Ayushman Card Online Apply: अगर आप प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के पात्र लाभार्थी हैं और अभी तक आपका आयुष्मान कार्ड नहीं बना है, तो आपके लिए अच्छी खबर है। आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए हर बार किसी सरकारी कार्यालय या अस्पताल के चक्कर लगाना जरूरी नहीं है। पात्र लाभार्थी डिजिटल माध्यम से भी कार्ड बनवाने और डाउनलोड करने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों को अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में निर्धारित शर्तों के अनुसार प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर दिया जाता है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र परिवारों को महंगे इलाज के खर्च से राहत देना है।
कई लोग ऐसे हैं जो योजना के पात्र होने के बावजूद अभी तक अपना आयुष्मान कार्ड नहीं बनवा पाए हैं। ऐसे लाभार्थियों के लिए WhatsApp आधारित सुविधा उपयोगी हो सकती है। हालांकि, कार्ड बनवाने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आपका नाम योजना के लाभार्थी रिकॉर्ड में मौजूद है और आप संबंधित पात्रता मानदंड को पूरा करते हैं।
WhatsApp से आयुष्मान कार्ड कैसे बनाएं?
अगर आप पात्र लाभार्थी हैं और WhatsApp के माध्यम से आयुष्मान कार्ड की प्रक्रिया पूरी करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए चरणों को फॉलो कर सकते हैं।
Step 1: WhatsApp खोलें
सबसे पहले अपने मोबाइल फोन में WhatsApp एप्लीकेशन खोलें। ध्यान रखें कि आपके फोन में इंटरनेट कनेक्शन सक्रिय होना चाहिए।
Step 2: आयुष्मान WhatsApp चैटबॉट से संपर्क करें
आयुष्मान भारत से संबंधित WhatsApp सेवा के लिए +91 72908 23838 नंबर को अपने मोबाइल में सेव करें। इसके बाद WhatsApp पर इस नंबर की चैट खोलें।
Step 3: Hi मैसेज भेजें
चैट खुलने के बाद इस नंबर पर Hi लिखकर मैसेज भेजें। इसके बाद आपको उपलब्ध सेवाओं से संबंधित विकल्प दिखाई दे सकते हैं।
Step 4: आयुष्मान कार्ड का विकल्प चुनें
WhatsApp चैटबॉट में उपलब्ध विकल्पों में से Ayushman Card से संबंधित विकल्प को चुनें। इसके बाद कार्ड बनाने या संबंधित सेवा का विकल्प दिखाई देगा।
Step 5: PM-JAY कार्ड के लिए आवेदन करें
इसके बाद Apply for PMJAY Card जैसे विकल्प का चयन करें। आगे की प्रक्रिया में आपसे पहचान और लाभार्थी से संबंधित जानकारी मांगी जा सकती है।
Step 6: आधार और मोबाइल नंबर से सत्यापन
आगे बढ़ने के लिए पात्र लाभार्थी को अपने आधार नंबर और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर की मदद से पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है।
Step 7: e-KYC पूरा करें
इसके बाद e-KYC की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसमें पहचान सत्यापन के लिए आवश्यक जानकारी मांगी जा सकती है। e-KYC सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद ही कार्ड डाउनलोड करने का विकल्प उपलब्ध हो सकता है।
Step 8: आयुष्मान कार्ड डाउनलोड करें
सत्यापन और e-KYC की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र लाभार्थी अपना डिजिटल आयुष्मान कार्ड डाउनलोड कर सकता है। कार्ड को मोबाइल में सुरक्षित रखने के साथ जरूरत पड़ने पर उसका प्रिंट भी निकलवाया जा सकता है।
अगर पहले से लाभार्थी हैं तो क्या कर सकते हैं?
