली कंपनियों को पूंजी उपलब्ध कराने वाले ऑफशोर फंड्स के लिए एडवाइजरी सेवाएं भी प्रदान करती है। इस वजह से इसका कारोबार सामान्य कंपनियों की तुलना में एसेट मैनेजमेंट, इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट और प्राइवेट कैपिटल इकोसिस्टम से जुड़ा हुआ है।
कंपनी का बिजनेस मॉडल मुख्य रूप से फंड मैनेजमेंट और उससे जुड़ी सेवाओं पर आधारित है। ऐसे में इसके वित्तीय प्रदर्शन को समझने के लिए सिर्फ रेवेन्यू और मुनाफे के बजाय फंड मैनेजमेंट से जुड़े कारोबार की ग्रोथ को भी देखना महत्वपूर्ण होगा।
कंपनी में प्रमोटर्स की कितनी हिस्सेदारी?
आईपीओ से पहले कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 71.03% बताई गई है। वहीं, बाकी 28.97% हिस्सेदारी पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास है।
पब्लिक शेयरधारकों में HDFC Life Insurance, SBI Life Insurance और Wealthwave Capital जैसे नाम शामिल हैं। आईपीओ के जरिए कंपनी के शेयर सार्वजनिक बाजार में सूचीबद्ध होंगे, जिससे निवेशकों को कंपनी के शेयरों में खरीद-बिक्री का अवसर मिलेगा।
लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयरों में बाजार की मांग, कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, निवेशकों की धारणा और व्यापक बाजार की स्थिति के आधार पर उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
Gaja Alternative Asset Management की वित्तीय स्थिति
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो वित्त वर्ष 2025-26 में इसका मुनाफा 33.8% बढ़कर ₹79.6 करोड़ बताया गया है। ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू भी बढ़ा है। यह वित्त वर्ष 2025 के करीब ₹122 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में ₹135.5 करोड़ हो गया, यानी इसमें करीब 11% की वृद्धि दर्ज हुई।
मुनाफे और ऑपरेशनल रेवेन्यू में वृद्धि कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में सुधार की ओर इशारा करती है। हालांकि, आईपीओ में निवेश का फैसला लेने से पहले निवेशकों को कंपनी के पिछले वर्षों के वित्तीय आंकड़े, मार्जिन, कैश फ्लो, कर्ज, एसेट्स अंडर मैनेजमेंट और भविष्य की ग्रोथ संभावनाओं का भी अध्ययन करना चाहिए।
नोट: उपलब्ध जानकारी में वित्त वर्ष 2025 के मुनाफे के आंकड़े को लेकर एक असंगति दिखाई देती है, क्योंकि दिए गए विवरण में वित्त वर्ष 2025 का मुनाफा भी ₹79.6 करोड़ लिखा गया है, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 33.8% वृद्धि के साथ ₹79.6 करोड़ बताया गया है। इसलिए निवेशकों को अंतिम निर्णय से पहले कंपनी के आधिकारिक IPO दस्तावेजों में वित्तीय आंकड़ों की पुष्टि करनी चाहिए।
IPO के मर्चेंट बैंकर कौन हैं?
Gaja Capital IPO के लिए JM Financial और IIFL Financial Services मर्चेंट बैंकर हैं। कंपनी को अपने इश्यू के लिए अक्टूबर 2025 में SEBI से मंजूरी मिलने की जानकारी दी गई थी।
SEBI की मंजूरी मिलने के बाद अब कंपनी ने प्राइस बैंड और IPO की तारीखों की घोषणा कर दी है। ऐसे में 19 अगस्त से शुरू होने वाले इस इश्यू पर रिटेल और संस्थागत निवेशकों की नजर रहेगी।
निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
Gaja Capital IPO में निवेश करने से पहले सिर्फ प्राइस बैंड या संभावित लिस्टिंग गेन को आधार नहीं बनाना चाहिए। निवेशकों को कंपनी के बिजनेस मॉडल, वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन, भविष्य की कमाई की क्षमता और आईपीओ से जुटाई जाने वाली रकम के इस्तेमाल को समझना जरूरी है।
खास तौर पर ₹372 करोड़ के फंड्स और ब्रिज लोन से जुड़े भुगतान के उद्देश्य को निवेशकों को ध्यान से देखना चाहिए। इसके अलावा OFS के तहत मौजूदा शेयरधारकों द्वारा शेयर बेचने का कारण और प्रमोटर होल्डिंग में संभावित बदलाव भी IPO दस्तावेजों के आधार पर समझना उपयोगी रहेगा।
लिस्टिंग के बाद शेयर बाजार में कंपनी के शेयर का प्रदर्शन उसके इश्यू प्राइस से अलग हो सकता है। इसलिए केवल यह उम्मीद करना कि शेयर प्रीमियम पर लिस्ट होगा, निवेश का पर्याप्त आधार नहीं माना जाना चाहिए।
Gaja Capital IPO: एक नजर में
Gaja Capital IPO 19 अगस्त 2026 से 21 अगस्त 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए उपलब्ध रहेगा। कंपनी ने ₹152-₹160 प्रति शेयर का प्राइस बैंड रखा है और 93 शेयरों का लॉट साइज तय किया है। कुल ₹550 करोड़ के इश्यू में ₹450 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹100 करोड़ का OFS शामिल है।
कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा स्पॉन्सर कमिटमेंट्स और ब्रिज लोन से संबंधित भुगतान में इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि आईपीओ को बाजार से कैसी प्रतिक्रिया मिलती है और 26 अगस्त को NSE तथा BSE पर इसकी लिस्टिंग किस स्तर पर होती है।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार और IPO में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी IPO में निवेश करने से पहले कंपनी के DRHP/RHP और अन्य आधिकारिक दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें तथा अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता के अनुसार विशेषज्ञ से सलाह लें। NewsJagran किसी निवेशक को किसी शेयर या IPO में पैसा लगाने की सलाह नहीं देता।


