UPI Payment Charges: यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) से भुगतान करने वाले करोड़ों ग्राहकों और छोटे व्यापारियों के लिए राहत की खबर है। पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) ने साफ कर दिया है कि UPI ट्रांजैक्शन पर ग्राहकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। डिजिटल पेमेंट की सुविधा पहले की तरह मुफ्त जारी रहेगी।
Highlights
- UPI से पेमेंट करना ग्राहकों के लिए पूरी तरह मुफ्त रहेगा।
- छोटे दुकानदारों से डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने के लिए कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा।
- Merchant Service Charge (MSC) अगर लागू होता है तो यह व्यापारी और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर के बीच का मामला होगा।
- UPI सिस्टम को मजबूत बनाए रखने के लिए बैंक, फिनटेक कंपनियां, NPCI और RBI लगातार निवेश कर रहे हैं।
UPI Payment पर नहीं लगेगा कोई चार्ज
नई दिल्ली। देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने वाले UPI सिस्टम को लेकर यूजर्स की चिंता अब दूर हो गई है। पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने स्पष्ट किया है कि आम ग्राहकों को UPI से भुगतान करने के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं देना होगा।
काउंसिल ने कहा कि UPI ट्रांजैक्शन ग्राहकों के लिए मुफ्त बना रहेगा और छोटे व्यापारियों से भी डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। इससे करोड़ों UPI यूजर्स और छोटे दुकानदारों को राहत मिली है।
Merchant Service Charge को लेकर क्या है नियम?
हाल के दिनों में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि भविष्य में UPI पेमेंट पर शुल्क लगाया जा सकता है। इसके बाद ग्राहकों और व्यापारियों के बीच चिंता बढ़ गई थी।
पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि अगर किसी स्थिति में Merchant Service Charge (MSC) लागू होता है तो वह केवल व्यापारी और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर के बीच होने वाला व्यावसायिक समझौता होगा।
इसका सीधा मतलब यह है कि ग्राहक से UPI इस्तेमाल करने के लिए कोई पैसा नहीं लिया जाएगा।
PCI ने दिया बड़ा बयान
पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने अपने बयान में कहा कि ग्राहकों के लिए UPI हमेशा मुफ्त रहेगा। छोटे व्यापारियों से डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
काउंसिल के मुताबिक, UPI की बेहतर सेवाओं को बनाए रखने के लिए बैंक, फिनटेक कंपनियां, NPCI और भारतीय रिजर्व बैंक लगातार टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी, फ्रॉड रोकने और नए फीचर्स विकसित करने में निवेश कर रहे हैं।
दुनिया का सबसे बड़ा रियल टाइम पेमेंट सिस्टम है UPI
UPI भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था का सबसे बड़ा आधार बन चुका है। यह दुनिया के सबसे बड़े रियल टाइम पेमेंट सिस्टम में शामिल है और हर महीने अरबों लेनदेन को प्रोसेस करता है।
UPI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाए रखने की जरूरत भी बढ़ रही है। इसी वजह से सिस्टम को लंबे समय तक बेहतर तरीके से चलाने के लिए अलग-अलग विकल्पों पर चर्चा होती रहती है।
हालांकि, इसका असर आम ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा और UPI पेमेंट पहले की तरह मुफ्त रहेगा।
वित्त मंत्री ने भी दी थी सफाई
UPI चार्ज को लेकर उठी चर्चाओं के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी स्पष्ट किया था कि अगर किसी डिजिटल पेमेंट पर Merchant Discount Rate (MDR) जैसी व्यवस्था लागू होती है तो उसका भार ग्राहक पर नहीं डाला जाएगा।
उन्होंने कहा था कि डिजिटल भुगतान से जुड़े किसी भी शुल्क का संबंध व्यापारियों और पेमेंट सिस्टम के बीच हो सकता है, लेकिन आम लोगों को UPI इस्तेमाल करने के लिए अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होगा।
छोटे दुकानदारों को बड़ी राहत
भारत में लाखों छोटे दुकानदार, किराना स्टोर, रेहड़ी-पटरी वाले और छोटे कारोबारी UPI के जरिए भुगतान स्वीकार करते हैं। अगर UPI पर सीधे शुल्क लगता तो इसका असर छोटे व्यापारियों और ग्राहकों दोनों पर पड़ सकता था।
PCI के बयान के बाद छोटे व्यापारियों को राहत मिली है कि वे बिना किसी अतिरिक्त चिंता के डिजिटल भुगतान स्वीकार करना जारी रख सकेंगे।
निष्कर्ष
UPI भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया के स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया है कि आम ग्राहकों को UPI भुगतान के लिए कोई चार्ज नहीं देना होगा। डिजिटल पेमेंट की सुविधा आगे भी मुफ्त जारी रहने की उम्मीद है, जिससे कैशलेस इकोनॉमी को और बढ़ावा मिलेगा।