अगर आपका नाम पहले से आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी रिकॉर्ड में है, लेकिन आपने अभी तक आयुष्मान कार्ड डाउनलोड नहीं किया है, तो डिजिटल माध्यम से कार्ड प्राप्त करने की सुविधा आपके लिए उपयोगी हो सकती है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि सिर्फ WhatsApp पर प्रक्रिया शुरू करने से कोई व्यक्ति योजना का पात्र नहीं बन जाता। पहले से योजना में पात्रता होना आवश्यक है। उपलब्ध सेवाएं और प्रक्रिया समय के साथ बदल भी सकती हैं, इसलिए आवेदन करते समय आधिकारिक सरकारी माध्यम से जानकारी की पुष्टि करना बेहतर है।
आयुष्मान कार्ड बनवाने के दूसरे तरीके
WhatsApp के अलावा आयुष्मान कार्ड से जुड़ी सेवाओं के लिए आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा सकता है। लाभार्थी National Health Authority के आधिकारिक Beneficiary Portal पर जाकर भी अपनी पात्रता और कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इसके अलावा, पात्र व्यक्ति नजदीकी PM-JAY से जुड़े अस्पताल या अधिकृत आयुष्मान केंद्र पर जाकर भी कार्ड बनवाने और e-KYC से संबंधित सहायता ले सकता है।
किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है?
आयुष्मान कार्ड की प्रक्रिया के दौरान पहचान सत्यापन के लिए आमतौर पर लाभार्थी से संबंधित जरूरी जानकारी मांगी जाती है। इसमें आधार कार्ड और मोबाइल नंबर प्रमुख हो सकते हैं।
हालांकि, वास्तविक दस्तावेज और सत्यापन की आवश्यकता लाभार्थी की स्थिति और उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर अलग हो सकती है। इसलिए आवेदन के दौरान पोर्टल या अधिकृत केंद्र पर मांगी गई जानकारी के अनुसार ही दस्तावेज उपलब्ध कराएं।
आयुष्मान भारत योजना में कितना लाभ मिलता है?
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर दिया जाता है। योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में पात्र लाभार्थियों को निर्धारित उपचार के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है।
यह सुविधा सामान्य स्वास्थ्य बीमा की तरह हर व्यक्ति को स्वतः उपलब्ध नहीं होती। इसका लाभ लेने के लिए व्यक्ति का योजना के पात्र लाभार्थी रिकॉर्ड में होना जरूरी है और इलाज भी योजना के तहत कवर होने वाली सेवाओं तथा निर्धारित नियमों के अनुसार होना चाहिए।
70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण
आयुष्मान भारत योजना में वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान हैं। 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य कवरेज देने की व्यवस्था की गई है।
ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को अपनी पात्रता और कार्ड बनवाने की प्रक्रिया के लिए आधिकारिक सरकारी पोर्टल या अधिकृत स्वास्थ्य केंद्र से जानकारी लेनी चाहिए।
कार्ड बनवाते समय इन बातों का रखें ध्यान
आयुष्मान कार्ड बनवाते समय किसी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध वेबसाइट को अपना आधार नंबर, OTP या बैंकिंग जानकारी न दें। सरकारी योजना के नाम पर साइबर ठगी के मामले सामने आते रहते हैं।
WhatsApp पर भी केवल आधिकारिक और सत्यापित सेवा का इस्तेमाल करें। किसी व्यक्ति को OTP बताने या पैसे भेजने से पहले पूरी तरह जांच कर लें। यदि कोई व्यक्ति आयुष्मान कार्ड बनाने के नाम पर अनावश्यक शुल्क मांगता है, तो पहले उसकी अधिकृतता की पुष्टि करें।
आधिकारिक वेबसाइट से भी ले सकते हैं जानकारी
लाभार्थी आयुष्मान भारत योजना से जुड़ी जानकारी और उपलब्ध सेवाओं के लिए National Health Authority के आधिकारिक Beneficiary Portal का इस्तेमाल कर सकते हैं:
beneficiary.nha.gov.in
यहां लाभार्थी अपनी पात्रता, कार्ड और योजना से संबंधित उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
निष्कर्ष
आयुष्मान भारत योजना के पात्र लाभार्थियों के लिए डिजिटल माध्यम से आयुष्मान कार्ड बनवाने या डाउनलोड करने की प्रक्रिया काफी सुविधाजनक हो सकती है। WhatsApp आधारित सेवा के जरिए घर बैठे प्रक्रिया शुरू की जा सकती है, जबकि जरूरत पड़ने पर अधिकृत अस्पताल या सरकारी पोर्टल की मदद भी ली जा सकती है।
ध्यान रखें कि आयुष्मान कार्ड का लाभ केवल पात्र लाभार्थियों को ही मिलता है। इसलिए आवेदन करने से पहले अपनी पात्रता की जांच करें और कार्ड बनवाने के लिए केवल आधिकारिक सरकारी माध्यमों का इस्तेमाल करें।


