GeM Portal पर MSME कारोबारियों को बड़ा फायदा, महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों से भी हुई लाखों करोड़ की खरीद
GeM Portal News: सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल ने देश के छोटे और मध्यम कारोबारियों यानी MSMEs के लिए सरकारी बाजार तक पहुंच आसान बना दी है। पिछले दस वर्षों में GeM के जरिए ₹20 लाख करोड़ से अधिक की सरकारी खरीद की जा चुकी है। इसमें MSME सेक्टर की भागीदारी सबसे अहम रही है।
सरकार की डिजिटल खरीद प्रणाली ने छोटे व्यापारियों को बड़े सरकारी ऑर्डर हासिल करने का मौका दिया है। वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्गत संचालित GeM पोर्टल पर कुल खरीद का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा MSMEs से आता है।
GeM Portal पर ₹20 लाख करोड़ से अधिक की सरकारी खरीद
गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) की शुरुआत 9 अगस्त 2016 को सरकारी खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाने के उद्देश्य से की गई थी। शुरुआत के समय वित्त वर्ष 2016-17 में GeM के माध्यम से केवल ₹422 करोड़ की खरीद हुई थी।
लेकिन पिछले कुछ वर्षों में पोर्टल पर कारोबार तेजी से बढ़ा है। वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 में GeM के माध्यम से लगभग ₹5-5 लाख करोड़ की सरकारी खरीद दर्ज की गई।
आज इस पोर्टल के जरिए केंद्र सरकार के मंत्रालय, विभाग, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां और अन्य सरकारी संस्थाएं वस्तुओं और सेवाओं की खरीद करती हैं।
MSMEs से हुई ₹9.07 लाख करोड़ की खरीद
GeM के CEO मिहिर कुमार के अनुसार, पोर्टल की स्थापना के बाद से अब तक MSMEs से करीब ₹9.07 लाख करोड़ की खरीद की गई है।
इसमें महिलाओं द्वारा संचालित MSMEs की भी बड़ी भागीदारी रही है। महिला उद्यमियों के नेतृत्व वाले छोटे उद्योगों से लगभग ₹2.24 लाख करोड़ की सरकारी खरीद की गई है।
यह आंकड़ा दिखाता है कि डिजिटल सरकारी खरीद व्यवस्था ने महिला उद्यमियों और छोटे कारोबारियों के लिए नए अवसर पैदा किए हैं।
GeM का अगला लक्ष्य क्या है?
GeM अब अपनी पहुंच को और बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। CEO मिहिर कुमार ने बताया कि आने वाले समय में पोर्टल का फोकस शहरी स्थानीय निकायों और ग्राम पंचायत स्तर तक सरकारी खरीद को डिजिटल बनाना है।
इससे गांवों और छोटे शहरों के व्यापारियों को भी सरकारी खरीद प्रक्रिया से जुड़ने का मौका मिलेगा।
इसके अलावा GeM को और आधुनिक बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
AI बताएगा बाजार की मांग, कारोबारियों को मिलेगा फायदा
GeM पर AI और ML आधारित सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं, जिससे विक्रेताओं को यह जानकारी मिल सकेगी कि किसी उत्पाद की सालभर में कितनी मांग रह सकती है।
इससे MSME कारोबारी पहले से उत्पादन की योजना बना सकेंगे और बाजार की जरूरत के अनुसार अपना स्टॉक तैयार कर पाएंगे।
सरकार का मानना है कि इससे छोटे व्यापारियों की बिक्री बढ़ेगी और उन्हें सरकारी बाजार में बेहतर अवसर मिलेंगे।
क्या है GeM Portal?
GeM यानी Government e-Marketplace (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) भारत सरकार का ऑनलाइन खरीद प्लेटफॉर्म है।
इसका उपयोग सरकारी विभागों, मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं द्वारा जरूरी सामान और सेवाओं की खरीद के लिए किया जाता है।
इस प्लेटफॉर्म पर छोटे से लेकर बड़े सभी कारोबारी अपने उत्पाद और सेवाएं बेच सकते हैं।
GeM से कारोबारियों को मिलने वाले फायदे
1. सरकारी बाजार तक सीधी पहुंच
पहले छोटे व्यापारियों के लिए सरकारी विभागों तक पहुंच बनाना मुश्किल होता था। GeM ने इस प्रक्रिया को ऑनलाइन और आसान बना दिया है।
2. पारदर्शी खरीद प्रक्रिया
GeM पर खरीदारी डिजिटल तरीके से होती है, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ती है और छोटे कारोबारियों को समान अवसर मिलता है।
3. MSMEs को बड़े ऑर्डर का मौका
छोटे और मध्यम उद्योग सरकारी संस्थाओं को सीधे अपने उत्पाद बेच सकते हैं।
4. महिला उद्यमियों को बढ़ावा
महिलाओं द्वारा संचालित MSMEs को भी सरकारी खरीद में बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
5. देशभर के ग्राहकों तक पहुंच
GeM से जुड़ने के बाद व्यापारी देश के अलग-अलग सरकारी विभागों तक अपने उत्पाद पहुंचा सकते हैं।
MSME कारोबारियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है GeM?
भारत में MSME सेक्टर रोजगार और आर्थिक विकास का बड़ा आधार है। GeM जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म छोटे व्यापारियों को बड़े बाजार से जोड़ने में मदद कर रहे हैं।
आने वाले वर्षों में AI आधारित सुविधाओं, पंचायत स्तर तक विस्तार और सरकारी खरीद के बढ़ते डिजिटलीकरण से MSME कारोबारियों को और अधिक अवसर मिलने की उम्मीद है।


