Direct Tax Collection: चालू वित्त वर्ष में सरकार के डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली है। 10 अगस्त तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन सालाना आधार पर 23.09% बढ़कर ₹8.11 लाख करोड़ पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा करीब ₹6.59 लाख करोड़ था। वहीं, ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन भी करीब 20% बढ़कर ₹9.55 लाख करोड़ हो गया है।
सरकार की टैक्स कमाई में बढ़ोतरी को अर्थव्यवस्था में गतिविधियों, कंपनियों की आय और शेयर बाजार में बढ़े लेनदेन से जोड़कर देखा जा रहा है। खास बात यह है कि सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स यानी STT कलेक्शन में करीब 51% की तेजी दर्ज की गई है।
नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 23% बढ़ा
Data on Gross Direct Tax (DT) collections, Refunds and Net Direct Tax (DT) collections for FY 2026-27 as on 10.08.2026 has been released.
The data is available on the national website of Income Tax Department at the following link:https://t.co/B2Vfz5fRJZ pic.twitter.com/wPav8aUOBl
— Income Tax India (@IncomeTaxIndia) August 11, 2026 सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 10 अगस्त तक चालू वित्त वर्ष में नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन ₹8.11 लाख करोड़ रहा। यह पिछले साल की समान अवधि के ₹6.59 लाख करोड़ के मुकाबले 23.09% अधिक है।
इस आंकड़े में इनकम टैक्स और कॉरपोरेट टैक्स समेत डायरेक्ट टैक्स की अलग-अलग श्रेणियों से मिलने वाला राजस्व शामिल है। टैक्स कलेक्शन में बढ़ोतरी के साथ सरकार की ओर से टैक्स रिफंड भी जारी किए गए हैं।
10 अगस्त तक सरकार ने करीब ₹1.43 लाख करोड़ के टैक्स रिफंड जारी किए। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 3.79% अधिक है।
ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन ₹9.55 लाख करोड़
रिफंड को घटाने से पहले यानी ग्रॉस आधार पर डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन भी तेजी से बढ़ा है। 10 अगस्त तक ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन ₹9.55 लाख करोड़ रहा।
पिछले साल इसी अवधि में ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन करीब ₹7.97 लाख करोड़ था। यानी एक साल में इसमें लगभग ₹1.57 लाख करोड़ की बढ़ोतरी हुई है।
यह आंकड़ा कंपनियों के साथ-साथ व्यक्तिगत करदाताओं और दूसरी संस्थाओं से मिलने वाले टैक्स को भी दर्शाता है।
कॉरपोरेट टैक्स से भी बढ़ी सरकार की कमाई
सरकार की डायरेक्ट टैक्स कमाई में कॉरपोरेट टैक्स का भी अहम योगदान रहा है। आंकड़ों के अनुसार, नेट कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन बढ़कर ₹2.70 लाख करोड़ हो गया है। पिछले साल 10 अगस्त तक यह करीब ₹2.26 लाख करोड़ था।
इस तरह नेट कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन में करीब ₹44,000 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है।
ग्रॉस आधार पर कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन भी बढ़कर ₹3.80 लाख करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹3.32 लाख करोड़ था।
नॉन-कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन भी बढ़ा
नॉन-कॉरपोरेट टैक्स से मिलने वाले राजस्व में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई है। 10 अगस्त तक नेट नॉन-कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन ₹5.07 लाख करोड़ रहा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह ₹4.11 लाख करोड़ था।
इस श्रेणी में व्यक्तिगत करदाताओं समेत कई अन्य स्रोतों से मिलने वाला डायरेक्ट टैक्स शामिल होता है।
ग्रॉस आधार पर नॉन-कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन भी बढ़ा है। यह पिछले साल के ₹4.43 लाख करोड़ से बढ़कर ₹5.41 लाख करोड़ हो गया।
STT कलेक्शन में करीब 51% का उछाल
शेयर बाजार में होने वाले लेनदेन पर सरकार सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स यानी STT वसूलती है। चालू वित्त वर्ष में इस मद से मिलने वाले राजस्व में काफी तेज बढ़ोतरी हुई है।
10 अगस्त तक नेट STT कलेक्शन ₹33,823.74 करोड़ रहा। पिछले साल की समान अवधि में यह ₹22,354.31 करोड़ था।
इस तरह STT कलेक्शन में करीब 51% की बढ़ोतरी हुई है। शेयर बाजार में बढ़े कारोबार और लेनदेन की मात्रा को इस उछाल की प्रमुख वजहों में गिना जा सकता है।
ग्रॉस आधार पर भी STT कलेक्शन ₹22,354.31 करोड़ से बढ़कर ₹33,823.74 करोड़ रहा।
किन स्रोतों से सरकार को मिला डायरेक्ट टैक्स?
डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में कंपनियों के अलावा कई दूसरी श्रेणियों के करदाताओं का भी योगदान होता है। इसमें व्यक्तिगत करदाता, कंपनियां, हिंदू अविभाजित परिवार यानी HUF, फर्म, एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स यानी AOP, बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स यानी BOI, स्थानीय निकाय और अन्य कानूनी संस्थाएं शामिल हैं।
इसलिए कुल डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन केवल कॉरपोरेट सेक्टर से मिलने वाले टैक्स को नहीं दर्शाता, बल्कि अर्थव्यवस्था के अलग-अलग हिस्सों से सरकार को मिलने वाले प्रत्यक्ष कर राजस्व को शामिल करता है।
टैक्स कलेक्शन बढ़ना क्यों है अहम?
डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में लगातार बढ़ोतरी सरकार के राजस्व के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इससे सरकार के पास विकास कार्यों, बुनियादी ढांचे और अन्य सार्वजनिक खर्चों के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होते हैं।
इस आंकड़े में खास तौर पर कॉरपोरेट टैक्स, नॉन-कॉरपोरेट टैक्स और STT से होने वाली कमाई में बढ़ोतरी दिखाई दे रही है। नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन का 23% से ज्यादा बढ़ना भी सरकार की राजस्व स्थिति में मजबूती को दर्शाता है।
हालांकि, पूरे वित्त वर्ष की तस्वीर सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन सरकार के पूरे साल के लक्ष्य के मुकाबले किस स्तर पर पहुंचता है।


